नेपाल में 25-27 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट, टूरिज्म बोर्ड ने पर्यटकों को सावधान किया
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल टूरिज्म बोर्ड (NTB) ने 23 सितंबर 2026 को पर्यटकों के लिए आधिकारिक यात्रा सुरक्षा एडवाइजरी जारी की, जिसमें चेतावनी दी गई है कि 25 से 27 सितंबर के बीच नेपाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। यह एडवाइजरी जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग (DHM) के ताज़ा अलर्ट के आधार पर जारी की गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट
DHM ने शुक्रवार से रविवार तक पूर्वी कोशी, दक्षिणी मधेश, मध्य बागमती और पश्चिमी सुदूरपश्चिम प्रांत के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। कर्णाली, गंडकी और लुंबिनी सहित पश्चिमी प्रांतों में भी गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार ऊँचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है।
26 अगस्त की बाढ़ की तबाही की पृष्ठभूमि
यह अलर्ट ऐसे समय में आया है जब नेपाल अभी भी 26 अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के ज़ख्म भर रहा है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, उस बाढ़ में मंगलवार शाम तक 1,451 लोगों की मौत हो चुकी थी और 5,705 लोग लापता थे, जिनमें 636 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। भोटे कोशी और त्रिशूली नदी बेसिन क्षेत्र में कई पर्यटक उस बाढ़ का शिकार हुए थे।
NTB की एडवाइजरी में क्या है
NTB ने अपनी एडवाइजरी में कहा, 'नदी घाटियों के पास पहाड़ी और ज़्यादा ऊँचे इलाकों में जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि वहाँ मौसम तेज़ी से बदल सकता है और ऊँचे इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।' बोर्ड ने यात्रियों को सलाह दी कि वे खराब मौसम से प्रभावित या अधिक जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचें। एडवाइजरी में यह भी कहा गया है, 'नदियों, झरनों, खड़ी ढलानों और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों के पास विशेष सावधानी बरतें।'
पर्यटकों के लिए सुरक्षा निर्देश
NTB ने पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताज़ा जानकारी और आधिकारिक एडवाइजरी अवश्य देखें और सड़क, फ्लाइट तथा ट्रेकिंग रूट की स्थितियों के बारे में अपडेट रहें। बोर्ड ने असुरक्षित मौसम में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और अन्य आउटडोर गतिविधियों से बचने की भी सलाह दी है। टूरिज्म बोर्ड का कहना है, 'स्थानीय अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों, पर्यटन पेशेवरों और अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और मौसम की स्थिति व टूर ऑपरेटरों की सलाह के आधार पर पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर रहें।'
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि नेपाल में मानसून का यह चरण पहाड़ी और तराई इलाकों के लिए सबसे संवेदनशील माना जाता है। 26 अगस्त की बाढ़ के बाद यह दूसरी बड़ी मौसमी चेतावनी है, और इससे स्पष्ट है कि आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ सतर्क हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे अगले कुछ दिनों में काठमांडू और उसके आसपास के क्षेत्रों की किसी भी यात्रा से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेते रहें।