22 अक्टूबर 2026
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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: जोधपुर, पाली, कोटा के गांवों में बहिष्कार; बीकानेर में सर्वाधिक मतदान

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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: जोधपुर, पाली, कोटा के गांवों में बहिष्कार; बीकानेर में सर्वाधिक मतदान

सारांश

राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में परिसीमन और आरक्षण विवाद एक साथ फूटे — जोधपुर, पाली और कोटा के कई गाँवों ने मतदान से मुँह मोड़ा। ईवीएम खराबी ने और जटिलता बढ़ाई। बीकानेर में सबसे अधिक मतदान, जबकि 85 लाख से ज़्यादा मतदाताओं वाले इस चुनाव में जमीनी असंतोष स्पष्ट दिख रहा है।

मुख्य बातें

राजस्थान में 22 अक्टूबर 2026 को पंचायती राज के पहले चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों में मतदान जारी।
जोधपुर , पाली और कोटा के कई गाँवों में परिसीमन व ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण मतदान बहिष्कार।
पाली के दुथरिया और नेपावास , जोधपुर के मंगल सिंह नगर और कोटा के चक-टोडी तोडीखेड़ली में बहिष्कार।
बीकानेर में सर्वाधिक मतदान; उदयपुर में सबसे कम (प्रारंभिक आंकड़े)।
कोटा की सांगोद और पाली की बागड़ी नगर पंचायत में ईवीएम खराबी से क्रमशः 15 मिनट और एक घंटे की देरी।
कुल 85,07,306 मतदाता पात्र; 6,926 उम्मीदवार; मुख्य मुकाबला BJP बनाम कांग्रेस ।

राजस्थान में 22 अक्टूबर 2026 को पंचायती राज संस्थाओं के पहले चरण के चुनाव में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों में मतदान जारी है, जिसमें 85,07,306 पंजीकृत मतदाता और 6,926 उम्मीदवार मैदान में हैं। हालाँकि परिसीमन और आरक्षण विवादों के चलते जोधपुर, पाली और कोटा के कई गाँवों में मतदाताओं ने चुनाव का बहिष्कार किया, जबकि कुछ बूथों पर ईवीएम की तकनीकी खराबी से मतदान अस्थायी रूप से बाधित रहा।

मतदान का बहिष्कार: जिलेवार स्थिति

पाली जिले में रानी पंचायत समिति के दुथरिया गाँव और सोजत पंचायत समिति के नेपावास गाँव के निवासियों ने मतदान का बहिष्कार किया। दुथरिया के ग्रामीण परिसीमन के बाद अपने गाँव के इटंद्रा मेडतियान में विलय के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पड़ोसी गाँव तक पहुँचने के लिए वन क्षेत्र से होकर लगभग 9 किलोमीटर का घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है। उन्होंने अलग ग्राम पंचायत बनाने या गाँव को भदरलाऊ में पुनः शामिल करने की माँग रखी है।

नेपावास के ग्रामीण सोजत पंचायत समिति के वार्ड-1 से वार्ड-3 में स्थानांतरित किए जाने के विरोध में हैं। प्रशासन इस मुद्दे पर ग्रामीणों से बातचीत कर रहा है।

जोधपुर जिले में शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मंगल सिंह नगर ग्राम पंचायत के निवासियों ने सरपंच पद पर ओबीसी आरक्षण के विरोध में मतदान का बहिष्कार किया। ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत के 1,052 पंजीकृत मतदाताओं में से कोई भी ओबीसी वर्ग से नहीं है। तहसीलदार, एसडीएम विक्रांत शर्मा और स्थानीय विधायक बाबूसिंह राठौर ग्रामीणों को मनाने के लिए गाँव पहुँचे।

कोटा जिले के इटावा क्षेत्र में सिनोटा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले चक-टोडी तोडीखेड़ली गाँव के निवासियों ने भी बहिष्कार किया। ग्रामीण कृष्णा मीना के अनुसार यह गाँव पहले ढिपरी चंबल ग्राम पंचायत का हिस्सा था, लेकिन बाद में इसे लगभग 11 किलोमीटर दूर स्थित सिनोटा से जोड़ दिया गया। वन क्षेत्र और दूरी के कारण बुजुर्ग ग्रामीणों की आवाजाही विशेष रूप से कठिन हो गई है।

ईवीएम की खराबी और अन्य व्यवधान

कोटा की सांगोद पंचायत समिति में कुराडिया खुर्द मतदान केंद्र पर ईवीएम में खराबी के चलते लगभग 15 मिनट तक मतदान स्थगित रहा। मशीन बदलने के बाद प्रक्रिया फिर शुरू हुई। पाली में बागड़ी नगर पंचायत के मतदान केंद्र 2 पर ईवीएम खराबी के कारण लगभग एक घंटे की देरी हुई। रिटर्निंग ऑफिसर भागीरथ चौधरी ने दूसरी मशीन की व्यवस्था कर मतदान बहाल कराया।

बीकानेर में अडूरी ग्राम पंचायत के बूथ 19 पर एक मतदाता कतार में खड़े-खड़े अचानक अस्वस्थ हो गए और गिर पड़े। बाड़मेर में मंगता पंचायत समिति के वार्ड 8 से चुनाव लड़ रहे एक कांग्रेस उम्मीदवार की मृत्यु के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने संबंधित मतदान केंद्र पर सार्वजनिक सूचना चस्पा की, जिसमें बताया गया कि उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिन्ह ईवीएम से हटा दिया गया है।

मतदान के आंकड़े और प्रशासनिक तैयारी

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, बीकानेर में सर्वाधिक मतदान दर्ज की गई, जबकि उदयपुर में सबसे कम। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में परिसीमन को लेकर जन असंतोष कई जिलों में सतह पर आ चुका है। गौरतलब है कि यह राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार आने के बाद पहला बड़ा पंचायत चुनाव है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने जयपुर जिले की मौजमाबाद पंचायत समिति के अंतर्गत श्रीनिवासपुरा गाँव के बूथ नंबर 92 पर अपने परिवार — पत्नी, बेटा और बेटी — के साथ मतदान किया।

राजनीतिक समीकरण

मुख्य मुकाबला भाजपा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच है। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी), भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) और निर्दलीय उम्मीदवार भी कई क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। ये पंचायत चुनाव जमीनी स्तर पर दोनों प्रमुख दलों की स्वीकार्यता की परीक्षा माने जा रहे हैं।

आगे क्या

स्थानीय विरोध, प्रशासनिक वार्ताएँ और छिटपुट तकनीकी व्यवधानों के बीच मतदान प्रक्रिया जारी है। परिसीमन को लेकर उठे विवादों का दीर्घकालिक समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल होना अपेक्षित है, क्योंकि ऐसे बहिष्कार स्थानीय लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

052 मतदाताओं में एक भी ओबीसी नहीं, फिर भी सरपंच पद ओबीसी के लिए आरक्षित हो — तो यह प्रशासनिक चूक है, जिसे सुधारने की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की है। ईवीएम की खराबी छिटपुट थी, लेकिन बहिष्कार का पैटर्न तीन अलग-अलग जिलों में एक साथ उभरना बताता है कि समस्या व्यक्तिगत नहीं, संरचनात्मक है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 में किन गाँवों ने मतदान का बहिष्कार किया?
पाली के दुथरिया और नेपावास, जोधपुर के मंगल सिंह नगर और कोटा के चक-टोडी तोडीखेड़ली गाँवों ने मतदान का बहिष्कार किया। इन गाँवों के निवासी परिसीमन के बाद हुए पंचायत पुनर्गठन और आरक्षण व्यवस्था से असंतुष्ट हैं।
दुथरिया और नेपावास गाँव के ग्रामीण किस बात का विरोध कर रहे हैं?
दुथरिया के ग्रामीण परिसीमन के बाद अपने गाँव के इटंद्रा मेडतियान में विलय का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वहाँ पहुँचने के लिए वन क्षेत्र से लगभग 9 किलोमीटर का घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है। नेपावास के ग्रामीण सोजत पंचायत समिति के वार्ड-1 से वार्ड-3 में किए गए स्थानांतरण के विरोध में हैं।
जोधपुर के मंगल सिंह नगर में ओबीसी आरक्षण विवाद क्या है?
मंगल सिंह नगर ग्राम पंचायत में सरपंच पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत के 1,052 पंजीकृत मतदाताओं में से कोई भी ओबीसी वर्ग का नहीं है। इसी विरोध में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया।
राजस्थान पंचायत चुनाव में ईवीएम की खराबी कहाँ-कहाँ हुई?
कोटा की सांगोद पंचायत समिति के कुराडिया खुर्द बूथ पर लगभग 15 मिनट और पाली की बागड़ी नगर पंचायत के मतदान केंद्र 2 पर लगभग एक घंटे तक मतदान बाधित रहा। दोनों जगह मशीन बदलने के बाद मतदान पुनः शुरू हो गया।
इस चरण में किन जिलों में सर्वाधिक और न्यूनतम मतदान हुआ?
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार बीकानेर में सर्वाधिक और उदयपुर में सबसे कम मतदान दर्ज किया गया। इस चरण में कुल 85,07,306 मतदाता पात्र हैं और 6,926 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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