जमशेदपुर सड़क हादसा: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सहित 4 की मौत, नेताओं ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर गुरुवार, 24 सितंबर 2026 की सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री तृषा सिंह सहित कुल चार लोगों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
हादसे का संक्षिप्त विवरण
जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर हुई इस दुर्घटना में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री तृषा सिंह समेत तीन अन्य लोगों की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही राज्यभर में शोक की लहर दौड़ गई और राजनीतिक गलियारों में भी स्तब्धता छा गई। गौरतलब है कि दीपिका पांडेय सिंह वर्तमान में झारखंड सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
कांग्रेस नेताओं की संवेदना
झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के. राजू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने तृषा सिंह के असामयिक निधन पर गहरी वेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक और स्तब्ध करने वाली है तथा एक माँ के लिए अपनी संतान को खोने का दर्द शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता। दोनों नेताओं ने कहा कि इस कठिन समय में पूरी प्रदेश कांग्रेस दीपिका पांडेय सिंह और उनके शोकाकुल परिवार के साथ एकजुटता से खड़ी है।
भाजपा और राज्य मंत्रियों की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस हादसे में बच्ची के असामयिक निधन की खबर से वे अत्यंत मर्माहत हैं। उन्होंने शोकाकुल परिवार को यह असहनीय पीड़ा सहने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की।
राज्य सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा, 'दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और व्यथित करने वाला है। संतान को खोने का दुख किसी माँ के लिए शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।' मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी जमशेदपुर मरीन ड्राइव पर हुए इस हादसे में तृषा सिंह समेत अन्य लोगों की मृत्यु पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि संतान को खोने की क्षति किसी भी माता-पिता के लिए अपूरणीय होती है।
अन्य मंत्रियों की संवेदना
मंत्री संजय यादव ने कहा कि यह दीपिका पांडेय सिंह और उनके पूरे परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक समय है और उन्होंने परिवार के प्रति अपनी संवेदना एवं प्रार्थना व्यक्त की। मंत्री दीपक बिरुआ ने भी इस दुर्घटना पर शोक जताते हुए कहा कि संतान को खोने की पीड़ा किसी भी माता-पिता के लिए असहनीय होती है और उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की।
आगे की स्थिति
इस हादसे ने पूरे झारखंड को शोकाकुल कर दिया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जाती रही हैं। शोकसंतप्त परिवारों के प्रति राजनीतिक दलों का यह एकजुट संवेदना-प्रवाह इस त्रासदी की गहराई को दर्शाता है।