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पीएनबी ग्रेटर नोएडा फ्रॉड: ₹43 लाख के 3 दावे निपटाए, खाताधारकों के करोड़ों गायब होने के आरोप

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पीएनबी ग्रेटर नोएडा फ्रॉड: ₹43 लाख के 3 दावे निपटाए, खाताधारकों के करोड़ों गायब होने के आरोप

सारांश

ग्रेटर नोएडा की PNB शाखा में FD और बचत खातों से करोड़ों रुपए गायब होने के आरोप सामने आए हैं। बैंक ने ₹43 लाख के 3 दावे निपटाए हैं, पूरे स्टाफ को बदला है और जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला दिया है — लेकिन प्रभावित ग्राहकों की लंबी फेहरिस्त और पुलिस शिकायतें बड़े सवाल खड़े करती हैं।

मुख्य बातें

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने ग्रेटर नोएडा की सेक्टर पी-1 शाखा में FD और बचत खातों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच शुरू की है।
बैंक ने अब तक 3 दावों का निपटारा किया है, जिनकी कुल राशि ₹43 लाख है।
खाताधारक सोनू सागर का आरोप है कि उनके पिता के खाते में ₹88 लाख थे, जो घटकर केवल ₹1,290 रह गए।
खाताधारक राहुल ने दावा किया कि उनकी माँ के खाते से ₹51 लाख बिना अनुमति निकाले गए — खाता मोबाइल नंबर से लिंक न होने के कारण कोई अलर्ट नहीं मिला।
बैंक ने शाखा का पूरा स्टाफ बदला और वित्तीय धोखाधड़ी पर जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की।
प्रभावित ग्राहकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है; जांच जारी है।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने ग्रेटर नोएडा की सेक्टर पी-1 शाखा में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और बचत खातों से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए 30 अक्टूबर 2026 को बताया कि अब तक 3 दावों का निपटारा किया जा चुका है, जिनकी कुल राशि ₹43 लाख है। बैंक ने कहा कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और सभी वैध दावों का सम्मान किया जाएगा।

बैंक का आधिकारिक बयान

PNB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर कहा कि वह पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और संबंधित एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। बैंक के अनुसार, तथ्यों का सत्यापन, कथित अनियमितताओं की सीमा का आकलन और प्रभावित ग्राहकों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि वित्तीय धोखाधड़ी, अनियमितताओं और कदाचार के प्रति उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता साबित होती है, तो नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बैंक ने परिचालन की पारदर्शिता और आंतरिक नियंत्रण तंत्र को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है।

प्रभावित खाताधारकों के गंभीर आरोप

ग्रेटर नोएडा की इस शाखा के कई ग्राहकों ने आरोप लगाया है कि उनके खातों से बिना अनुमति बड़ी-बड़ी रकमें निकाल ली गईं। खाताधारक सोनू का दावा है कि उनके खाते से करीब ₹90 लाख गायब हो गए; बैंक अधिकारियों ने कथित तौर पर उन्हें धनराशि के गायब होने के कारण बताए हैं और पैसा वापस करने का आश्वासन दिया है।

एक अन्य खाताधारक राहुल ने दावा किया कि उनकी माँ के खाते से लगभग ₹51 लाख बिना अनुमति निकाले गए। उनके अनुसार खाता किसी मोबाइल नंबर से लिंक नहीं था, इसलिए परिवार को लेनदेन का कोई अलर्ट नहीं मिला।

खाताधारक सोनू सागर ने आरोप लगाया कि उनके पिता के खाते में लगभग ₹88 लाख की राशि थी, जो घटकर केवल ₹1,290 रह गई। उनका कहना है कि यह कथित गबन कई वर्षों से जारी था।

बैंक की तत्काल कार्रवाई

मामला सामने आने के बाद PNB ने शाखा के पूरे स्टाफ को बदल दिया और ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि समस्या के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ खाताधारकों का आरोप है कि शिकायत करने के बाद बैंक अधिकारियों ने पहले उन्हें एक-दो दिन बाद आने को कहा और बाद में शाखा पहुँचने पर वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध नहीं थे तथा सामान्य बैंकिंग गतिविधियाँ भी प्रभावित रहीं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत के सार्वजनिक बैंकिंग क्षेत्र में आंतरिक धोखाधड़ी की घटनाएँ बढ़ती चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि PNB पहले भी बड़े वित्तीय घोटालों के कारण सुर्खियों में रह चुका है।

पुलिस शिकायत और जांच की स्थिति

प्रभावित ग्राहकों ने मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल बैंक की ओर से जांच जारी है और प्रत्येक शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और अधिक दावों के निपटारे की प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अस्पष्ट है: स्टाफ बदला गया, जांच शुरू हुई — पर किसी की गिरफ्तारी या आंतरिक निलंबन की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। सबसे गंभीर सवाल यह है कि खाते मोबाइल से लिंक न होने के बावजूद वर्षों तक कथित गबन कैसे जारी रहा — यह बैंक की KYC और डिजिटल अलर्ट प्रणाली पर सीधा सवाल है। जब तक स्वतंत्र जांच और सत्यापन-योग्य वसूली तंत्र सामने नहीं आता, बैंक के आश्वासन पर्याप्त नहीं माने जा सकते।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PNB ग्रेटर नोएडा धोखाधड़ी मामला क्या है?
यह मामला ग्रेटर नोएडा की PNB सेक्टर पी-1 शाखा में FD और बचत खातों से बिना अनुमति बड़ी रकमें निकालने के आरोपों से जुड़ा है। कई खाताधारकों ने दावा किया है कि उनके खातों से करोड़ों रुपए तक की राशि गायब हो गई, और मामले की जांच जारी है।
बैंक ने अब तक कितनी राशि लौटाई है?
PNB ने अब तक 3 दावों का निपटारा किया है, जिनकी कुल राशि ₹43 लाख है। बैंक ने आश्वासन दिया है कि सभी वैध और वास्तविक दावों का सम्मान किया जाएगा।
क्या प्रभावित ग्राहकों ने पुलिस शिकायत दर्ज कराई है?
हाँ, प्रभावित खाताधारकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कुछ ग्राहकों का यह भी आरोप है कि शिकायत के बाद बैंक अधिकारी समय पर उपलब्ध नहीं थे और सामान्य बैंकिंग सेवाएँ भी प्रभावित रहीं।
बैंक ने मामले में क्या तत्काल कार्रवाई की?
PNB ने मामला सामने आने के बाद शाखा के पूरे स्टाफ को बदल दिया। बैंक ने गहन जांच शुरू की है, संबंधित एजेंसियों को सहयोग दिया जा रहा है और आंतरिक नियंत्रण तंत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई है।
खाताधारक राहुल के मामले में पैसे कैसे गायब हुए?
खाताधारक राहुल के अनुसार उनकी माँ का खाता किसी मोबाइल नंबर से लिंक नहीं था, जिस कारण परिवार को लेनदेन का कोई SMS अलर्ट नहीं मिला। उनका दावा है कि इसी का फायदा उठाकर खाते से लगभग ₹51 लाख बिना अनुमति निकाल लिए गए।
राष्ट्र प्रेस
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