जमशेदपुर कार हादसा: मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी तृषा समेत चार युवाओं की मौत, कैबिनेट बैठक स्थगित
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार, 24 सितंबर 2026 की तड़के एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार युवाओं की जान चली गई, जिनमें राज्य की कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडे सिंह की 18 वर्षीया बेटी तृषा सिंह भी शामिल थीं। मरीन ड्राइव के निकट सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से बेकाबू कार की जोरदार टक्कर के बाद चारों युवाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे का विवरण
मृतकों की पहचान तृषा सिंह, सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता और वंशिका खंडेलवाल के रूप में हुई है। चारों युवा बुधवार रात एक मित्र के घर एकत्र हुए थे और वहाँ से कार में सैर पर निकले थे। रात के अंधेरे में मरीन ड्राइव के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से उनकी कार की इतनी भीषण भिड़ंत हुई कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और सभी चारों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
अंतिम संस्कार और शोक का माहौल
तृषा सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम रांची स्थित मंत्री के स्मार्ट सिटी आवास लाया गया। धुर्वा के सीठियो श्मशानघाट के लिए जब उनकी अंतिम यात्रा निकली, तो मूसलाधार बारिश ने माहौल को और भी गमगीन कर दिया। पिता रत्नेश सिंह ने कांपते हाथों से अपनी बेटी को मुखाग्नि दी और वहाँ उपस्थित हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं।
मुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ नेताओं ने जताया शोक
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन मंत्री आवास पहुँचे और तृषा के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। दोनों ने परिजनों से मुलाकात कर इस असहनीय पल में अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
इसके अतिरिक्त, कैबिनेट मंत्री इरफान अंसारी, योगेंद्र प्रसाद, राधाकृष्ण किशोर, विधायक अनूप सिंह, सुरेश बैठा, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, कैबिनेट सचिव वंदना दादेल और कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीकी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मंत्री आवास पहुँचकर परिवार को ढाँढस बँधाने पहुँचे।
कैबिनेट बैठक स्थगित
इस दुखद हादसे के चलते राज्य सरकार ने 25 सितंबर 2026 को प्रस्तावित झारखंड मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक को स्थगित करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की।
आम जनता पर असर
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब झारखंड में रात्रिकालीन सड़क सुरक्षा पहले से ही एक गंभीर चिंता का विषय रही है। गौरतलब है कि शहरी क्षेत्रों में देर रात खड़े ट्रकों और पर्याप्त रोशनी के अभाव को कई हादसों का कारण माना जाता रहा है। चार होनहार युवाओं की असमय मृत्यु ने पूरे राज्य को शोक में डुबो दिया है और यह घटना सड़क सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ने की आशंका है।