तेलंगाना SIR-2026: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण में तेजी के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुधर्शन रेड्डी ने 22 जुलाई 2026 को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण में तत्काल गति लाने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में राज्यभर के निर्वाचन अधिकारियों को इस सप्ताह के अंत तक 90 प्रतिशत से अधिक गणना प्रक्रिया पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी वसम वेंकटेश्वर रेड्डी, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी जी.एस. चारी, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के आयुक्त, हैदराबाद के जिला निर्वाचन अधिकारी तथा राज्य के समस्त डीईओ उपस्थित रहे। नोडल अधिकारी और तकनीकी टीम के सदस्य भी इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में सम्मिलित हुए।
मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ
सुधर्शन रेड्डी ने निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), बीएलओ पर्यवेक्षकों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को एसआईआर से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों और उन विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा जहाँ प्रगति अपेक्षाकृत कम है।
सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता ने गणना प्रपत्र ऑनलाइन जमा कर दिया है, तो बीएलओ उससे भौतिक फॉर्म की माँग न करें। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि फॉर्म जमा करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य न बनाया जाए — यह नागरिकों की सुविधा की दृष्टि से एक महत्त्वपूर्ण निर्देश है।
पारदर्शिता और मतदाता सुविधा पर जोर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के साथ होने वाली बैठकों में पारदर्शिता और उचित दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदाताओं को फॉर्म जमा करने में हर संभव सहायता दी जाए और उनकी शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए।
गौरतलब है कि एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत) मतदाताओं के मामलों का सावधानीपूर्वक सत्यापन कर सटीक रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सभी वीवीआईपी और वीआईपी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से शामिल किए जाने को सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलावार समीक्षा और लक्ष्य
बैठक में जिलावार अनमैप्ड मतदाताओं, 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले मतदान केंद्रों और अब तक एकत्र नहीं किए गए फॉर्म की समीक्षा की गई। सभी डीईओ को इस सप्ताह के अंत तक अपने-अपने जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक गणना प्रक्रिया पूरी करने और 'नो मैपिंग' श्रेणी के मतदाताओं का गहन सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आगे क्या होगा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और पर्यवेक्षी अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) की प्रक्रिया भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग पूरे देश में मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटि-मुक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किए हुए है।