मनोज बाजपेयी बोले — ओटीटी ने उन कलाकारों को दिया सम्मान जिन्हें बॉलीवुड ने नज़रअंदाज़ किया
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता मनोज बाजपेयी ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एक विशेष बातचीत में कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ने उन कलाकारों को पहचान और स्थिरता दी है, जिन्हें मुख्यधारा की हिंदी फिल्मों में कभी पर्याप्त अवसर नहीं मिले। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उनकी नई फिल्म 'गजब रात' नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
ओटीटी ने कैसे बदली कलाकारों की ज़िंदगी
मनोज बाजपेयी ने कहा, 'उन अभिनेताओं को देखिए, जिन्हें पहले सही मायने में काम ही नहीं मिल पाता था। पुरुष कलाकारों को भी मुख्यधारा की फिल्मों में पर्याप्त मौके नहीं मिलते थे। अब ओटीटी पर उन्हें इतना सम्मान मिल रहा है। उनकी जिंदगी बेहतर तरीके से चल रही है।' उन्होंने आगे कहा कि नए किरदारों की वजह से कलाकारों को अपने जीवन में 'कुछ हद तक सुकून और स्थिरता' का अनुभव हो रहा है।
गौरतलब है कि ओटीटी के उदय से पहले हिंदी सिनेमा में कुछ गिने-चुने सितारों का ही वर्चस्व था। सहायक और चरित्र अभिनेताओं के लिए नियमित काम मिलना कठिन होता था, जिससे उनकी आर्थिक और व्यावसायिक स्थिरता प्रभावित होती थी।
काम मिलने की प्रक्रिया हुई तेज़ और नियमित
मनोज बाजपेयी ने मनोरंजन जगत में आए बदलावों को करीब से देखने वाले एक अनुभवी अभिनेता के नज़रिए से कहा, 'ओटीटी के आने के बाद चीजें बहुत तेज़ी से और लगातार होने लगी हैं।' उनके अनुसार, कंटेंट की माँग बढ़ने से निर्माताओं को अब विविध प्रतिभाओं की तलाश करनी पड़ती है, जो पहले की तुलना में कहीं अधिक समावेशी माहौल बनाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत के ओटीटी उद्योग का विस्तार तेज़ी से हो रहा है और नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वीडियो, जी5 तथा सोनी लिव जैसे प्लेटफॉर्म लगातार मौलिक हिंदी कंटेंट में निवेश कर रहे हैं।
मनोज बाजपेयी का करियर: बड़े परदे से छोटे परदे तक
मनोज बाजपेयी को सबसे पहले व्यापक पहचान फिल्म 'सत्या' में भीखू म्हात्रे के किरदार से मिली। इसके बाद 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में सरदार खान और 'अलीगढ़' में प्रोफेसर रामचंद्र सिरास की भूमिकाओं ने उन्हें आलोचकों की प्रशंसा दिलाई।
फिल्म 'भोंसले' में एक उम्रदराज पुलिस कांस्टेबल की भूमिका तथा 'शूल', 'स्पेशल 26', 'ट्रैफिक', 'सत्यमेव जयते', 'डायल 100' और 'इंस्पेक्टर झेंडे' जैसी फिल्मों में पुलिस अधिकारी की भूमिकाएँ निभाकर उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की।
ओटीटी पर 'द फैमिली मैन' की ऐतिहासिक सफलता
ओटीटी की दुनिया में मनोज बाजपेयी की वेब सीरीज़ 'द फैमिली मैन' सबसे चर्चित कृतियों में से एक रही है। इसमें उन्होंने खुफिया अधिकारी श्रीकांत तिवारी का किरदार निभाया, जो दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। इस सीरीज़ ने यह भी साबित किया कि गुणवत्तापूर्ण कंटेंट और मज़बूत अभिनय की बदौलत ओटीटी पर भी बड़े परदे जैसी सफलता हासिल की जा सकती है।
आने वाले समय में ओटीटी का विस्तार जारी रहने की संभावना है, और मनोज बाजपेयी जैसे अभिनेता इस बदलाव के सबसे मुखर समर्थकों में से एक बने हुए हैं।