23 जुलाई 2026
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तेलंगाना SIR-2026: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण में तेजी के दिए निर्देश

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तेलंगाना SIR-2026: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण में तेजी के दिए निर्देश

सारांश

तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुधर्शन रेड्डी ने SIR-2026 की रफ्तार बढ़ाने के लिए राज्यभर के डीईओ को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सख्त निर्देश दिए — इस सप्ताह के अंत तक 90% गणना पूरी करने का लक्ष्य, आधार अनिवार्यता हटाई, और ऑनलाइन फॉर्म के बाद भौतिक प्रति माँगने पर रोक।

मुख्य बातें

तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी.
सुधर्शन रेड्डी ने 22 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी डीईओ को एसआईआर-2026 में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सभी जिलों को इस सप्ताह के अंत तक 90 प्रतिशत से अधिक गणना प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य दिया गया।
ऑनलाइन फॉर्म जमा करने वाले मतदाताओं से भौतिक फॉर्म की माँग न करने और आधार कार्ड को अनिवार्य न बनाने के स्पष्ट निर्देश।
50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले मतदान केंद्रों और शहरी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत) मतदाताओं का सावधानीपूर्वक सत्यापन और 'नो मैपिंग' श्रेणी की गहन जाँच अनिवार्य की गई।

तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुधर्शन रेड्डी ने 22 जुलाई 2026 को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण में तत्काल गति लाने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में राज्यभर के निर्वाचन अधिकारियों को इस सप्ताह के अंत तक 90 प्रतिशत से अधिक गणना प्रक्रिया पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया।

बैठक में कौन-कौन शामिल रहे

इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी वसम वेंकटेश्वर रेड्डी, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी जी.एस. चारी, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के आयुक्त, हैदराबाद के जिला निर्वाचन अधिकारी तथा राज्य के समस्त डीईओ उपस्थित रहे। नोडल अधिकारी और तकनीकी टीम के सदस्य भी इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में सम्मिलित हुए।

मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ

सुधर्शन रेड्डी ने निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), बीएलओ पर्यवेक्षकों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को एसआईआर से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों और उन विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा जहाँ प्रगति अपेक्षाकृत कम है।

सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता ने गणना प्रपत्र ऑनलाइन जमा कर दिया है, तो बीएलओ उससे भौतिक फॉर्म की माँग न करें। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि फॉर्म जमा करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य न बनाया जाए — यह नागरिकों की सुविधा की दृष्टि से एक महत्त्वपूर्ण निर्देश है।

पारदर्शिता और मतदाता सुविधा पर जोर

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के साथ होने वाली बैठकों में पारदर्शिता और उचित दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदाताओं को फॉर्म जमा करने में हर संभव सहायता दी जाए और उनकी शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए।

गौरतलब है कि एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत) मतदाताओं के मामलों का सावधानीपूर्वक सत्यापन कर सटीक रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सभी वीवीआईपी और वीआईपी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से शामिल किए जाने को सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलावार समीक्षा और लक्ष्य

बैठक में जिलावार अनमैप्ड मतदाताओं, 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले मतदान केंद्रों और अब तक एकत्र नहीं किए गए फॉर्म की समीक्षा की गई। सभी डीईओ को इस सप्ताह के अंत तक अपने-अपने जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक गणना प्रक्रिया पूरी करने और 'नो मैपिंग' श्रेणी के मतदाताओं का गहन सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आगे क्या होगा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और पर्यवेक्षी अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) की प्रक्रिया भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग पूरे देश में मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटि-मुक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'नो मैपिंग' श्रेणी के मतदाताओं की संख्या कितनी बड़ी है और उनका सत्यापन कितना विश्वसनीय होगा। मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की नींव है — इसलिए 90% लक्ष्य की समय-सीमा के साथ-साथ गुणवत्ता की जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में एसआईआर-2026 क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन, सटीक और त्रुटि-मुक्त बनाया जाता है। 2026 के संस्करण में तेलंगाना में गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण और अनमैप्ड मतदाताओं का सत्यापन प्रमुख कार्य हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने डीईओ को क्या निर्देश दिए?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुधर्शन रेड्डी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस सप्ताह के अंत तक 90 प्रतिशत से अधिक गणना प्रक्रिया पूरी करने, शहरी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने और 'नो मैपिंग' श्रेणी के मतदाताओं का गहन सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
क्या एसआईआर फॉर्म के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है?
नहीं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि गणना प्रपत्र जमा करने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य न बनाया जाए। इसके अलावा, जो मतदाता ऑनलाइन फॉर्म जमा कर चुके हैं, उनसे भौतिक फॉर्म की माँग भी नहीं की जाएगी।
एएसडी मतदाता कौन होते हैं और इनका सत्यापन क्यों जरूरी है?
एएसडी का अर्थ है अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted) और मृत (Dead) मतदाता। मतदाता सूची की सटीकता के लिए इन श्रेणियों का सावधानीपूर्वक सत्यापन जरूरी है ताकि फर्जी या अप्रासंगिक नाम सूची से हट सकें और वास्तविक मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित हो।
मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का क्या मतलब है?
मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (Rationalisation) वह प्रक्रिया है जिसमें मतदाताओं की संख्या, भौगोलिक स्थिति और सुविधा के आधार पर मतदान केंद्रों की सीमाओं और संख्या को पुनर्निर्धारित किया जाता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसे भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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