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क्या एनसीआर में जहरीली हवा से राहत मिल पाएगी? ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में एक्यूआई 400 के पार

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क्या एनसीआर में जहरीली हवा से राहत मिल पाएगी? ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में एक्यूआई 400 के पार

सारांश

क्या एनसीआर में वायु प्रदूषण से निजात मिलेगी? ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है। जानिए इसके स्वास्थ्य पर प्रभाव और इससे बचने के उपाय।

मुख्य बातें

एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार पहुंच गया है।
गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा सबसे प्रदूषित क्षेत्र हैं।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
लोगों को मास्क पहनने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन को सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है।

नोएडा, 18 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 के पार पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

इस श्रेणी की हवा न केवल अस्थमा, हृदय और फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद नुकसानदेह है, बल्कि स्वस्थ लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालती है। गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। ग्रेटर नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 430 के रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किया गया, जिससे यह एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया है।

वहीं गाजियाबाद में कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई 404 से 438 के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे खराब स्तर माना जा रहा है। नोएडा और दिल्ली भी बेहतर स्थिति में नहीं हैं। नोएडा के सेक्टर–125, सेक्टर–1 और सेक्टर–116 जैसे क्षेत्रों में एक्यूआई 324 से 402 के बीच दर्ज किया गया।

दिल्ली के आनंद विहार, बवाना, चांदनी चौक और अलीपुर जैसे इलाकों में प्रदूषण 350 से 426 के बीच बना हुआ है, जो सांस लेने में मुश्किल पैदा कर रहा है। इसके विपरीत, मौसम में बदलाव से प्रदूषण में राहत की उम्मीद थी, लेकिन भारतीय मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। न ही हवा की गति बढ़ने के संकेत हैं, और न ही बारिश की संभावना दिखाई दे रही है।

आने वाले हफ़्ते में अधिकतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतर दिनों में कोहरा रहने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी और स्थिर हवाओं के कारण प्रदूषित कण वातावरण में नीचे ही बने रहते हैं और कोहरा उन्हें और अधिक घना बना देता है, जिससे एक्यूआई में और वृद्धि हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने, बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने और सुबह–शाम खुली हवा में टहलने से बचने की सलाह दी है। सरकारी एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन पर भी प्रदूषण रोकथाम के लिए और कठोर कदम उठाने का दबाव बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या अत्यंत गंभीर है। इसके लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और प्रशासन को इस दिशा में सक्रियता दिखानी होगी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीआर में वायु प्रदूषण के कारण क्या हैं?
एनसीआर में वायु प्रदूषण के मुख्य कारणों में उद्योग, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य, और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं।
एक्यूआई 400 से अधिक होने पर क्या करना चाहिए?
जब एक्यूआई 400 से अधिक हो, तो घर से बाहर न निकलें, मास्क पहनें, और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह मानें।
क्या मौसम में बदलाव से प्रदूषण में कमी आएगी?
मौसम में बदलाव से कुछ राहत की उम्मीद होती है, लेकिन वर्तमान में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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