तमिलनाडु की अंतिम मतदाता सूची जारी: 97 लाख से अधिक नाम हटाए गए
सारांश
Key Takeaways
- एसआईआर के तहत 97 लाख से अधिक नाम हटाए गए।
- तमिलनाडु में मतदाताओं की संख्या अब 5.43 करोड़ है।
- हटाए गए नामों में मृत मतदाता शामिल हैं।
- पात्र व्यक्तियों को पुनः आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
- आपत्ति दर्ज करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।
चेन्नई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में आयोजित विशेष मतदाता पुनर्निरीक्षण (एसआईआर) के बाद, तमिलनाडु की अंतिम मतदाता सूची को सोमवार को औपचारिक रूप से जारी किया गया है।
इस एसआईआर के दौरान, तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर नामों को हटाया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने प्रदेशभर में जिलेवार आंकड़े जारी करना शुरू कर दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में औपचारिक आंकड़े प्रस्तुत किए हैं।
मतदाता सूची से कुल 97,37,831 नाम हटा दिए गए हैं, जिसके बाद राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 5.43 करोड़ हो गई है। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि हटाए गए नामों में से अधिकांश मृत मतदाताओं के हैं। अन्य कारणों से हटाए गए 66 लाख नामों के लिए, योग्य व्यक्तियों को प्रपत्र 6 के माध्यम से पुनः आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इस प्रक्रिया में नए और योग्य मतदाताओं को संशोधित सूची में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, 12,43,363 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिनके नामों में त्रुटियाँ थीं, उन्हें भी निर्धारित समय में सहायक दस्तावेज और स्व-घोषणा प्रमाण पत्र जमा करने का निर्देश दिया गया है। चुनाव आयोग ने 30 जनवरी के निर्देश का पालन करते हुए यह प्रक्रिया सुनिश्चित की, जिसमें यह अनिवार्य किया गया था कि नामों को हटाने के कारणों के साथ सार्वजनिक रूप से साझा किया जाए।
ये सूचियाँ ग्राम पंचायत कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों, ब्लॉक और उप-मंडल कार्यालयों तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में उपलब्ध कराई गई हैं। प्रभावित व्यक्तियों को आपत्तियाँ दर्ज करने या स्पष्टीकरण के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। इस बीच, एसआईआर के दूसरे चरण में नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 8 प्रतिशत मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा दिया गया। 14 फरवरी को प्रकाशित पुडुचेरी की अंतिम मतदाता सूची में कुल 9,44,211 मतदाता दर्ज किए गए हैं।