ब्रेंडन मैकुलम का ऐलान: वर्ल्ड कप से पहले इंग्लैंड को अनुभव देना सबसे बड़ी प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
इंग्लैंड के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम ने लाहौर में 26 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान के खिलाफ हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम को दबाव की स्थितियों में बेहतर निर्णय लेने की सख्त ज़रूरत है। ट्राई-सीरीज में लगातार तीन हारों के बाद मैकुलम ने कहा कि अनुभव की कमी टीम की सबसे बड़ी कमज़ोरी है, और साउथ अफ्रीका में होने वाले आगामी वनडे वर्ल्ड कप से पहले इस खाई को पाटना अनिवार्य है।
लाहौर में कैसे हुई हार
इंग्लैंड ने लाहौर में पाकिस्तान के सामने 241 रन का लक्ष्य रखा, लेकिन मेज़बान टीम 9 विकेट गिरने के बाद भी 154 रन पर संघर्ष कर रही थी। तब शादाब खान ने नाबाद 113 रन की करिश्माई पारी खेली और हारिस रऊफ के साथ 10वें विकेट के लिए 89 रनों की अटूट साझेदारी कर इंग्लैंड को एक दर्दनाक हार दिलाई। इससे पहले रावलपिंडी में टीम 429 रन बनाने के बावजूद श्रीलंका के खिलाफ 2 विकेट से हार चुकी थी।
मैकुलम के बयान: क्या बोले कोच
पत्रकारों से बातचीत में मैकुलम ने कहा, 'जब आप हारते हैं तो इसका मतलब है कि उस दिन आप जीतने के लिए पर्याप्त अच्छे नहीं थे। ऐसे में आपको अपनी कमियों पर काम करना पड़ता है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'बात सिर्फ बल्लेबाजी, गेंदबाजी या फील्डिंग की नहीं है, बल्कि यह भी है कि दबाव में शांत कैसे रहा जाए, संतुलन कैसे बनाए रखा जाए और सही योजनाओं के साथ उन मुश्किल परिस्थितियों से कैसे निपटा जाए।'
मैकुलम ने वर्ल्ड कप को लेकर कहा, 'हम जानते हैं कि 12 महीने बाद कैलेंडर में एक बड़ा वर्ल्ड कप है। हम सीरियस चैलेंजर बनने के लिए यह मानने को तैयार हैं कि हमें बेहतर होने की आवश्यकता है। हमें इन खिलाड़ियों को जितनी जल्दी हो सके अनुभव देना होगा।'
अनुभवहीन टीम: आँकड़े क्या कहते हैं
रविवार को मैदान में उतरी प्लेइंग इलेवन में से केवल जो रूट, सैम करन, गस एटकिंसन और कप्तान हैरी ब्रूक ने ही पहले वनडे वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। यानी टीम का बड़ा हिस्सा ग्लोबल टूर्नामेंट के दबाव से अनजान है। गौरतलब है कि इंग्लैंड ने 2019 वनडे वर्ल्ड कप जीता था, लेकिन तब की और अब की टीम में व्यापक बदलाव आ चुके हैं।
शादाब की पारी से सीख
मैकुलम ने शादाब खान की मैच जिताने वाली पारी को इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों के लिए पाठशाला बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगा कि यह बहुत संतुलित और समझदारी भरी पारी थी। जिस तरह उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ साझेदारी की, वह हमारे युवा और कम अनुभवी खिलाड़ियों के लिए सीखने लायक उदाहरण है।' यह ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड को चेज के अंतिम चरण में लोअर-ऑर्डर साझेदारियों से निपटने की रणनीति बनानी है।
आगे क्या: फाइनल की राह संकरी
इंग्लैंड ट्राई-सीरीज में अपने तीनों मैच हार चुका है। अब फाइनल में पहुँचने के लिए उसे मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी और साथ ही यह भी उम्मीद करनी होगी कि पाकिस्तान अपना अगला मैच हार जाए। नेट रन रेट भी इस दौड़ में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। मैकुलम ने भरोसा जताया कि इन हारों से मिले सबक टीम को साउथ अफ्रीका वर्ल्ड कप के लिए बेहतर तैयार करेंगे।