मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे भारी: ओलावृष्टि, गरज और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट

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मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे भारी: ओलावृष्टि, गरज और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट

सारांश

मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों पर अगले 24 घंटे भारी पड़ने वाले हैं — IMD ने 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ, ओलावृष्टि और गरज की चेतावनी जारी की है। कश्मीर से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हरियाणा-राजस्थान तक फैले निम्न दबाव क्षेत्र के चलते 9 मई तक तूफानी मौसम बने रहने का अनुमान है।

मुख्य बातें

IMD ने 5 मई 2026 को मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों के लिए गरज, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की।
सिवनी, बालाघाट, मंडला, दिंडोरी सहित कई जिलों में हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुँचने का अनुमान।
खंडवा, खरगोन, दतिया, सिंगरौली, छतरपुर और अन्य जिलों में ओलावृष्टि की विशेष संभावना।
किसानों को फसल ढकने या समय से पहले कटाई करने की सलाह; पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने का निर्देश।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण 9 मई तक तूफानी गतिविधियाँ जारी रहने और 10 मई से नए विक्षोभ के आने की संभावना।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 मई 2026 को जारी बुलेटिन में चेतावनी दी है कि मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर गरज, बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। हवा की रफ्तार कुछ क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुँचने का अनुमान है, जिससे खड़ी फसलों, पशुओं और नाजुक संरचनाओं को नुकसान की आशंका जताई गई है।

किन जिलों में सबसे अधिक खतरा

सिवनी, बालाघाट, मंडला, कान्हा, दिंडोरी, अनूपपुर, अमरकंटक, दक्षिण उमरिया, दक्षिण शहडोल, पूर्वी ग्वालियर और भिंड में मध्यम गरज के साथ बिजली और ओलावृष्टि की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है।

मुरैना, पश्चिम ग्वालियर, दतिया, उत्तर उमरिया, उत्तर शहडोल, छतरपुर, दक्षिण सीधी और दक्षिण शहडोल में शाम के समय हल्की गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

तेज हवाओं की चपेट में आने वाले जिले

IMD के बुलेटिन के अनुसार, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, बड़वानी, धार, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, सतना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, सागर और अन्य जिलों के कुछ हिस्सों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चल सकती हैं।

इंदौर, शाजापुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया, डिंडोरी, कटनी और दमोह में 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं का अनुमान है। खंडवा, खरगोन, दतिया, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओलावृष्टि की विशेष संभावना बताई गई है।

किसानों और नागरिकों के लिए सलाह

IMD के बुलेटिन में स्पष्ट किया गया है कि ओलावृष्टि से खड़ी फसलों, फलों, सब्जियों और नाजुक इमारतों को नुकसान पहुँच सकता है। किसानों को फसलों को ढकने या जहाँ संभव हो, समय से पहले कटाई करने जैसे सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने और वाहनों को ढककर रखने की भी हिदायत दी गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहें, बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें और पेड़ों या बिजली की तारों के नजदीक शरण लेने से बचें।

मौसमी कारण और आगे की स्थिति

IMD के अनुसार, कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिसके निम्न दबाव क्षेत्र हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैले हुए हैं। इन मौसमी प्रणालियों के कारण 9 मई तक राज्य भर में तूफानी गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है।

इसके अलावा, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 10 मई से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने का अनुमान है, जिसका असर उत्तरी भारत के मौसम पर भी पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के किसान रबी फसल की कटाई के अंतिम चरण में हैं, जिससे नुकसान की आशंका और बढ़ जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राज्य में फसल बीमा दावों के निपटारे की प्रक्रिया अभी भी धीमी बनी हुई है। IMD की चेतावनी प्रणाली में सुधार हुआ है, पर ज़मीनी स्तर पर किसानों तक समय पर सूचना पहुँचाने की व्यवस्था अभी भी अपर्याप्त है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट कब तक के लिए है?
IMD के अनुसार, मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटों में तेज हवाएँ, ओलावृष्टि और गरज की संभावना है और 9 मई 2026 तक तूफानी गतिविधियाँ जारी रहने का अनुमान है।
किन जिलों में ओलावृष्टि की सबसे अधिक संभावना है?
खंडवा, खरगोन, दतिया, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओलावृष्टि की विशेष संभावना बताई गई है। इसके अलावा सिवनी, बालाघाट और मंडला में भी मध्यम गरज के साथ ओले गिर सकते हैं।
इस मौसमी बदलाव का किसानों पर क्या असर पड़ सकता है?
IMD के बुलेटिन के अनुसार, ओलावृष्टि से खड़ी फसलों, फलों और सब्जियों को नुकसान पहुँच सकता है। किसानों को फसल ढकने या जहाँ संभव हो समय से पहले कटाई करने की सलाह दी गई है।
इस मौसम के पीछे क्या कारण है?
कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है, जिसके निम्न दबाव क्षेत्र हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैले हुए हैं। 10 मई से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की भी संभावना है।
आंधी-तूफान के दौरान नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
IMD ने नागरिकों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहें, बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें और पेड़ों या बिजली की तारों के पास शरण लेने से बचें। वाहनों को ढककर रखें और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
राष्ट्र प्रेस
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