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तेलंगाना SIR: चुनाव आयोग ने जनगणना प्रपत्र जमा करने की समय सीमा 10 अगस्त तक बढ़ाई

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तेलंगाना SIR: चुनाव आयोग ने जनगणना प्रपत्र जमा करने की समय सीमा 10 अगस्त तक बढ़ाई

सारांश

तेलंगाना में 77 लाख से अधिक मतदाताओं द्वारा जनगणना प्रपत्र न जमा करने पर चुनाव आयोग ने SIR की समय सीमा दूसरी बार बढ़ाई — अब 10 अगस्त तक। पड़ोसी आंध्र प्रदेश में SIR के बाद 45 लाख नाम सूची से हटाए गए, जो तेलंगाना के लिए भी बड़ा संकेत है।

मुख्य बातें

भारत निर्वाचन आयोग ने तेलंगाना SIR में जनगणना प्रपत्र जमा करने की समय सीमा 3 अगस्त से बढ़ाकर 10 अगस्त 2026 की।
77 लाख से अधिक मतदाताओं ने अभी तक प्रपत्र जमा नहीं किए — यह दूसरा संशोधन है।
BLO ने सभी 3,38,26,004 मतदाताओं को प्रपत्र वितरित किए; 77.12% का डिजिटलीकरण पूरा।
मतदाता सूची का मसौदा अब 17 अगस्त को प्रकाशित होगा; अंतिम सूची 19 अक्टूबर को।
आंध्र प्रदेश में SIR के बाद 45 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए — 15.22 लाख मृत, 22.30 लाख स्थानांतरित/अनुपस्थित, 7.37 लाख दोहरे पंजीकृत।

भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को तेलंगाना में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समय सीमा में दूसरी बार संशोधन करते हुए जनगणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 3 अगस्त से बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी है। 77 लाख से अधिक मतदाताओं द्वारा अभी तक प्रपत्र न जमा किए जाने के कारण यह विस्तार दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

चुनाव आयोग ने SIR कार्यक्रम में यह दूसरा संशोधन किया है — इससे पहले 15 जुलाई को भी समय सीमा में बदलाव किया गया था। मूल कार्यक्रम मई में घोषित हुआ था, जिसके तहत बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर गणना 25 जून से 24 जुलाई के बीच होनी थी और मतदाता सूची का मसौदा 31 जुलाई को प्रकाशित होना था।

मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन की समय सीमा भी 3 अगस्त से बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी गई है। मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन अब 17 अगस्त को होगा।

संशोधित समय-सारणी

नई समय-सारणी के अनुसार, दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि 17 अगस्त से 16 सितंबर तक रहेगी। नोटिस चरण (दावों और आपत्तियों का निपटारा) 17 अगस्त से 15 अक्टूबर तक चलेगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर को निर्धारित है।

डिजिटलीकरण की स्थिति

तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी के अनुसार, राज्य के सभी 3,38,26,004 मतदाताओं को जनगणना प्रपत्र वितरित कर दिए गए हैं — यानी BLO ने वितरण का 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। अब तक 2,60,88,334 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हो चुका है, जो कुल का 77.12 प्रतिशत है।

आंध्र प्रदेश में SIR का असर

पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग ने शुक्रवार को मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया, जिसमें लगभग 45 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी विवेक यादव के अनुसार, इनमें 22.30 लाख ऐसे मतदाता हैं जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए थे या अनुपस्थित पाए गए, 15.22 लाख मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए, और 7.37 लाख मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए।

24 जुलाई तक आंध्र प्रदेश में 4,16,27,694 में से 3,71,38,182 मतदाताओं ने पंजीकरण फॉर्म जमा किए। शेष 44.89 लाख मतदाताओं का पता नहीं चल पाया — ये या तो अन्य राज्यों में पंजीकृत हो गए, उनका अस्तित्व नहीं था, या उन्होंने समय सीमा तक फॉर्म जमा नहीं किया।

आगे क्या होगा

तेलंगाना में 10 अगस्त की नई समय सीमा के बाद मसौदा सूची 17 अगस्त को सार्वजनिक होगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक दलों की नज़र मतदाता सूची की शुद्धता पर टिकी है। आंध्र प्रदेश का अनुभव दर्शाता है कि SIR प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा सकते हैं, जो तेलंगाना के लिए भी एक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मृत हैं या फर्जी हैं। आंध्र प्रदेश में 45 लाख नाम हटने का उदाहरण बताता है कि SIR एक शक्तिशाली सफाई प्रक्रिया है, लेकिन असली मतदाताओं के नाम गलती से न हटें, यह सुनिश्चित करना उतना ही ज़रूरी है। दावे और आपत्तियों की अवधि (17 अगस्त से 16 सितंबर) की पर्याप्त सार्वजनिक जागरूकता के बिना, वैध मतदाता भी अपना अधिकार खो सकते हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में SIR की नई समय सीमा क्या है?
चुनाव आयोग ने जनगणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 3 अगस्त से बढ़ाकर 10 अगस्त 2026 कर दी है। मतदाता सूची का मसौदा अब 17 अगस्त को प्रकाशित होगा और अंतिम सूची 19 अक्टूबर को।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या होता है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसमें BLO घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र करते हैं और मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। इसका उद्देश्य फर्जी, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना है।
तेलंगाना में कितने मतदाताओं ने अभी तक प्रपत्र जमा नहीं किए?
77 लाख से अधिक मतदाताओं ने अभी तक जनगणना प्रपत्र जमा नहीं किए हैं। इसी कारण चुनाव आयोग ने एक सप्ताह की अतिरिक्त समय सीमा दी है।
आंध्र प्रदेश में SIR के बाद कितने नाम मतदाता सूची से हटाए गए?
आंध्र प्रदेश में SIR के बाद लगभग 45 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए — इनमें 22.30 लाख स्थानांतरित/अनुपस्थित, 15.22 लाख मृत और 7.37 लाख दोहरे पंजीकृत मतदाता शामिल हैं।
मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियाँ कब दर्ज की जा सकती हैं?
तेलंगाना में दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि 17 अगस्त से 16 सितंबर 2026 तक रहेगी। नोटिस चरण (निपटारा) 17 अगस्त से 15 अक्टूबर तक चलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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