विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के वायरल ऑडियो पर पूर्व विधायक जाड़ावत की तीखी निंदा
सारांश
Key Takeaways
- विधायक चंद्रभान सिंह आक्या का वायरल ऑडियो जिले में चर्चा का विषय बना।
- पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने इस पर कड़ी निंदा की।
- ऑडियो में धमकी देने की घटनाएं शामिल हैं।
- राजनीति और प्रशासन में हलचल मची है।
- इस तरह के मामलों पर जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
चित्तौड़गढ़, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चित्तौड़गढ़ जिले में परिवहन विभाग हमेशा वसूली के मुद्दों पर चर्चा में रहता है, लेकिन इस बार मामला चित्तौड़गढ़ के विधायक चंद्रभान सिंह आक्या से जुड़ा हुआ है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और आरटीओ इंस्पेक्टर सुशील उपाध्याय के बीच बातचीत हो रही है। जबकि इस वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटना ने जिले की राजनीति और प्रशासन में हलचल मचा दी है।
पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस प्रकार की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर यह ऑडियो सही है, तो सुशील उपाध्याय को धमकाना और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना निंदनीय है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सुरेंद्र सिंह जाड़ावत का कहना है कि इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं। किसी जनप्रतिनिधि द्वारा कर्मचारियों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना गलत है। यदि विधायक का चालान गलत तरीके से काटा गया था, तो उन्हें शिकायत करनी चाहिए थी, लेकिन इस तरह की गाली-गलौज और धमकियां देना अनुचित है।
वायरल ऑडियो में एक व्यक्ति जो खुद को रविंद्र भूतड़ा बताता है, आरटीओ अधिकारी से विधायक की गाड़ी का चालान काटने की बात करता है। जब अधिकारी ने चालान भरने की बात कही, तो विधायक को लाइन में लगाने की बात भी की जाती है।
इसके बाद फोन पर हुई बातचीत में अधिकारी को बुरी तरह लताड़ा जाता है और मामला गाली-गलौज तक पहुंच जाता है। ऑडियो में विधायक के प्रतिनिधि द्वारा गंगरार टोल नाके पर मारपीट की धमकी भी दी जाती है।
फिलहाल जिस अधिकारी का यह ऑडियो बताया जा रहा है, उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, विधायक चंद्रभान सिंह की तरफ से भी इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया गया है।
चित्तौड़गढ़ में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच इस तरह की तीखी बातचीत के मामले पहले भी सुर्खियों में रहे हैं। इससे पहले बेगूं विधानसभा के विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी और थाना अधिकारी संजय गुर्जर के बीच भी इसी प्रकार की गाली-गलौज की चर्चा हुई थी।