6 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दुबई से एयर एम्बुलेंस से वापस लाए गए MP के ज्ञानेंद्र तिवारी, दिल्ली AIIMS में इलाज जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दुबई से एयर एम्बुलेंस से वापस लाए गए MP के ज्ञानेंद्र तिवारी, दिल्ली AIIMS में इलाज जारी

सारांश

अनूपपुर के ज्ञानेंद्र तिवारी 15 अक्टूबर को दुबई में कार्डियक अरेस्ट के बाद तीन सप्ताह से अधिक कोमा में रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल और PMO से समन्वय के बाद एयर एम्बुलेंस से उन्हें स्वदेश लाया गया — अब वे AIIMS दिल्ली में उपचाराधीन हैं।

मुख्य बातें

ज्ञानेंद्र तिवारी , अनूपपुर जिले (मध्य प्रदेश) के निवासी, को 15 अक्टूबर को दुबई में कार्डियक अरेस्ट आया था।
वे तीन सप्ताह से अधिक समय तक कोमा में रहे; बाद में एयर एम्बुलेंस से भारत वापस लाए गए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वापसी के लिए पहल की और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से समन्वय किया।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और सांसद हिमाद्री सिंह ने भी वापसी प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई।
तिवारी को अब दिल्ली एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के निवासी ज्ञानेंद्र तिवारी को दुबई से एयर एम्बुलेंस के ज़रिए भारत वापस लाया गया है और उन्हें दिल्ली एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। 15 अक्टूबर को अचानक कार्डियक अरेस्ट आने के बाद तिवारी दुबई के एक अस्पताल में भर्ती हुए थे और तीन सप्ताह से अधिक समय तक कोमा में रहे।

क्या हुआ था दुबई में

ज्ञानेंद्र तिवारी दुबई में थे, जब 15 अक्टूबर को उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया और उन्हें तत्काल वहाँ के एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वे तीन सप्ताह से अधिक समय तक कोमा में रहे, जिससे उनके परिवार की चिंता और परेशानी लगातार बढ़ती रही।

विदेश में लंबे समय तक गंभीर स्थिति में अस्पताल में पड़े रहने के कारण परिवार के सामने न केवल स्वास्थ्य संबंधी, बल्कि एक गंभीर रूप से बीमार मरीज़ को दूसरे देश से वापस लाने की लॉजिस्टिकल चुनौती भी खड़ी थी।

सरकारी पहल और समन्वय

गुरुवार देर रात मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तिवारी की स्वदेश वापसी के लिए स्वयं पहल की और इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से आवश्यक समन्वय किया। बयान में कहा गया, 'मुख्यमंत्री की पहल पर प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ जरूरी समन्वय किया गया।'

इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और शहडोल की सांसद हिमाद्री सिंह ने भी तिवारी की सुरक्षित वापसी और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए। बयान के अनुसार, सरकारी व प्रशासनिक स्तर पर हुए इन संयुक्त प्रयासों के फलस्वरूप दुबई से एयर एम्बुलेंस के ज़रिए उनकी वापसी संभव हो सकी।

परिवार की प्रतिक्रिया

ज्ञानेंद्र के रिश्तेदार देवेंद्र तिवारी ने बताया कि पूरा परिवार उनकी वापसी को लेकर बेहद चिंतित था। उन्होंने उन सभी लोगों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में मदद की।

देवेंद्र तिवारी ने परिवार की ओर से केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार, दोनों के साथ-साथ उन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति की स्वदेश वापसी को इतनी जटिल परिस्थिति में संभव बनाया।

AIIMS दिल्ली में उपचार

दुबई से एयर एम्बुलेंस द्वारा भारत लाए जाने के बाद ज्ञानेंद्र तिवारी को सीधे दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है। उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में अधिकृत जानकारी की प्रतीक्षा है।

यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि विदेश में अचानक गंभीर स्वास्थ्य संकट में फँसे भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी के लिए सरकारी हस्तक्षेप और राजनयिक समन्वय कितना निर्णायक हो सकता है। आने वाले दिनों में उनके स्वास्थ्य सुधार की प्रगति पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या ऐसी मदद केवल राजनीतिक पहुँच वाले परिवारों को मिलती है या एक संस्थागत ढाँचा है जो हर ज़रूरतमंद भारतीय नागरिक तक पहुँचता है। विदेश मंत्रालय के प्रवासी सहायता कोष की उपयोगिता और पहुँच पर पुनर्विचार की ज़रूरत इस तरह की घटनाओं से और स्पष्ट होती है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्ञानेंद्र तिवारी कौन हैं और उनके साथ क्या हुआ था?
ज्ञानेंद्र तिवारी मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के निवासी हैं, जिन्हें 15 अक्टूबर को दुबई में अचानक कार्डियक अरेस्ट आया। वे तीन सप्ताह से अधिक समय तक कोमा में रहे और दुबई के एक अस्पताल में भर्ती रहे।
ज्ञानेंद्र तिवारी को दुबई से वापस लाने में किसने मदद की?
मध्य प्रदेश सरकार के बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहल की और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से समन्वय किया। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और शहडोल की सांसद हिमाद्री सिंह ने भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई।
ज्ञानेंद्र तिवारी अभी कहाँ हैं और उनकी स्थिति कैसी है?
एयर एम्बुलेंस से भारत लाए जाने के बाद ज्ञानेंद्र तिवारी को दिल्ली एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है। उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में आधिकारिक विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
परिवार ने इस वापसी पर क्या कहा?
तिवारी के रिश्तेदार देवेंद्र तिवारी ने बताया कि परिवार उनकी वापसी को लेकर बेहद चिंतित था। परिवार ने केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों सभी का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस प्रक्रिया में सहयोग किया।
एयर एम्बुलेंस के ज़रिए विदेश से किसी मरीज़ को वापस लाने की प्रक्रिया क्या होती है?
विदेश में गंभीर रूप से बीमार भारतीय नागरिक को वापस लाने के लिए आमतौर पर विदेश मंत्रालय, स्थानीय भारतीय दूतावास/वाणिज्य दूतावास और संबंधित राज्य सरकार के बीच समन्वय ज़रूरी होता है। इस मामले में सरकारी व प्रशासनिक स्तर पर संयुक्त प्रयासों के बाद एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले