राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: दूसरे चरण में 22 जिलों में मतदान, सीकर में 101 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने व्हीलचेयर पर डाला वोट
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 के दूसरे चरण के तहत 30 अक्टूबर को प्रदेश के 22 जिलों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। राजसमंद, सीकर, डूंगरपुर और अलवर सहित विभिन्न जिलों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं — विशेषकर महिलाओं — की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोकतांत्रिक भागीदारी की एक उल्लेखनीय मिसाल के रूप में सीकर जिले में 101 वर्ष से अधिक आयु की एक बुजुर्ग महिला ने व्हीलचेयर पर मतदान केंद्र पहुँचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मुख्य घटनाक्रम
राजसमंद जिले की 147 ग्राम पंचायतों और 1,303 वार्डों में दूसरे चरण का मतदान सुबह 8 बजे से प्रारंभ हुआ। जिले में कुल 489 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। पिपाड़ा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र पर सुबह से ही मतदाताओं की भारी भीड़ उमड़ी।
रिटर्निंग ऑफिसर रघुवीर सिंह चुंडावत ने मतदान की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा, 'अभी तक मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण चल रहा है और सभी मतदाता आराम से मतदान कर रहे हैं।'
सुरक्षा व्यवस्था
पिपाड़ा केंद्र पर तैनात पुलिस अधिकारी ने बताया कि दूसरे चरण को देखते हुए नियमित बल के अतिरिक्त अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। अधिकारी ने कहा, 'सुबह से ही यहाँ वोटरों की काफी भीड़ है। यह मुख्य सड़क पर स्थित केंद्र है, जहाँ आम लोगों और वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। साथ ही उम्मीदवारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा भी है। हम लगातार सभी केंद्रों का दौरा कर स्थिति के अनुसार व्यवस्था बनाए हुए हैं।'
अलवर जिले के राजगढ़ में भी प्रशासन ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर पुलिस जवानों और मतदान कर्मियों को तैनात किया है।
सीकर में 101 साल की मतदाता — लोकतंत्र की प्रेरक मिसाल
सीकर जिले में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान के दौरान 101 वर्ष से अधिक आयु की एक बुजुर्ग महिला ने व्हीलचेयर की सहायता से मतदान केंद्र पहुँचकर मतदान किया। उनके परिजन कुलदीप ने बताया, 'दादी की आँखें थोड़ी कमज़ोर हो गई हैं, इसलिए उन्हें सहारे की ज़रूरत पड़ी। लेकिन वह आज तक एक भी चुनाव से अनुपस्थित नहीं रही हैं।' कुलदीप ने यह भी बताया कि उनकी दादी ने हमेशा ऐसे उम्मीदवारों को मत दिया है जो सरकारी योजनाओं को गाँव तक पहुँचा सकें और बुनियादी सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन कर सकें।
आम जनता की आवाज़ और प्राथमिकताएँ
पहली बार मतदान करने आई एक युवा मतदाता ने कहा, 'गाँव के विकास के लिए वोट देना बहुत ज़रूरी है। हमारे गाँव में सड़कों की खराब स्थिति, स्ट्रीट लाइटों का अभाव और पानी की कमी जैसी कई समस्याएँ हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जो उम्मीदवार इन समस्याओं का समाधान करेगा, गाँव के लोग उसी को चुनेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को लेकर जनाकांक्षाएँ पंचायती राज चुनावों के केंद्र में आ गई हैं। मतदाताओं की प्रमुख माँगें — सड़क, पानी, बिजली और सरकारी योजनाओं का ज़मीनी क्रियान्वयन — ग्रामीण शासन की उस पुरानी चुनौती को रेखांकित करती हैं जो हर चुनाव में सतह पर आती है।
डूंगरपुर में भी व्यापक मतदान
डूंगरपुर जिले में दूसरे चरण के तहत सात पंचायत समितियों की 201 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान जारी है। यहाँ भी सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो मतदाताओं के उत्साह को दर्शाती हैं।
गौरतलब है कि राजस्थान में पंचायती राज चुनाव बहुचरणीय प्रक्रिया में आयोजित किए जा रहे हैं, और दूसरे चरण का मतदान यह तय करेगा कि ज़िलों के ग्रामीण नेतृत्व की दशा-दिशा किस ओर जाती है। शेष चरणों के नतीजे मिलकर प्रदेश के पंचायती राज तंत्र की नई तस्वीर बनाएँगे।