खूंटी सड़क हादसा: ट्रेलर ने 7 लोगों को कुचला, कर्रा में ग्रामीणों का उग्र विरोध और सड़क जाम
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा में गुरुवार रात करीब 10 बजे हुए भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की मौत के बाद शुक्रवार, 6 नवंबर की सुबह ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। कर्रा रेलवे फाटक के पास टायर जलाकर प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क अवरुद्ध कर दी, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
हादसे का घटनाक्रम
कर्रा-तोरपा मुख्य सड़क पर जोने-लुदरू मोड़ के पास गुरुवार रात एक स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। स्कूटी सवार की मदद के लिए आसपास के ग्रामीण सड़क किनारे जुटे हुए थे। इसी दौरान तोरपा की दिशा से तेज़ रफ़्तार में आ रहे 18 पहिए वाले ट्रेलर-ट्रक ने वहाँ खड़े लोगों को कुचल दिया।
हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक 12 वर्षीय बच्चे ने खूंटी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में एक बच्ची घायल भी हुई है।
ग्रामीणों की माँगें और सड़क जाम
शुक्रवार सुबह उग्र ग्रामीणों ने कर्रा रेलवे फाटक के पास टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं — हादसे के लिए ज़िम्मेदार ट्रेलर चालक की तत्काल गिरफ्तारी, मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा, तथा जोने-लुदरू मोड़ पर पुख्ता सड़क सुरक्षा इंतजाम।
ग्रामीणों का कहना था कि इस मोड़ पर अंधेरा और सड़क की जर्जर स्थिति दुर्घटनाओं की आशंका पहले से बढ़ाती है, फिर भी भारी वाहन बेरोकटोक तेज़ रफ़्तार से गुज़रते हैं। यह इलाके में पहली बड़ी सड़क दुर्घटना नहीं है, जो ग्रामीणों के संचित आक्रोश को दर्शाती है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और सरकारी प्रावधानों के अनुसार पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और जाम हटाने के लिए बातचीत जारी रही।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की संवेदना
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि खूंटी के कर्रा में सड़क दुर्घटना में सात लोगों की मौत की खबर से उनका मन व्यथित है। सोरेन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और मारांग बुरु से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
आगे की राह
यह दुर्घटना झारखंड की सड़क सुरक्षा की कमज़ोरियों को एक बार फिर उजागर करती है — विशेष रूप से उन ग्रामीण मार्गों पर जहाँ रात के समय न प्रकाश होता है, न भारी वाहनों की गति पर कोई प्रभावी नियंत्रण। प्रशासन के आश्वासनों के बाद जाम की स्थिति और कानूनी कार्रवाई पर नज़र बनी हुई है।