झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सीओ के लाठी से युवक को पीटने का मामला उठाया
सारांश
Key Takeaways
- वीडियो वायरल: सीओ द्वारा युवक को पीटे जाने का वीडियो तेजी से वायरल हुआ।
- नेता प्रतिपक्ष की मांग: बाबूलाल मरांडी ने सीओ के निलंबन की मांग की है।
- प्रशासनिक नैतिकता: यह घटना प्रशासनिक नैतिकता के खिलाफ है।
- संवेदनशीलता की आवश्यकता: प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशीलता से कार्य करना चाहिए।
रांची, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड की अंचल अधिकारी (सीओ) सविता सिंह द्वारा एक युवक को लाठी से पीटने के वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए उनके निलंबन की मांग की है।
इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो पुलिसकर्मी एक युवक को पुलिस वाहन में बैठाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी दौरान सीओ सविता सिंह हाथ में लाठी लेकर वहां पहुंचती हैं और युवक के सिर के पीछे प्रहार करती हैं। इसके बाद वह युवक को उंगली दिखाते हुए चेतावनी देती हैं। आसपास के कई लोग इस पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर रहे थे।
यह घटना 20 फरवरी को हुई थी, जब इटखोरी महोत्सव का आयोजन चल रहा था। उसी समय किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर साझा करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस तरह युवक पर लाठी से प्रहार करना गंभीर और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों से संयम, संवेदनशीलता और कानून का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। यदि संबंधित युवक से कोई गलती हुई थी तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती थी, लेकिन इस तरह से सार्वजनिक रूप से मारपीट करना प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ है।
उन्होंने चतरा के उपायुक्त से सीओ को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।