क्या ब्रेंडन मैकुलम और बेन स्टोक्स को खेलने का तरीका बदलना होगा?
सारांश
Key Takeaways
- इंग्लैंड को अपनी खेल शैली में बदलाव की जरूरत है।
- बॉयकॉट ने मैकुलम की कोचिंग पर सवाल उठाया है।
- स्टोक्स और मैकुलम को खिलाड़ियों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
- बोर्ड को पूर्व खिलाड़ियों से सलाह लेनी चाहिए।
- इंग्लैंड की अगली सीरीज में सुधार की उम्मीद है।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एशेज सीरीज 2025-26 में इंग्लैंड को 4-1 से कड़ी हार का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड के पूर्व ओपनर बल्लेबाज जेफ्री बॉयकॉट ने इस हार के बाद टीम के कप्तान बेन स्टोक्स और हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम की तीखी आलोचना की है।
जेफ्री बॉयकॉट ने कहा, "जब से स्टोक्स और मैकुलम ने टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभाली है, इंग्लैंड ने भारत या ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक भी सीरीज नहीं जीती है। सिर्फ न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ ही जीत मिली है।"
स्टोक्स ने कहा कि ब्रेंडन मैकुलम, रॉब की और बेन स्टोक्स ने तीन साल तक झूठ बोला। मैकुलम का सिद्धांत है कि अपना काम करो। दुनिया की परवाह किए बिना खेलो। कोई उन्हें डांटता नहीं है, कोई जवाबदेही नहीं है, और किसी को टीम से बाहर नहीं किया जाता है, इसलिए वे बस वही बेवकूफी भरी हरकतें करते रहते हैं। अगर कोच और कप्तान को कोई दिक्कत नहीं है, तो खिलाड़ियों को क्यों बदलना, खुद को ढालना या सुधारना चाहिए? लोग अब इस तरह के खेलने से तंग आ चुके हैं।
बॉयकॉट ने कहा कि हार के बावजूद बल्लेबाज मैकुलम ने अपने कोचिंग के तरीकों में बदलाव का कोई संकेत नहीं दिया है। उन्हें नहीं पता कि कब रुकना है या अपना रूटीन बदलना है। बिना किसी नतीजे के जो चाहें करने की इस तरह की खुली छूट इंग्लैंड को पीछे खींच रही है। हमारे पास कुछ बहुत प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं, लेकिन उनके स्किल का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अगले स्तर पर जाने के लिए हमें खिलाड़ियों के तैयारी करने और सोचने के तरीके में अलग अनुशासन की जरूरत है। बोर्ड को पूर्व में एशेज जीत चुके खिलाड़ियों को कोच और कप्तान के साथ बैठाना चाहिए। हम इंग्लैंड की जीत चाहते हैं।
स्टोक्स और मैकुलम दोनों ने कप्तान और कोच बने रहने की इच्छा जताई है। इंग्लैंड की अगली सीरीज जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ है। इसलिए इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के पास समीक्षा के लिए पूरा समय है।
ऑस्ट्रेलिया एशेज सीरीज में जोश हेजलवुड के बिना खेली। पैट कमिंस ने सिर्फ एक मैच खेला और नाथन लियोन ने भी सिर्फ एक ही मैच खेला। इन तीन दिग्गज खिलाड़ियों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया 4-1 से सीरीज जीतने में कामयाब रही। इंग्लैंड पूरी सीरीज में ज्यादातर समय दबाव में दिखी।