30 अक्टूबर 2026
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शोपियां में जेल से संचालित आतंकी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 10 गिरफ्तार

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शोपियां में जेल से संचालित आतंकी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 10 गिरफ्तार

सारांश

शोपियां पुलिस ने जेलों से संचालित लश्कर-ए-तैयबा के फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया — 10 गिरफ्तार। ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर आम जनता से गुप्त रूप से फंड जुटाया जा रहा था और स्मार्टफोन समेत लॉजिस्टिक सपोर्ट आतंकियों तक पहुँचाया जा रहा था।

मुख्य बातें

शोपियां पुलिस ने 30 अक्टूबर 2026 को जेल से संचालित आतंकी फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया।
10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें ओवैस शफी नाइकू, तजामुल अहमद शाह और अन्य शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि अलग-अलग जेलों में बंद आतंकवादी ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के ज़रिए इस नेटवर्क को नियंत्रित कर रहे थे।
एकत्र फंड कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी गतिविधियों और लॉजिस्टिक सपोर्ट — जिसमें स्मार्टफोन शामिल — के लिए इस्तेमाल हो रहा था।
शोपियां पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज; जांच जारी, और गिरफ्तारियाँ संभव।

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में पुलिस ने 30 अक्टूबर 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जेलों से संचालित आतंकी फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और लश्कर-ए-तैयबा से कथित तौर पर जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग जेलों में बंद आतंकवादी ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के ज़रिए इस नेटवर्क को नियंत्रित कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

शोपियां पुलिस ने संदिग्ध वित्तीय नेटवर्कों की गहन जांच के बाद इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। जांच के दौरान विभिन्न ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए गए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया गया, जिससे धन प्रवाह के कई स्तरों का खुलासा हुआ। पुलिस के बयान के अनुसार, विभिन्न जेलों में बंद आतंकवादी और उनके बाहरी सहयोगी मिलकर इस फंडिंग नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

इस मामले में शोपियां पुलिस स्टेशन में कानून की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आगे की जांच जारी है और अधिकारियों के अनुसार और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची

पुलिस ने जिन 10 आरोपियों को हिरासत में लिया है, उनके नाम हैं: ओवैस शफी नाइकू, तजामुल अहमद शाह, मोइज इकबाल, इमदाद यूसुफ गनी, साकिब जहूर वानी, आमिर अहमद गनी, फिरदौस ठोकर, लियाकत नजीर लोन, मोहम्मद हनीफ और काजू।

फंड का इस्तेमाल और तरीका

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर आम जनता से गुप्त रूप से फंड इकट्ठा कर रहे थे और स्थापित वित्तीय माध्यमों के ज़रिए इसे लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी गतिविधियों तक पहुँचा रहे थे। आरोप है कि इस धन का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट — जिसमें स्मार्टफोन भी शामिल हैं — मुहैया कराने में किया जा रहा था।

गौरतलब है कि जेलों के भीतर से आतंकी नेटवर्क संचालित करने का यह तरीका सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में आतंकी वित्त पोषण के खिलाफ अभियान तेज़ किए जा रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि यह ऑपरेशन अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय में चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस मॉड्यूल के व्यापक नेटवर्क का पूरी तरह पर्दाफाश करने और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए जांच जारी है।

क्या होगा आगे

पुलिस ने संकेत दिया है कि वित्तीय संबंधों की और गहराई से जांच की जा रही है। शोपियां पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है और निकट भविष्य में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर में आतंकी-समर्थन ढाँचे को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के ज़रिए इसका डिजिटल रूप लेना सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक बदलती हुई चुनौती को उजागर करता है। यह सवाल उठता है कि जेलों में बंद आतंकवादियों की इंटरनेट और डिजिटल संचार तक पहुँच को रोकने के लिए मौजूदा व्यवस्था कितनी प्रभावी है। गिरफ्तारियाँ स्वागत योग्य हैं, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या वित्तीय जांच उन आतंकवादियों तक पहुँचती है जो जेलों में बैठकर नेटवर्क का संचालन कर रहे थे — और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शोपियां में किस आतंकी फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ?
शोपियां पुलिस ने 30 अक्टूबर 2026 को एक ऐसे आतंकी फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसे जेलों में बंद आतंकवादी ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के ज़रिए संचालित कर रहे थे। यह फंड कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रहा था।
इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया और कौन हैं?
इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में ओवैस शफी नाइकू, तजामुल अहमद शाह, मोइज इकबाल, इमदाद यूसुफ गनी, साकिब जहूर वानी, आमिर अहमद गनी, फिरदौस ठोकर, लियाकत नजीर लोन, मोहम्मद हनीफ और काजू शामिल हैं।
आरोपी किस तरह से फंड जुटा रहे थे?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर आम जनता से गुप्त रूप से धन इकट्ठा करके ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के माध्यम से आतंकवादियों तक पहुँचा रहे थे। इस फंड का उपयोग स्मार्टफोन सहित लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराने में किया जा रहा था।
इस ऑपरेशन में आगे क्या होगा?
पुलिस के अनुसार, इस मॉड्यूल के व्यापक नेटवर्क की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। निकट भविष्य में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर में जेल से जुड़े आतंकी नेटवर्क क्यों चिंता का विषय हैं?
जेलों में बंद आतंकवादियों का डिजिटल माध्यमों से बाहरी सहयोगियों के साथ संपर्क बनाए रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस तरह के नेटवर्क वित्तीय प्रवाह और लॉजिस्टिक सहयोग के ज़रिए आतंकी गतिविधियों को जारी रखने में सक्षम बनाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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