16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या पीएनबी ने श्रेय फर्म के लोन खातों को फ्रॉड घोषित किया? 2,400 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पीएनबी ने श्रेय फर्म के लोन खातों को फ्रॉड घोषित किया? 2,400 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी

सारांश

पंजाब नेशनल बैंक ने श्रेय फर्मों के पूर्व प्रमोटरों द्वारा 2,434 करोड़ रुपए की लोन धोखाधड़ी का खुलासा किया है। क्या ये फर्में वित्तीय संकट में हैं? जानें इस गंभीर मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

पीएनबी ने 2,434 करोड़ रुपए की लोन धोखाधड़ी का खुलासा किया।
फ्रॉड फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर खाते घोषित किए गए।
श्रेय ग्रुप ने अदालत में मामले को चुनौती दी है।
अन्य बैंकों ने भी श्रेय कंपनियों के खातों को फ्रॉड घोषित किया है।
श्रेय ग्रुप दिवालियापन समाधान प्रक्रिया से गुजर रहा है।

नई दिल्ली, 27 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने श्रेय इक्विपमेंट फाइनेंस और श्रेय इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस के पूर्व प्रमोटर द्वारा कथित तौर पर 2,434 करोड़ रुपए की लोन धोखाधड़ी की घोषणा की है। यह जानकारी सरकारी बैंक की ओर से एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई।

एक्सचेंज फाइलिंग में पीएनबी ने बताया कि 2,434 करोड़ रुपए की लोन धोखाधड़ी में से 1,240.94 करोड़ रुपए श्रेय इक्विपमेंट फाइनेंस और बाकी के 1,193.06 करोड़ रुपए श्रेय इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस से जुड़े हुए हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने कहा कि उसने इन लोन के लिए 100 प्रतिशत का प्रावधान किया है। इन दो खातों को फ्रॉड फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर घोषित किया गया है, जिसमें संबंधित पक्षों को लोन देने और लोन के संभावित पुनर्जीवन जैसी अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है।

हालांकि, श्रेय ग्रुप ने धोखाधड़ी के वर्गीकरण के आधार के रूप में फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट को यह कहते हुए चुनौती दी है कि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।

पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे अन्य बैंकों ने पहले ही श्रेय कंपनियों से जुड़े लोन खातों को फ्रॉड घोषित कर दिया है।

श्रेय ग्रुप 2021 से दिवालियापन समाधान प्रक्रिया से गुजर रहा है, और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 2023 में राष्ट्रीय परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी द्वारा प्रस्तुत समाधान योजना को मंजूरी दे दी है।

अक्टूबर 2021 में भारतीय रिजर्व बैंक ने श्रेय ग्रुप को एनसीएलटी के समक्ष भेजा था, क्योंकि उसे शासन संबंधी समस्याएं और चूक मिली थीं। साथ ही, नियामक ने श्रेय इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस और श्रेय इक्विपमेंट फाइनेंस के बोर्डों को भंग कर दिया था।

फरवरी 2023 में एनआरसीएल, एसआईएफएल और एसईएफएल के लिए सफल बोलीदाता के रूप में उभर कर सामने आया, जिन पर ऋणदाताओं का कुल 32,750 करोड़ रुपए का बकाया था।

एनआरसीएल ने फरवरी 2023 में बोली जीती, अगस्त 2023 में एनसीएलटी से मंजूरी प्राप्त की और जनवरी 2024 तक अधिग्रहण को अंतिम रूप दे दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम सभी वित्तीय संस्थानों की पारदर्शिता और जिम्मेदारी की मांग करें। जब सरकारी बैंकों की बात आती है, तो जनता की विश्वास का स्तर अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए, इस तरह के मामलों से न सिर्फ संबंधित कंपनियों बल्कि पूरे वित्तीय क्षेत्र पर असर पड़ता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएनबी ने श्रेय फर्मों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
पीएनबी ने श्रेय इक्विपमेंट फाइनेंस और श्रेय इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस के लोन खातों को फ्रॉड घोषित किया है और इसके लिए 100% प्रावधान किया है।
क्या श्रेय ग्रुप ने धोखाधड़ी के आरोपों को स्वीकार किया है?
श्रेय ग्रुप ने धोखाधड़ी के वर्गीकरण को चुनौती दी है और कहा है कि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
अन्य बैंकों ने श्रेय फर्मों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने भी श्रेय कंपनियों से जुड़े लोन खातों को फ्रॉड घोषित कर दिया है।
श्रेय ग्रुप का वर्तमान वित्तीय स्थिति क्या है?
श्रेय ग्रुप 2021 से दिवालियापन समाधान प्रक्रिया से गुजर रहा है और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने समाधान योजना को मंजूरी दे दी है।
क्या इस धोखाधड़ी से अन्य बैंक प्रभावित होंगे?
हां, इस तरह के मामलों से पूरे वित्तीय क्षेत्र पर प्रभाव पड़ सकता है और अन्य बैंकों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले