बिहार में 10 बंद चीनी मिलें हुईं चालू, अगले 5 वर्षों में 25 मिलों का लक्ष्य: सम्राट चौधरी

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बिहार में 10 बंद चीनी मिलें हुईं चालू, अगले 5 वर्षों में 25 मिलों का लक्ष्य: सम्राट चौधरी

सारांश

बिहार में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एआई को सशक्त करने की बात कही और गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की। 25 चीनी मिलों के चालू होने का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में है।

Key Takeaways

  • 10 बंद चीनी मिलें चालू की गईं हैं।
  • अगले 5 वर्षों में 25 मिलों को चालू करने का लक्ष्य।
  • AI को सशक्त बनाने की दिशा में काम जारी है।
  • गन्ना उद्योग में तकनीकी सुधार की आवश्यकता है।
  • किसानों की आय में वृद्धि के लिए कैश क्रॉप को बढ़ावा दिया जाएगा।

पटना, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को सशक्त बनाने का सही समय आ गया है। सरकार का उद्देश्य यह है कि तकनीक हमारे जीवन, गन्ना उद्योग, कृषि और किसानी के क्षेत्र में समाहित हो।

उन्होंने कहा कि बिहार, जिसे पहले उद्योग के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता था, अब एनडीए शासन में 9 से 10 चीनी मिलों का पुनः संचालन हो चुका है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान अगले पांच वर्षों में 25 चीनी मिलें चालू करने का आश्वासन दिया है। नई सरकार के गठन के बाद इस दिशा में कार्य शुरू हो चुका है।

उपमुख्यमंत्री चौधरी ने सोमवार को पटना में आयोजित गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार-2026 में कहा कि तकनीक आधारित कृषि से किसानों का समुचित विकास संभव है। इसके लिए पिछले बजट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है, और आवश्यक फंड भी उपलब्ध कराया गया है। जल्द ही इसे कार्यान्वित किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का सीधा लाभ होगा।

इसके अलावा, चौधरी ने किसानों की समृद्धि के लिए कैश क्रॉप यानी नगदी फसल की खेती को भी आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले बड़ी संख्या में चीनी मिलें थीं और यहाँ गुड़ का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता था। लेकिन कांग्रेस और राजद के शासन में अधिकांश मिलें बंद हो गईं। अब नीतीश कुमार के संकल्प और नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इन्हें पुनः चालू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट भी तैयार किया जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य है कि गन्ना खेती और चीनी उद्योग को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि हो और बिहार के श्रमिकों को राज्य में रोजगार के अवसर मिलें। सरकार प्रयासरत है कि धान के साथ-साथ गन्ने जैसी नगदी फसल को भी प्रोत्साहन मिले ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो। महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा सहित कई राज्यों में नगदी फसल की खेती कर किसान अपने जीवन को बेहतर बना रहे हैं।

Point of View

जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

बिहार में कितनी चीनी मिलें चालू की गई हैं?
बिहार में 10 बंद चीनी मिलें पुनः चालू की गई हैं।
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने क्या घोषणा की है?
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने एआई को सशक्त करने और अगले 5 वर्षों में 25 चीनी मिलें चालू करने का लक्ष्य रखा है।
गन्ना उद्योग में तकनीक का क्या महत्व है?
तकनीक आधारित कृषि से किसानों का समुचित विकास संभव है, जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है।
सरकार द्वारा कौन सी नई योजनाएँ लाई जा रही हैं?
सरकार द्वारा गन्ना खेती और चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।
किसानों की खुशहाली के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
किसानों की खुशहाली के लिए नगदी फसल की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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