क्या एनसीआर में प्रदूषण ने फिर से गंभीर स्थिति पैदा कर दी है?

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क्या एनसीआर में प्रदूषण ने फिर से गंभीर स्थिति पैदा कर दी है?

सारांश

क्या एनसीआर में प्रदूषण ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है? वर्तमान में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार जा चुका है। जानिए गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के हालात क्या हैं?

Key Takeaways

  • वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार जा चुका है।
  • दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में स्थिति गंभीर है।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
  • मौसम में बदलाव से राहत की उम्मीद है।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर से गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और आईएमडी के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार 400 के पार दर्ज किया जा रहा है।

यह स्थिति “गंभीर” श्रेणी में आती है, जो आम जनजीवन और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। गाजियाबाद में इंदिरापुरम में एक्यूआई 410, लोनी में 435, संजय नगर में 335 और वसुंधरा में 439 दर्ज किया गया। नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 406, सेक्टर-62 में 385, सेक्टर-1 में 411 और सेक्टर-116 में 409 रिकॉर्ड किया गया। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि दिल्ली से सटे यूपी के शहर भी प्रदूषण की गंभीर चपेट में हैं।

दिल्ली के हालात और भी चिंताजनक हैं। आनंद विहार में एक्यूआई 444, अशोक विहार में 442, रोहिणी में 438, पंजाबी बाग में 436 और पटपड़गंज में 434 दर्ज किया गया। आरके पुरम में एक्यूआई 420, सोनिया विहार में 417, बवाना में 416 और ओखला फेज-2 में 415 रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा चांदनी चौक (408), डीयू (403), शादिपुर (372), सीआरआरआई मथुरा रोड (360), सिरीफोर्ट (398) और श्री अरबिंदो मार्ग (325) जैसे इलाकों में भी हवा बेहद खराब स्थिति में है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी कोई बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं है। 20 से 22 जनवरी तक मौसम पूर्वानुमान में मध्यम कोहरे की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन हवा की रफ्तार कम होने और ठंडे मौसम के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं।

दिलचस्प बात यह है कि कोहरा अपेक्षाकृत कम है और विजिबिलिटी भी ठीक बताई जा रही है, इसके बावजूद पूरे एनसीआर पर स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसमीय परिस्थितियां इस गंभीर स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और घर के अंदर रहने की अपील की जा रही है। फिलहाल, जब तक मौसम में बदलाव या तेज हवाएं नहीं चलतीं, तब तक एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण केवल स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की स्वास्थ्य प्रणाली को प्रभावित कर सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

एनसीआर में प्रदूषण के मुख्य कारण क्या हैं?
वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसमीय परिस्थितियां प्रदूषण के मुख्य कारण हैं।
क्या एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक है?
हां, वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार जाना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
बच्चों और बुजुर्गों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को बाहर निकलने से बचना चाहिए और मास्क का उपयोग करना चाहिए।
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