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ब्रेंडन मैकुलम का ऐलान: वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड को अनुभव देना सबसे बड़ी प्राथमिकता

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ब्रेंडन मैकुलम का ऐलान: वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड को अनुभव देना सबसे बड़ी प्राथमिकता

सारांश

लाहौर में शादाब खान की नाबाद 113 रन की पारी ने इंग्लैंड को तीसरी हार दी और कोच मैकुलम को आईना दिखाया — साउथ अफ्रीका वर्ल्ड कप से पहले टीम को अनुभव, दबाव-प्रबंधन और चेज में स्मार्ट बैटिंग, तीनों मोर्चों पर तत्काल काम करना होगा।

मुख्य बातें

ब्रेंडन मैकुलम ने माना कि लाहौर ट्राई-सीरीज में लगातार हार दबाव में निर्णय लेने की कमज़ोरी उजागर करती है।
शादाब खान की नाबाद 113 रन की पारी और हारिस रऊफ के साथ 10वें विकेट पर 89 रन की साझेदारी ने इंग्लैंड को 241 रन के बचाव में हरा दिया।
रविवार की प्लेइंग इलेवन में से केवल 4 खिलाड़ियों — जो रूट, सैम करन, गस एटकिंसन और कप्तान हैरी ब्रूक — के पास वनडे वर्ल्ड कप का अनुभव है।
इंग्लैंड ट्राई-सीरीज में 3 में से 3 मैच हार चुका है; फाइनल की उम्मीद अब दूसरे मैचों के नतीजों पर निर्भर।
मैकुलम ने साउथ अफ्रीका वर्ल्ड कप को लक्ष्य बताते हुए कहा कि खिलाड़ियों को जल्द से जल्द ज़्यादा अनुभव दिया जाएगा।

इंग्लैंड के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम ने लाहौर में 26 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान के खिलाफ हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम को दबाव की स्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की सख्त ज़रूरत है। ट्राई-सीरीज में लगातार तीन हारों के बाद मैकुलम ने कहा कि अनुभव की कमी टीम की सबसे बड़ी कमज़ोरी है, और साउथ अफ्रीका में होने वाले आगामी वनडे वर्ल्ड कप से पहले इस खाई को पाटना अनिवार्य है।

लाहौर में कैसे हुई हार

इंग्लैंड ने लाहौर में पाकिस्तान के सामने 241 रन का लक्ष्य रखा, लेकिन मेज़बान टीम 9 विकेट गिरने के बाद भी 154 रन पर संघर्ष कर रही थी। तब शादाब खान ने नाबाद 113 रन की करिश्माई पारी खेली और हारिस रऊफ के साथ 10वें विकेट के लिए 89 रनों की अटूट साझेदारी कर इंग्लैंड को एक दर्दनाक हार दिलाई। इससे पहले रावलपिंडी में टीम 429 रन बनाने के बावजूद श्रीलंका के खिलाफ 2 विकेट से हार चुकी थी।

मैकुलम के बयान: क्या बोले कोच

पत्रकारों से बातचीत में मैकुलम ने कहा, 'जब आप हारते हैं तो इसका मतलब है कि उस दिन आप जीतने के लिए पर्याप्त अच्छे नहीं थे। ऐसे में आपको अपनी कमियों पर काम करना पड़ता है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'बात सिर्फ बल्लेबाजी, गेंदबाजी या फील्डिंग की नहीं है, बल्कि यह भी है कि दबाव में शांत कैसे रहा जाए, संतुलन कैसे बनाए रखा जाए और सही योजनाओं के साथ उन मुश्किल परिस्थितियों से कैसे निपटा जाए।'

मैकुलम ने वर्ल्ड कप को लेकर कहा, 'हम जानते हैं कि 12 महीने बाद कैलेंडर में एक बड़ा वर्ल्ड कप है। हम सीरियस चैलेंजर बनने के लिए यह मानने को तैयार हैं कि हमें बेहतर होने की आवश्यकता है। हमें इन खिलाड़ियों को जितनी जल्दी हो सके अनुभव देना होगा।'

अनुभवहीन टीम: आँकड़े क्या कहते हैं

रविवार को मैदान में उतरी प्लेइंग इलेवन में से केवल जो रूट, सैम करन, गस एटकिंसन और कप्तान हैरी ब्रूक ने ही पहले वनडे वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। यानी टीम का बड़ा हिस्सा ग्लोबल टूर्नामेंट के दबाव से अनजान है। गौरतलब है कि इंग्लैंड ने 2019 वनडे वर्ल्ड कप जीता था, लेकिन तब की और अब की टीम में व्यापक बदलाव आ चुके हैं।

शादाब की पारी से सीख

मैकुलम ने शादाब खान की मैच जिताने वाली पारी को इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों के लिए पाठशाला बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगा कि यह बहुत संतुलित और समझदारी भरी पारी थी। जिस तरह उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ साझेदारी की, वह हमारे युवा और कम अनुभवी खिलाड़ियों के लिए सीखने लायक उदाहरण है।' यह ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड को चेज के अंतिम चरण में लोअर-ऑर्डर साझेदारियों से निपटने की रणनीति बनानी है।

आगे क्या: फाइनल की राह संकरी

इंग्लैंड ट्राई-सीरीज में अपने तीनों मैच हार चुका है। अब फाइनल में पहुँचने के लिए उसे मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी और साथ ही यह भी उम्मीद करनी होगी कि पाकिस्तान अपना अगला मैच हार जाए। नेट रन रेट भी इस दौड़ में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। मैकुलम ने भरोसा जताया कि इन हारों से मिले सबक टीम को साउथ अफ्रीका वर्ल्ड कप के लिए बेहतर तैयार करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या ट्राई-सीरीज जैसे दौरे वाकई उस 'दबाव का अनुभव' दे सकते हैं जो वर्ल्ड कप नॉकआउट में चाहिए — या यह सिर्फ सांत्वना की भाषा है। रावलपिंडी में 429 रन बनाकर हारना और लाहौर में 10वें विकेट की साझेदारी से चूकना दर्शाता है कि समस्या तकनीकी नहीं, मानसिक है। 2019 का विश्व विजेता इंग्लैंड अब एक नई पीढ़ी की परीक्षा दे रहा है, और मैकुलम के सामने असली चुनौती यह है कि वे नए खिलाड़ियों को सिर्फ मैच नहीं, बल्कि जीतने की संस्कृति दें — और इसके लिए 12 महीने बहुत कम हो सकते हैं।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रेंडन मैकुलम ने लाहौर हार के बाद क्या कहा?
मैकुलम ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों को दबाव में बेहतर फैसले लेने की ज़रूरत है और टीम में अनुभव की कमी सबसे बड़ी चिंता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में टीम इन पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेगी।
लाहौर में इंग्लैंड कैसे हारा?
इंग्लैंड ने 241 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन शादाब खान ने नाबाद 113 रन बनाए और हारिस रऊफ के साथ 10वें विकेट के लिए 89 रन की साझेदारी कर पाकिस्तान को जीत दिलाई। पाकिस्तान 9 विकेट पर 154 रन से उबरकर मैच जीत गया।
इंग्लैंड की टीम में वनडे वर्ल्ड कप अनुभव किन खिलाड़ियों को है?
रविवार की प्लेइंग इलेवन में केवल जो रूट, सैम करन, गस एटकिंसन और कप्तान हैरी ब्रूक ने ही पहले वनडे वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है। बाकी अधिकतर खिलाड़ी ग्लोबल टूर्नामेंट के दबाव से अपरिचित हैं।
इंग्लैंड के ट्राई-सीरीज फाइनल में पहुँचने की क्या संभावना है?
इंग्लैंड तीनों मैच हार चुका है, इसलिए फाइनल की उम्मीद बेहद पतली है। उसे मंगलवार को श्रीलंका को हराना होगा और साथ ही पाकिस्तान की हार की उम्मीद भी करनी होगी; नेट रन रेट भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
साउथ अफ्रीका वनडे वर्ल्ड कप के लिए इंग्लैंड की तैयारी कैसी है?
मैकुलम ने माना है कि टीम अभी पर्याप्त रूप से तैयार नहीं है और अगले 12 महीनों में खिलाड़ियों को अधिक से अधिक दबाव वाले मैचों का अनुभव देना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उनका कहना है कि इंग्लैंड साउथ अफ्रीका वर्ल्ड कप में सीरियस चैलेंजर बनने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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