मनोज बाजपेयी बोले: बॉलीवुड में महिला प्रधान कहानियों का नया दौर, OTT ने बदली तस्वीर
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता मनोज बाजपेयी ने 30 अक्टूबर 2026 को मुंबई में अपनी आने वाली क्राइम थ्रिलर फिल्म 'गजब रात' के प्रचार के दौरान कहा कि मेनस्ट्रीम बॉलीवुड में भले ही पुरुष किरदारों का दशकों से वर्चस्व रहा हो, लेकिन अब महिला प्रधान कहानियाँ धीरे-धीरे और ठोस तरीके से अपनी जगह बना रही हैं। उन्होंने इस बदलाव में OTT प्लेटफॉर्म की भूमिका को निर्णायक बताया।
महिला प्रधान फिल्मों का बदलता परिदृश्य
बाजपेयी ने कहा, 'हीरोइनें लंबे समय से हीरो के तौर पर आ रही हैं। विद्या बालन और काजोल की ऐसी कई फिल्में मुझे याद हैं, जो महिला प्रधान रही हैं। धीरे-धीरे ही सही, लेकिन बदलाव लंबे समय से हो रहा है।' उनके अनुसार यह परिवर्तन अचानक नहीं आया, बल्कि इसकी नींव वर्षों पहले से पड़ चुकी थी।
OTT ने खोले नए रास्ते
अभिनेता ने बताया कि OTT प्लेटफॉर्म के उदय ने महिला-केंद्रित कहानियों के लिए एक नया और व्यावहारिक मंच तैयार किया है। उन्होंने कहा, 'OTT के आने के बाद महिला प्रधान फिल्में या सीरीज देखने को मिल रही हैं, क्योंकि इन्हें रिलीज करने की कीमत उतनी बड़ी नहीं होती है।' बाजपेयी के मुताबिक, सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों की तुलना में OTT पर प्रोजेक्ट्स की लागत कम होने से निर्माता अधिक जोखिम उठाने को तैयार रहते हैं।
पुरुष कलाकारों को भी मिला नया मंच
बाजपेयी ने चर्चा को केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि OTT ने उन पुरुष अभिनेताओं को भी पहचान दिलाई, जो मेनस्ट्रीम सिनेमा में अपनी जगह नहीं बना पाते थे। उनके शब्दों में, 'उन कलाकारों को देखिए जो पहले ठीक से पहचाने भी नहीं जाते थे। पुरुष कलाकार मेनस्ट्रीम सिनेमा में अपनी जगह भी नहीं बना पाते थे। उन्हें OTT पर इतना सम्मान मिल रहा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन किरदारों की बदौलत उन अभिनेताओं की जीवनशैली भी बेहतर हुई है और उन्हें एक तरह का सुकून मिल रहा है।
'गजब रात' में बाजपेयी का किरदार
फिल्म 'गजब रात' में मनोज बाजपेयी दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर 'अजय निर्वित' (अजय दीक्षित) की भूमिका निभा रहे हैं — एक भ्रष्ट और चालाक पुलिस अधिकारी के रूप में। फिल्म में उनके साथ नुसरत भरुचा, दिव्या दत्ता, अक्षय ओबेरॉय, साकिब सलीम, श्रद्धा दास और किकू शारदा अहम भूमिकाओं में हैं।
नाम विवाद और सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
इस फिल्म का निर्देशन रितेश शाह ने किया है और इसे नीरज पांडे ने प्रोड्यूस किया है। गौरतलब है कि इस फिल्म का मूल नाम 'घूसखोर पंडित' था, जिसे विवाद उठने और मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचने के बाद बदलकर 'गजब रात' रखा गया। यह ऐसे समय में आया है जब फिल्म टाइटल और जातीय संवेदनशीलता को लेकर बहस भारतीय सिनेमा जगत में तेज हो रही है। फिल्म के साथ बाजपेयी का यह वक्तव्य OTT और मेनस्ट्रीम सिनेमा के बदलते समीकरणों पर एक सटीक टिप्पणी है, जो आने वाले वर्षों में और प्रासंगिक होती जाएगी।