मध्य प्रदेश में मौसम का विरोधाभास: 11 जिलों में आंधी-बारिश अलर्ट, 44 जिलों में 42-43°C तक पहुँचेगा पारा

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मध्य प्रदेश में मौसम का विरोधाभास: 11 जिलों में आंधी-बारिश अलर्ट, 44 जिलों में 42-43°C तक पहुँचेगा पारा

सारांश

मध्य प्रदेश में इस वक्त मौसम दो चेहरे दिखा रहा है — उत्तरी और पूर्वी जिलों में 60 किमी/घंटा की रफ्तार वाली आंधी और बिजली, और बाकी 44 जिलों में 42-43°C की झुलसाती गर्मी। IMD ने 11 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, जबकि 9-10 मई से लू की तीव्रता और बढ़ने की चेतावनी है।

मुख्य बातें

भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र ने 7 मई को प्रदेश भर में मौसम की भारी विषमता की पुष्टि की।
IMD ने ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज — कुल 11 जिलों के लिए आंधी-बिजली और 40-50 किमी/घंटा हवाओं का अलर्ट जारी किया।
राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान नरसिंहपुर में 42.2°C और सबसे कम अमरकंटक में 33°C दर्ज हुआ।
44 जिलों में दिन का तापमान 42-43°C तक पहुँचने का अनुमान; निवाड़ी, छतरपुर, रतलाम, नीमच में तेज बढ़ोतरी की संभावना।
9-10 मई से गर्मी की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि और 10 मई से नया मौसम तंत्र सक्रिय होने का अनुमान।
ग्वालियर हवाई अड्डे पर हवा की रफ्तार 67 किमी/घंटा तक दर्ज; गोहद में 9.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड।

भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने 7 मई को जानकारी दी कि मध्य प्रदेश में इस समय मौसम का तीव्र विरोधाभास देखा जा रहा है — जहाँ उत्तरी और पूर्वी जिलों में आंधी-तूफान और बारिश की स्थिति है, वहीं राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी निवासियों को परेशान कर रही है। पिछले 24 घंटों में ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभागों के कुछ स्थानों पर आंधी और बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश अन्य क्षेत्र सूखे रहे।

मुख्य मौसम घटनाक्रम

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार शाम श्योपुर कलां, कूनो नेशनल पार्क और मुरैना जिले के दक्षिणी हिस्सों में बिजली कड़कने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएँ चलने के साथ मध्यम दर्जे के आंधी-तूफान की संभावना जताई गई। इसके अतिरिक्त, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, पेंच, सिवनी के दक्षिणी हिस्सों, ग्वालियर के पश्चिमी हिस्सों, शिवपुरी और गुना के उत्तरी हिस्सों में भी हल्के आंधी-तूफान की आशंका है।

बारिश के आँकड़ों की बात करें तो गोहद में 9.5 मिमी, बालाघाट में 9.4 मिमी और वारासिवनी में 7.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। ग्वालियर हवाई अड्डे पर हवाओं की रफ्तार 67 किलोमीटर प्रति घंटा और बैतूल में 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।

तापमान की स्थिति

अधिकतम तापमान में बहुत कम बदलाव दर्ज हुआ, लेकिन कई संभागों में यह सामान्य से काफी नीचे बना रहा। ग्वालियर और रीवा में तापमान सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा, जबकि भोपाल, इंदौर और जबलपुर संभागों में यह औसत से 1.6 से 2.9 डिग्री कम रहा।

न्यूनतम तापमान में भी गिरावट देखी गई। भोपाल में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.3 डिग्री कम रहा। गुरुवार के मौसम बुलेटिन के अनुसार, सबसे कम न्यूनतम तापमान अमरकंटक में 16.1 डिग्री सेल्सियस और सबसे अधिक न्यूनतम तापमान श्योपुर में 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अमरकंटक 33 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान बना रहा।

11 जिलों के लिए अलर्ट जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जिलोंग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज — के लिए आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इस मौसमी उथल-पुथल का कारण पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और एक ट्रफ लाइन के संयुक्त प्रभाव को बताया है।

आम जनता पर असर और आगे का पूर्वानुमान

गौरतलब है कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर सहित 44 जिलों में दिन का तापमान बढ़कर 42-43 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना है। विशेष रूप से निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर में तापमान में तेज बढ़ोतरी का अनुमान है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी और पूर्वी जिलों में अगले दो दिनों तक आंधी और हल्की बारिश जारी रह सकती है, लेकिन 9 और 10 मई से गर्मी की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। 10 मई से एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने का अनुमान है जिसका प्रभाव अगले दो दिनों में और अधिक स्पष्ट होगा। निवासियों को पर्याप्त पानी पीते रहने और दोपहर के सबसे गर्म घंटों में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर 44 जिलों में 43°C तक पहुँचती गर्मी — दोनों स्थितियाँ एक साथ प्रशासनिक संसाधनों पर दबाव डालती हैं। गौरतलब है कि मई की शुरुआत में इस स्तर की लू की तीव्रता और उसके साथ-साथ तूफानी मौसम का संयोजन असामान्य है, जो जलवायु परिवर्तन के बदलते पैटर्न की ओर इशारा करता है। निवासियों को दी गई सावधानी की सलाह तब तक अधूरी है जब तक स्थानीय प्रशासन सार्वजनिक स्थानों पर पानी और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करता।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में 7 मई को मौसम की क्या स्थिति है?
7 मई को मध्य प्रदेश में दोहरा मौसम देखा जा रहा है — उत्तरी और पूर्वी जिलों में आंधी-तूफान और बारिश, जबकि अधिकांश अन्य जिलों में 42-43°C तक की भीषण गर्मी। IMD ने 11 जिलों के लिए आंधी-बिजली का विशेष अलर्ट जारी किया है।
IMD ने किन 11 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज के लिए आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश में सबसे अधिक और सबसे कम तापमान कहाँ दर्ज हुआ?
7 मई को राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान नरसिंहपुर में 42.2°C दर्ज किया गया, जबकि अमरकंटक 33°C के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा। न्यूनतम तापमान में अमरकंटक में 16.1°C और श्योपुर में 26.2°C दर्ज हुआ।
9 और 10 मई के बाद मध्य प्रदेश के मौसम में क्या बदलाव आएगा?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 9-10 मई से गर्मी की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। 10 मई से एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने का अनुमान है जिसका प्रभाव अगले दो दिनों में और अधिक स्पष्ट होगा।
इस मौसमी उथल-पुथल का कारण क्या है?
IMD के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और एक ट्रफ लाइन के संयुक्त प्रभाव से उत्तरी और पूर्वी जिलों में आंधी-तूफान की स्थिति बनी है। इसी दौरान अन्य क्षेत्रों में शुष्क और गर्म हवाएँ लू की स्थिति बनाए हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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