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आंध्र प्रदेश मतदाता सूची से 45 लाख नाम हटे, SIR के बाद 31 जुलाई को मसौदा प्रकाशित

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आंध्र प्रदेश मतदाता सूची से 45 लाख नाम हटे, SIR के बाद 31 जुलाई को मसौदा प्रकाशित

सारांश

आंध्र प्रदेश में SIR के बाद मसौदा मतदाता सूची से 45 लाख नाम हटाए गए — 22.30 लाख स्थानांतरित या अनुपस्थित, 15.22 लाख मृत, 7.37 लाख दोहरे पंजीकृत। 89.22% मतदाताओं ने प्रपत्र जमा किए। अंतिम सूची 3 अक्टूबर को आएगी।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची से SIR के बाद लगभग 45 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए।
हटाए गए नामों में 22.30 लाख स्थानांतरित/अनुपस्थित, 15.22 लाख मृत और 7.37 लाख दोहरे पंजीकृत मतदाता शामिल।
कुल 4,16,27,694 में से 3,71,38,182 मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा किए — 89.22% भागीदारी।
मसौदा सूची 31 जुलाई 2026 को राज्य के सभी 175 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रकाशित।
दावे और आपत्तियाँ 31 जुलाई से 30 अगस्त तक; अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को।
राजनीतिक दलों ने 1,27,868 BLA नियुक्त किए — SIR शुरुआत की 68,868 की संख्या से लगभग दोगुना।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर संपन्न विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद आंध्र प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची से लगभग 45 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। 31 जुलाई 2026 को राज्य के सभी 175 विधानसभा क्षेत्रों के लिए संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) द्वारा मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी विवेक यादव ने इसकी पुष्टि की।

किन कारणों से हटाए गए नाम

हटाए गए लगभग 45 लाख नामों में सबसे बड़ी संख्या उन मतदाताओं की है जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए थे या अनुपस्थित पाए गए — इनकी तादाद 22.30 लाख है। इसके अलावा 15.22 लाख मृत व्यक्तियों के नाम सूची से निकाले गए, जबकि 7.37 लाख ऐसे मतदाता थे जो एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए।

बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) को शेष 44.89 लाख मतदाता नहीं मिले या उनके गणना प्रपत्र वापस नहीं मिले — या तो वे अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता बन चुके थे, या उनका अस्तित्व नहीं था, या उन्होंने 24 जुलाई तक प्रपत्र जमा नहीं किया था।

मुख्य घटनाक्रम: SIR की प्रक्रिया

राज्य में SIR का संचालन 15 जून से 24 जुलाई 2026 तक किया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी विवेक यादव के अनुसार, कुल 4,16,27,694 मतदाताओं में से 3,71,38,182 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए — यानी 89.22 प्रतिशत की भागीदारी। उन्होंने इसे गणना चरण में 'भारी सहभागिता' बताया।

गौरतलब है कि इस प्रक्रिया में 28 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), 175 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), 1,079 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), 4,650 BLO पर्यवेक्षक और 46,397 बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) शामिल रहे।

राजनीतिक दलों की भागीदारी

मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों — जिनमें उनके जिला अध्यक्ष भी शामिल थे — ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन दलों द्वारा 1,27,868 बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) नियुक्त किए गए, जबकि SIR की शुरुआत में यह संख्या केवल 68,868 थी। BLA की यह बढ़ी हुई संख्या राजनीतिक दलों की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।

आम जनता पर असर: दावे और आपत्तियाँ कैसे दर्ज करें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक चलने वाली दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान प्रपत्र-6 और निर्धारित घोषणा पत्र के माध्यम से वास्तविक मतदाता अपना नाम सूची में पुनः जुड़वा सकते हैं। एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए मतदाताओं का नाम केवल एक स्थान पर रखा जाएगा।

अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं की बूथवार सूचियाँ संबंधित ERO/AERO कार्यालयों, ग्राम पंचायत व नगरपालिका कार्यालयों तथा मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की गई हैं। ये सूचियाँ मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट और संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं।

आगे की समय-सारणी

दावों और आपत्तियों का निपटारा 31 जुलाई से 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। यह प्रक्रिया आंध्र प्रदेश में मतदाता पंजीकरण की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह प्रक्रिया की सफलता का प्रमाण है, न कि विफलता का — बशर्ते दावा-आपत्ति चरण वास्तव में सुलभ और पारदर्शी हो। असली चिंता यह है कि प्रवासी मज़दूर, जो न मूल राज्य में हैं न नए राज्य में पंजीकृत, इस प्रक्रिया में दोहरे नुकसान में पड़ सकते हैं। 89.22% की भागीदारी प्रभावशाली है, लेकिन शेष 10.78% में वे सबसे कमज़ोर तबके हो सकते हैं जिनकी आवाज़ चुनावी प्रक्रिया में सबसे ज़रूरी है। अंतिम सूची की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि 30 अगस्त तक का दावा-चरण कितना प्रभावी ढंग से ज़मीन पर पहुँचता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश की मतदाता सूची से 45 लाख नाम क्यों हटाए गए?
विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारियों ने पाया कि 22.30 लाख मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपस्थित थे, 15.22 लाख मृत हो चुके थे और 7.37 लाख एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत थे। इन तीन श्रेणियों के आधार पर कुल लगभग 45 लाख नाम मसौदा सूची से हटाए गए।
क्या हटाए गए मतदाता अपना नाम वापस जुड़वा सकते हैं?
हाँ, 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक चलने वाली दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान प्रपत्र-6 और निर्धारित घोषणा पत्र का उपयोग करके वास्तविक मतदाता अपना नाम पुनः सूची में जुड़वा सकते हैं। यह प्रक्रिया संबंधित ERO/AERO कार्यालयों में पूरी की जा सकती है।
आंध्र प्रदेश में SIR कब से कब तक चला?
SIR का संचालन 15 जून 2026 से 24 जुलाई 2026 तक किया गया। 31 जुलाई को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई और अंतिम सूची 3 अक्टूबर 2026 को जारी होगी।
अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी और इसकी प्रक्रिया क्या है?
दावों और आपत्तियों का निपटारा 31 जुलाई से 28 सितंबर 2026 तक होगा और अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। बूथवार सूचियाँ ERO/AERO कार्यालयों, ग्राम पंचायत व नगरपालिका कार्यालयों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
SIR में राजनीतिक दलों की क्या भूमिका रही?
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने 1,27,868 बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) नियुक्त किए, जो SIR की शुरुआत में 68,868 थे। जिला अध्यक्षों सहित पार्टी प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी इस प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायक रही।
राष्ट्र प्रेस
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