नेपाल में हिमस्खलन खतरा: 29-31 अक्टूबर तक हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग परमिट निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के आव्रजन विभाग ने 27 अक्टूबर 2026 को ऊंचे पहाड़ी और हिमालयी क्षेत्रों के प्रतिबंधित इलाकों के लिए 29 से 31 अक्टूबर तक ट्रैकिंग परमिट जारी करना निलंबित कर दिया है। भारी बर्फबारी, हिम-आंधी और हिमस्खलन के गंभीर खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण की चेतावनी के बाद यह निर्णय लिया गया।
चेतावनी की पृष्ठभूमि
नेपाल मौसम विज्ञान विभाग ने एक विशेष बुलेटिन जारी कर आगाह किया है कि बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात 'अर्नब' मजबूत हो रहा है। इसके प्रभाव से नेपाल के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज़ हवाएं, बर्फबारी और हिमस्खलन का खतरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में हाल के सप्ताहों से मौसमी आपदाओं को लेकर लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।
आव्रजन विभाग का निर्देश
विदेशी नागरिकों को ट्रैकिंग परमिट जारी करने वाले आव्रजन विभाग ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि जिन ट्रैकर्स को पहले ही परमिट मिल चुके हैं, वे भी जोखिम कम करने के लिए 29 से 31 अक्टूबर की अवधि में अपनी यात्रा स्थगित करें। विभाग ने कहा, 'जो ट्रैकर्स पहले ही यात्रा पर निकल चुके हैं, उनसे सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का अनुरोध किया जाता है।' ट्रैकिंग एजेंसियों, गाइडों और अन्य संबंधित पक्षों से भी इस निर्देश का पालन करने की अपील की गई है।
आम जनजीवन पर असर
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के कारण सड़क और हवाई परिवहन सेवाएं बाधित हो सकती हैं। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। प्राधिकरण ने विशेष रूप से नदियों के किनारे और बाढ़ के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में ठहरने से बचने को कहा है और मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नज़र रखने की हिदायत दी है।
हालिया आपदाओं का संदर्भ
गौरतलब है कि 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास हिमस्खलन के कारण नदी का प्रवाह रुकने और प्राकृतिक बांध टूटने से आई विनाशकारी बाढ़ में लगभग 1,500 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 5,000 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जाते हैं। कई बस्तियां, सड़कें, पुल और विद्युत ढांचा बह गया था। विश्व बैंक ने इस आपदा से हुए भौतिक नुकसान का अनुमान करीब 1.66 अरब अमेरिकी डॉलर लगाया है। यह नेपाल की हालिया सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में से एक मानी जा रही है।
क्या होगा आगे
आव्रजन विभाग ने संकेत दिया है कि 31 अक्टूबर के बाद स्थिति की समीक्षा कर परमिट जारी करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाएगा। ट्रैकर्स और पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित अधिकारियों से नवीनतम मौसम पूर्वानुमान और यात्रा सुरक्षा निर्देशों की जानकारी लेते रहें।