जापान में AMRAAM मिसाइल असेंबली प्लांट पर अमेरिका-जापान सहमत, 'ऑपरेशन सुपरचार्ज' को मिली रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका और जापान ने 30 अक्टूबर 2026 को 'ऑपरेशन सुपरचार्ज' के तहत जापान में AMRAAM एयर-टू-एयर मिसाइल की फाइनल असेंबली और इंस्पेक्शन फैसिलिटी स्थापित करने पर औपचारिक सहमति जताई है। जापान ने इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मित्र देशों के बीच संयुक्त मिसाइल उत्पादन के लिए एक 'युगांतरकारी' कदम बताया है। यह घोषणा फिलीपींस के सेबू में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के दौरान की गई।
घोषणा और समझौते का विवरण
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने बुधवार को सेबू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस समझौते की जानकारी दी। उन्होंने यह ऐलान अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ द्विपक्षीय बैठक के तुरंत बाद किया।
कोइजुमी ने कहा, 'हम आखिरकार जापान में AMRAAM एयर-टू-एयर मिसाइल के लिए एक फाइनल असेंबली और इंस्पेक्शन फैसिलिटी स्थापित करने पर सहमत हो गए हैं। यह मिसाइल एफ-35 विमान के लिए बहुत जरूरी है। यह एक युगांतरकारी समझौता है, जो न केवल जापान और अमेरिका दोनों की जरूरत के उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, बल्कि जापान के रक्षा उद्योग आधार को भी मजबूत करेगा।'
एसएम-3 ब्लॉक टू-ए पर भी सहयोग
जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्ष एसएम-3 ब्लॉक टू-ए के उत्पादन को बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी साझा करने पर भी सहमत हुए हैं। एसएम-3 ब्लॉक टू-ए एक जहाज-आधारित बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर है, जिसे दोनों देशों ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। ये दोनों कदम 'ऑपरेशन सुपरचार्ज' का हिस्सा बताए गए हैं।
गौरतलब है कि कोइजुमी ने सबसे पहले 30 मई को सिंगापुर में हेगसेथ के साथ मुलाकात के दौरान यह प्रस्ताव रखा था। इस पहल का उद्देश्य 'एसएम-3 ब्लॉक टू-ए और AMRAAM जैसी मिसाइलों के संयुक्त विकास और उत्पादन सहित द्विपक्षीय प्रयासों में तेजी लाना' है।
पेंटागन का बयान और कुछ अनुत्तरित सवाल
पेंटागन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में AMRAAM सुविधा का कोई सीधा उल्लेख नहीं किया गया। बयान में कहा गया कि हेगसेथ ने 'जापान द्वारा अपनी रक्षा औद्योगिक क्षमता को मजबूत करने के प्रयासों का स्वागत किया, और दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण हथियारों के उत्पादन पर करीबी तालमेल बनाए रखने का संकल्प लिया।' बयान में रक्षा क्षेत्र में अधिक निवेश, पहुँच और उपस्थिति बढ़ाने, लाइव-फायर अभ्यास सहित व्यावहारिक प्रशिक्षण, तथा 'फर्स्ट आइलैंड चेन' में 'डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेशंस' पर चर्चा का भी जिक्र किया गया।
कोइजुमी ने जापानी औद्योगिक साझेदार, प्लांट की जगह, समय-सीमा या संभावित उत्पादन क्षमता के बारे में कोई विवरण साझा नहीं किया।
AMRAAM मिसाइल और रेथियॉन का अरबों डॉलर का अनुबंध
RTX की रेथियॉन द्वारा निर्मित AMRAAM मिसाइल को एफ-35 जैसे लड़ाकू विमानों और जमीन पर आधारित एयर डिफेंस सिस्टम से दागा जाता है। सितंबर 2026 में, पेंटागन ने रेथियॉन को $20.7 अरब तक का बहुवर्षीय AMRAAM अनुबंध दिया, जिसके तहत हर साल कम से कम 1,900 मिसाइलों का उत्पादन किया जाना है। जापान में लगने वाला यह प्लांट उत्पादन श्रृंखला में एक नया और रणनीतिक विस्तार होगा।
व्यापक रणनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह कदम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हथियारों के संयुक्त उत्पादन को बढ़ाने की अमेरिका की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन और उसके सहयोगियों ने चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मई की बैठक में दोनों नेताओं ने ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया था।
हाल के वर्षों में जापान ने रक्षा उपकरणों के निर्यात से जुड़े अपने नियमों में ढील दी है — एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव जिसकी जानकारी कोइजुमी ने मई में हेगसेथ को दी थी। जापान में AMRAAM प्लांट की स्थापना इन्हीं नीतिगत परिवर्तनों की अगली कड़ी मानी जा रही है।