राजस्थान पंचायतीराज चुनाव 2026: डूंगरपुर-झालावाड़ में पहले चरण का मतदान शुरू, 5.21 लाख मतदाता करेंगे वोट
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के डूंगरपुर और झालावाड़ जिलों में पंचायतीराज चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान 24 अक्टूबर 2026 को सुबह 7 बजे से शुरू हो गया। डूंगरपुर की सात पंचायत समितियों और झालावाड़ के चार क्षेत्रों में सरपंच व वार्ड पंच पदों के लिए कुल 5,21,601 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान शुरू होते ही सुबह से मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही देखी गई।
मुख्य घटनाक्रम
डूंगरपुर जिले में सागवाड़ा, सीमलवाड़ा, पाडवा, गलियाकोट, भंडारी, झोंथरी और चिखली पंचायत समितियों की 233 ग्राम पंचायतों में से 232 में चुनाव हो रहे हैं। सरपंच पद के लिए 1,462 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि 1,877 वार्ड पंच पदों में से 1,870 के लिए मतदान कराया जा रहा है। प्रत्येक मतदाता सरपंच और वार्ड पंच के लिए अलग-अलग मतपत्र डालेगा।
गौरतलब है कि मतदान से पहले सभी 596 मतदान केंद्रों पर मॉक पोल कराया गया, जिससे मशीनों की तकनीकी जाँच सुनिश्चित की गई। दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
निर्विरोध चुनाव और विशेष मामले
भंडारी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रामसोर जूना में सरपंच सहित सभी वार्ड पंच निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। ग्रामवासियों ने आपसी सहमति से जयंतीलाल को निर्विरोध सरपंच चुना है, और पंचायत के सातों वार्ड पंच भी निर्विरोध घोषित किए गए हैं। इस पंचायत में अब केवल उपसरपंच का चुनाव शेष है, जिसके भी निर्विरोध होने की संभावना जताई जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था
596 मतदान केंद्रों में से 108 को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर सशस्त्र पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। सभी केंद्रों के प्रवेश द्वार पर ट्राइपॉड-माउंटेड कैमरों के माध्यम से मतदाताओं की आवाजाही और गतिविधियों पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
मतदाताओं की राय
स्थानीय निवासी प्रवीण सिंह राणावत ने बताया कि उनके क्षेत्र में पूर्व सरपंच ने कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं कराया, जिससे आम लोगों को परेशानी होती रही है। उनके अनुसार, कई कार्यों के बिल पास हो चुके हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर काम अभी तक नहीं हुआ।
झालावाड़ में भी मतदान जारी
झालावाड़ जिले में भवानी मंडी, डग, अकलेरा और मनोहर थाना क्षेत्रों में भी पहले चरण का मतदान जारी है। यहाँ 128 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए कुल 747 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में ग्रामीण स्वशासन को लेकर लोगों की सक्रियता बढ़ी है और स्थानीय विकास के मुद्दे चुनावी केंद्र में हैं। अगले चरणों के नतीजों के साथ राज्य की पंचायती राज व्यवस्था की दिशा और अधिक स्पष्ट होगी।