पीएनबी ग्रेटर नोएडा फ्रॉड: ₹43 लाख के 3 दावे निपटाए, खाताधारकों के करोड़ों गायब होने के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने ग्रेटर नोएडा की सेक्टर पी-1 शाखा में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और बचत खातों से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए 30 अक्टूबर 2026 को बताया कि अब तक 3 दावों का निपटारा किया जा चुका है, जिनकी कुल राशि ₹43 लाख है। बैंक ने कहा कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और सभी वैध दावों का सम्मान किया जाएगा।
बैंक का आधिकारिक बयान
PNB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर कहा कि वह पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और संबंधित एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। बैंक के अनुसार, तथ्यों का सत्यापन, कथित अनियमितताओं की सीमा का आकलन और प्रभावित ग्राहकों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि वित्तीय धोखाधड़ी, अनियमितताओं और कदाचार के प्रति उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है, तो नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बैंक ने परिचालन की पारदर्शिता और आंतरिक नियंत्रण तंत्र को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।
प्रभावित खाताधारकों के गंभीर आरोप
ग्रेटर नोएडा की इस शाखा के कई ग्राहकों ने आरोप लगाया है कि उनके खातों से बिना अनुमति बड़ी-बड़ी रकमें निकाल ली गईं। खाताधारक सोनू का दावा है कि उनके खाते से करीब ₹90 लाख गायब हो गए; बैंक अधिकारियों ने कथित तौर पर उन्हें धनराशि के गायब होने के कारण बताए हैं और पैसा वापस करने का आश्वासन दिया है।
एक अन्य खाताधारक राहुल ने दावा किया कि उनकी माँ के खाते से लगभग ₹51 लाख बिना अनुमति निकाले गए। उनके अनुसार खाता किसी मोबाइल नंबर से लिंक नहीं था, इसलिए परिवार को लेनदेन का कोई अलर्ट नहीं मिला।
खाताधारक सोनू सागर ने आरोप लगाया कि उनके पिता के खाते में लगभग ₹88 लाख की राशि थी, जो घटकर केवल ₹1,290 रह गई। उनका कहना है कि यह कथित गबन कई वर्षों से जारी था।
बैंक की तत्काल कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद PNB ने शाखा के पूरे स्टाफ को बदल दिया और ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि समस्या के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ खाताधारकों का आरोप है कि शिकायत करने के बाद बैंक अधिकारियों ने पहले उन्हें एक-दो दिन बाद आने को कहा और बाद में शाखा पहुँचने पर वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध नहीं थे तथा सामान्य बैंकिंग गतिविधियाँ भी प्रभावित रहीं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत के सार्वजनिक बैंकिंग क्षेत्र में आंतरिक धोखाधड़ी की घटनाएँ बढ़ती चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि PNB पहले भी बड़े वित्तीय घोटालों के कारण सुर्खियों में रह चुका है।
पुलिस शिकायत और जांच की स्थिति
प्रभावित ग्राहकों ने मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल बैंक की ओर से जांच जारी है और प्रत्येक शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और अधिक दावों के निपटारे की प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है।