केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माँ काशी बाई का निधन, जैत गाँव में दोपहर 3 बजे अंतिम संस्कार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माँ काशी बाई का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। चौहान ने स्वयं एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस दुखद समाचार की जानकारी साझा की। उनका अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम जैत, जिला सीहोर, मध्य प्रदेश में दोपहर 3 बजे निर्धारित है।
मंत्री चौहान का भावुक संदेश
शिवराज सिंह चौहान ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, "आज हमारे पूरे परिवार के लिए अत्यंत दुःख और पीड़ा का दिन है। हमारी पूज्य माताजी श्रीमती काशी बाई जी हमें छोड़कर अनंत की यात्रा पर प्रस्थान कर गई हैं।" उन्होंने आगे कहा कि माँ का जाना जीवन में एक ऐसी रिक्तता छोड़ जाता है जिसे कोई भर नहीं सकता, और ईश्वर से प्रार्थना की कि माताजी को अपने दिव्य धाम में स्थान प्रदान किया जाए।
नेताओं और सहयोगियों की संवेदनाएँ
मध्य प्रदेश सरकार में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह ने एक्स पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह समाचार अत्यंत पीड़ादायक है और माँ का जाना जीवन की ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसकी पीड़ा शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान एवं उनके समस्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं।
मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी एक्स पोस्ट के ज़रिए शोक जताया। उन्होंने काशी बाई के निधन को 'दुनिया की सबसे बड़ी क्षति' बताया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने जानकारी दी कि काशी बाई का निधन एम्स भोपाल में हुआ। उन्होंने ओडिशा सरकार के कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग की ओर से तथा अपनी व्यक्तिगत ओर से शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
अंतिम संस्कार का विवरण
चौहान की एक्स पोस्ट के अनुसार, माताजी काशी बाई का अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम जैत, जिला सीहोर, मध्य प्रदेश में दोपहर 3 बजे सम्पन्न होगा। यह स्थान मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के निकट है और चौहान परिवार की पैतृक भूमि है।
राजनीतिक जगत में शोक की लहर
गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्र सरकार में कृषि मंत्री हैं, जिस कारण उनसे जुड़ी इस दुखद खबर पर राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की व्यापक लहर देखी जा रही है। देशभर के नेताओं ने सोशल मीडिया पर संवेदनाएँ प्रकट की हैं। आने वाले दिनों में चौहान के आधिकारिक कार्यक्रमों पर इस व्यक्तिगत क्षति का असर पड़ सकता है।