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क्या दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण 'गंभीर' स्तर पर पहुंच गया है, आईटीओ में एक्यूआई 498?

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क्या दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण 'गंभीर' स्तर पर पहुंच गया है, आईटीओ में एक्यूआई 498?

सारांश

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने गंभीर स्तर को छू लिया है, खासकर आईटीओ क्षेत्र में, जहां एक्यूआई 498 तक पहुंच गया है। क्या यह स्थिति स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है? जानें इस लेख में।

मुख्य बातें

दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई गंभीर स्तर पर है।
आईटीओ क्षेत्र में एक्यूआई 498 पर पहुंच गया।
गिरते तापमान और धुंध की स्थिति प्रदूषण को बढ़ा रही है।
निर्माण कार्य और वाहन प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं।
स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को लेकर सतर्क रहना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 9 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली-एनसीआर रविवार को घने धुंध की परत में ढका रहा और शहर के कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गया। कुछ इलाकों में स्थिति और भी बिगड़ गई, जहां एक्यूआई 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 24 घंटे का औसत एक्यूआई 361 रहा है। ताजा आंकड़ों से पता चला है कि 24 मॉनिटरिंग स्टेशनों ने एक्यूआई का स्तर 400 से ऊपर दर्ज किया, जो इस मौसम में अब तक का सबसे अधिक है। वजीरपुर में एक्यूआई 424, बवाना में 424 और विवेक विहार में 415 बना हुआ है।

रोहिणी में एक्यूआई 435, नेहरू नगर में 426, बवाना में 426 और आरके पुरम में 422 पर दर्ज किया गया। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में दिल्ली का आईटीओ क्षेत्र है, जहां एक्यूआई 498 तक पहुंच गया।

दिल्ली के अलावा, एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में भी वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। नोएडा में औसत एक्यूआई 391, ग्रेटर नोएडा में 366, गाजियाबाद में 387 और गुरुग्राम में 252 दर्ज किया गया।

हालांकि, शनिवार के मुकाबले रविवार को स्थिति में सुधार देखा गया है। शनिवार को, सीपीसीबी ने दिल्ली को भारत का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया। एनसीआर के पड़ोसी शहरों में भी यही स्थिति रही, जहां नोएडा में एक्यूआई 354, ग्रेटर नोएडा में 336 और गाजियाबाद में 339 दर्ज किया गया।

वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले सात दिनों तक न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। फिलहाल, सुबह और शाम की ठंडी हवाएं सर्दी को और बढ़ा रही हैं। हालांकि, बारिश की उम्मीद नहीं है और मौसम कोहरा बना रहने की संभावना है।

आईएमडी ने कहा कि प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति गिरते तापमान से जुड़ी है, जिससे हवा भारी हो जाती है और हवा की गति कम हो जाती है, जिससे प्रदूषक सतह के पास जमे रहते हैं। इसी कारण कोहरे और धुंध का मिश्रण घना बना रहता है। आईएमडी के अनुसार, निर्माण गतिविधियां और वाहनों से निकलने वाला धुआं भी वायु प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। सभी को इस स्थिति का सामना करने के लिए जागरूक होना चाहिए।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के वायु प्रदूषण का मुख्य कारण क्या है?
दिल्ली के वायु प्रदूषण का मुख्य कारण निर्माण गतिविधियां, वाहनों का धुआं और गिरता तापमान है।
क्या वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है?
हां, उच्च AQI स्तर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, जैसे कि सांस लेने में कठिनाई और अन्य गंभीर बीमारियाँ।
क्या अगले दिनों में बारिश की संभावना है?
फिलहाल, बारिश की कोई संभावना नहीं है और मौसम कोहरा बना रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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