बिहार विधानसभा में सीएम नीतीश का आक्रोश, विपक्ष को दी चुप रहने की सलाह
सारांश
Key Takeaways
- बिहार विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार का आक्रोश
- विपक्ष की आलोचना और हंगामा
- लाठीचार्ज की घटना ने बढ़ाई राजनीतिक तापमान
- नीतीश कुमार का विपक्ष को चुप रहने की सलाह
- राजनीतिक तनाव और नए सवाल उठने की संभावना
पटना, 24 फ़रवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में दफादार और चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज की घटना ने राज्य की राजनीतिक स्थिति को गर्म कर दिया है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे दफादार और चौकीदारों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया है। यह मामला इतना बढ़ गया कि इसकी गूंज बिहार विधानसभा तक पहुंची और सदन में जमकर हंगामा हुआ।
विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा में अपनी जगह से खड़े होकर कहा, "बेमतलब का शोर मत मचाइए, क्या आपने कभी कोई काम किया है?"
नीतीश कुमार ने विपक्षी सदस्यों भाई वीरेंद्र और कुमार सर्वजीत की ओर इशारा करते हुए कहा कि कृपया चुप बैठें। उन्होंने विपक्ष की संख्या पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, "आप अपनी संख्या देख लीजिए और हमारी संख्या देख लीजिए। हम आपकी बातें सुनते हैं, लेकिन बिना किसी कारण के बातें मत कीजिए।"
जब राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बोलना शुरू किया, तो नीतीश कुमार ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की बातों को लगातार सुनती है, लेकिन बेवजह के आरोपों से बचने की सलाह दी।
इस दौरान, सीएम नीतीश कुमार ने एनडीए विधायकों की संख्या को 202 की जगह 2002 बता दिया। इस मौके पर नीतीश कुमार विधायकों को बार-बार “मीटिंग” कहते नजर आए।
सीएम ने कहा, "हमने एक-दो बार आप लोगों को अपने साथ रखा, लेकिन जब आप लोग इधर-उधर होने लगे, तो हमने साथ छोड़ दिया। आपकी सरकार ने आज तक कोई काम नहीं किया है, जो भी काम हुआ है, वह हमारी सरकार के कार्यकाल में हुआ है।"
नीतीश कुमार के इस एक्शन पर उनके बगल में बैठे संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि बैठ जाइए। इसके बावजूद, सीएम अपनी बात कहने में लगे रहे।
हालांकि, जब विपक्ष के विधायकों ने हंगामा बंद किया, तो नीतीश कुमार भी अपनी जगह पर बैठ गए।