मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी: खजुराहो में 44.8°C, 2 मई के बाद मौसम बदलाव का अनुमान

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मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी: खजुराहो में 44.8°C, 2 मई के बाद मौसम बदलाव का अनुमान

सारांश

मध्य प्रदेश में गर्मी का कहर जारी है — खजुराहो में 44.8°C के साथ राज्य का अब तक का सर्वाधिक तापमान दर्ज हुआ। IMD ने 10 से अधिक जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है और 2 मई के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के आने से तूफानी हवाओं व बिजली गिरने की आशंका भी जताई है।

Key Takeaways

  • खजुराहो में 44.8°C तापमान दर्ज, जो मध्य प्रदेश का अब तक का सर्वाधिक अधिकतम तापमान है।
  • भोपाल में पारा 43.6°C तक पहुँचा, सामान्य से 2.6°C अधिक।
  • विदिशा, रायसेन, रतलाम, गुना, सतना सहित 10 से अधिक जिलों में भीषण लू की स्थिति।
  • ग्वालियर, मोरेना, सिंगरौली, रीवा समेत पूर्वी-उत्तरी जिलों में 40–50 किमी/घंटा की तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा।
  • अगले 3 दिनों में 2°C की क्रमिक गिरावट, फिर 2 मई के आसपास नए पश्चिमी विक्षोभ से तापमान में पुनः वृद्धि संभव।
  • IMD ने दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप से बचने और किसानों को फसलों की तत्काल सिंचाई की सलाह दी।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने 29 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और संभावित वायुमंडलीय उथल-पुथल को लेकर अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के अनेक जिलों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुँच गया, जिसमें खजुराहो ने 44.8 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का अब तक का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया। भोपाल में भी पारा 43.6 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है।

प्रभावित जिले और तापमान की स्थिति

विदिशा, रायसेन, रतलाम, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दमोह और सागर सहित कई जिलों में भीषण लू की स्थिति बनी हुई है। उमरिया जिले में दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म हैं, जहाँ न्यूनतम तापमान असहनीय रूप से ऊँचा बना हुआ है। वहीं पहाड़ी क्षेत्र पचमढ़ी में राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मैदानी इलाकों की तुलना में कुछ राहत देता है।

मौसमी प्रणालियाँ और तूफानी हवाओं का खतरा

IMD के मौसम वैज्ञानिकों ने कई सक्रिय मौसमी प्रणालियों की पहचान की है — इनमें उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ और पंजाब तथा राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण शामिल हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की आशंका है। सीहोर में 52 किमी प्रति घंटा और भोपाल में 43 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएँ पहले ही दर्ज की जा चुकी हैं।

उच्च जोखिम वाले क्षेत्र

ग्वालियर, दतिया, भिंड, मोरेना, सिंगरौली, रीवा और पूर्वी एवं उत्तरी मध्य प्रदेश के आसपास के जिले सर्वाधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में चिह्नित किए गए हैं। भोपाल में आकाश मुख्यतः साफ रहने और हवा की औसत गति 14 से 16 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। तीव्र सौर विकिरण और तेज हवाओं के संयोजन से सार्वजनिक स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो रही है।

आम जनता और किसानों के लिए सलाह

मौसम विज्ञान केंद्र ने निवासियों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधी धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। किसानों को फसलों की नियमित सिंचाई सुनिश्चित करने और पशुओं को छायादार, हवादार आश्रयों में रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने मिट्टी में नमी की कमी को देखते हुए खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया है।

आगे कैसा रहेगा मौसम

IMD के अनुसार अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट का अनुमान है। इसके बाद लगभग 2 मई को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रवेश से तापमान में पुनः वृद्धि हो सकती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले सप्ताह में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव और बिजली गिरने के संभावित खतरों के लिए राज्य को तैयार रहना चाहिए।

Point of View

जो 'हीट स्ट्रेस' के संचयी प्रभाव को कई गुना बढ़ा देती है। 2 मई के बाद पश्चिमी विक्षोभ से राहत की उम्मीद तो है, लेकिन साथ में बिजली गिरने और तूफानी हवाओं का खतरा भी है — यानी एक आपदा की जगह दूसरी। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के पास अभी भी सक्रिय हीट-एक्शन प्लान को ज़मीन पर उतारने का मौका है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

मध्य प्रदेश में अभी तक का सबसे अधिक तापमान कहाँ दर्ज हुआ?
IMD के अनुसार 29 अप्रैल 2026 को खजुराहो में 44.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो मध्य प्रदेश का अब तक का सर्वाधिक अधिकतम तापमान है।
मध्य प्रदेश में 2 मई के बाद मौसम कैसा रहेगा?
IMD के अनुसार लगभग 2 मई के आसपास एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रवेश से तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है, लेकिन साथ ही गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का खतरा भी रहेगा।
मध्य प्रदेश के किन जिलों में सबसे अधिक गर्मी का खतरा है?
ग्वालियर, दतिया, भिंड, मोरेना, सिंगरौली, रीवा तथा पूर्वी और उत्तरी मध्य प्रदेश के जिले सर्वाधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में हैं। इसके अलावा विदिशा, रायसेन, रतलाम, गुना, सतना और सागर में भी भीषण लू की स्थिति है।
भीषण गर्मी में किसान अपनी फसलें कैसे बचाएँ?
IMD और अधिकारियों ने किसानों को फसलों की नियमित सिंचाई सुनिश्चित करने की सलाह दी है। मिट्टी में नमी की कमी को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप ज़रूरी बताया गया है, और पशुओं को छायादार व हवादार आश्रयों में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आम नागरिक लू से बचने के लिए क्या करें?
IMD ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सीधी धूप से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
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