तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को होगी जारी, ECI ने SIR कार्यक्रम में फिर किया बदलाव
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में चल रहे 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) कार्यक्रम की समयसीमा में एक बार फिर संशोधन करते हुए दोनों राज्यों में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) के अनुरोध पर यह फेरबदल किया गया है।
संशोधित कार्यक्रम की प्रमुख तारीखें
तेलंगाना में नोटिस जारी करने और दावों व आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख अब बढ़ाकर 26 नवंबर कर दी गई है। इससे पहले यह समयसीमा 5 नवंबर थी और अंतिम मतदाता सूची 9 नवंबर को प्रकाशित होनी थी।
आंध्र प्रदेश में नोटिस और दावों-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा 20 नवंबर तक बढ़ाई गई है। पहले आंध्र प्रदेश में यह प्रक्रिया 22 अक्टूबर तक पूरी होनी थी और अंतिम सूची 30 अक्टूबर को जारी होनी थी। यह पहली बार नहीं है जब SIR कार्यक्रम में बदलाव हुआ हो — आयोग इससे पहले भी कई बार इस कार्यक्रम को संशोधित कर चुका है।
तेलंगाना में मतदाता सूची की स्थिति
SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले तेलंगाना में कुल 3,38,26,448 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 2,64,87,213 मतदाताओं ने अपने विवरण फॉर्म जमा किए। शेष 73,39,235 मतदाताओं को 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट' (ASDD) श्रेणियों में रखकर ड्राफ्ट सूची से हटाया गया।
29 अक्टूबर 2026 तक कुल 92,88,188 SIR नोटिस जारी किए गए, जिनमें से 92,81,189 नोटिस मतदाताओं तक पहुँचाए जा चुके थे और 6,999 नोटिस अभी लंबित थे। इसी तारीख तक 92,08,443 नोटिसों पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। कुल 2,59,22,684 मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल करने की मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 50,690 मतदाताओं को अयोग्य पाया गया। इनमें 59,31,395 मतदाताओं के विवरण की विसंगतियाँ दूर की गईं और 30,64,168 मतदाता ऐसे थे जो SIR 2002 में अनमैप्ड (बिना मैपिंग वाले) थे।
आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची की स्थिति
आंध्र प्रदेश में 44,28,858 नोटिसों पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। इनमें से 42,55,630 मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल किया जाना तय हुआ है। वहीं 1,73,662 मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल होने के लिए अयोग्य पाया गया है।
आयोग के निर्देश
चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पृथक संदेशों के माध्यम से संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दी है। आयोग ने निर्देश दिया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को यह सूचना तत्काल दी जाए और उपलब्ध सभी माध्यमों — डिजिटल, प्रिंट और प्रत्यक्ष संपर्क — से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। राजनीतिक दलों को भी इस संशोधित कार्यक्रम की लिखित सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
आगे क्या होगा
अब दोनों राज्यों में 30 नवंबर 2026 तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने का लक्ष्य है। यह ऐसे समय में आया है जब SIR प्रक्रिया की बारंबार समयसीमा में हुई देरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निर्वाचन आयोग के लिए यह सुनिश्चित करना अहम होगा कि संशोधित समयसीमा में सभी लंबित दावों और आपत्तियों का निष्पक्ष निपटारा हो जाए, ताकि मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे।