सिंगापुर में हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने रखा निवेश एजेंडा, गुरुग्राम को बताया भविष्य का हब
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 5 अक्टूबर 2026 को सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम के तहत आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा की औद्योगिक और निवेश प्राथमिकताएं रखीं। इस मंच पर सिंगापुर के अग्रणी उद्योगपतियों, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की भी उपस्थिति रही।
फोरम का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
इस कार्यक्रम का केंद्रीय उद्देश्य हरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास को गति देना तथा दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशना था। सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित इस मंच पर मुख्यमंत्री सैनी ने फेडरेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंच दो ऐसी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संवाद का अवसर देता है, जिनके बीच विश्वास, मित्रता और सहयोग का रिश्ता निरंतर प्रगाढ़ हुआ है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में हरियाणा ने सिंगापुर की कंपनियों और संस्थाओं के साथ पाँच बड़े समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। वर्तमान दौरा उस साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हरियाणा की भौगोलिक और आर्थिक ताकत
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में हरियाणा की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि राज्य उत्तर भारत के बड़े उपभोक्ता और विनिर्माण बाज़ार के केंद्र में स्थित है। राज्य में प्रमुख आर्थिक कॉरिडोर, आधुनिक एक्सप्रेसवे और सुदृढ़ फ्रेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जो उद्योगों और निवेशकों के लिए अनुकूल परिवेश तैयार करती है।
उन्होंने गुरुग्राम और उसके आसपास इंटीग्रेटेड टाउनशिप, कमर्शियल डेवलपमेंट और आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में सिंगापुर की कंपनियों के साथ साझेदारी की व्यापक संभावनाएं बताईं। सैनी ने सिंगापुर के उद्यमों से हरियाणा में अपने टेक्नोलॉजी और प्रोफेशनल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का आह्वान किया।
इनोवेशन कैपिटल बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा को केवल एक औद्योगिक शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि भारत की इनोवेशन कैपिटल के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा मज़बूत इकोसिस्टम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहाँ व्यापार तेज़ी से आगे बढ़े और रोज़गार, निवेश तथा इनोवेशन के नए अवसर सृजित हों।
यह ऐसे समय में आया है जब कई भारतीय राज्य वैश्विक निवेश आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा में हैं। सैनी का यह सिंगापुर दौरा हरियाणा को इस दौड़ में आगे रखने की रणनीति का हिस्सा दिखता है।
शिक्षा क्षेत्र में नई साझेदारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा ने हाल ही में सिंगापुर स्थित एक ग्लोबल स्कूल ग्रुप के साथ साझेदारी की है। इस पहल के तहत राज्य में विश्वस्तरीय के-12 शिक्षा का बुनियादी ढाँचा विकसित करने की योजना है, जो कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आगे की राह
इस फोरम में व्यक्त की गई प्रतिबद्धताएं किस हद तक ठोस निवेश और रोज़गार में बदलती हैं, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा। सिंगापुर के साथ हरियाणा की यह सक्रिय कूटनीति राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।