दुबई से एयर एम्बुलेंस से वापस लाए गए MP के ज्ञानेंद्र तिवारी, दिल्ली AIIMS में इलाज जारी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के निवासी ज्ञानेंद्र तिवारी को दुबई से एयर एम्बुलेंस के ज़रिए भारत वापस लाया गया है और उन्हें दिल्ली एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। 15 अक्टूबर को अचानक कार्डियक अरेस्ट आने के बाद तिवारी दुबई के एक अस्पताल में भर्ती हुए थे और तीन सप्ताह से अधिक समय तक कोमा में रहे।
क्या हुआ था दुबई में
ज्ञानेंद्र तिवारी दुबई में थे, जब 15 अक्टूबर को उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया और उन्हें तत्काल वहाँ के एक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वे तीन सप्ताह से अधिक समय तक कोमा में रहे, जिससे उनके परिवार की चिंता और परेशानी लगातार बढ़ती रही।
विदेश में लंबे समय तक गंभीर स्थिति में अस्पताल में पड़े रहने के कारण परिवार के सामने न केवल स्वास्थ्य संबंधी, बल्कि एक गंभीर रूप से बीमार मरीज़ को दूसरे देश से वापस लाने की लॉजिस्टिकल चुनौती भी खड़ी थी।
सरकारी पहल और समन्वय
गुरुवार देर रात मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तिवारी की स्वदेश वापसी के लिए स्वयं पहल की और इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से आवश्यक समन्वय किया। बयान में कहा गया, 'मुख्यमंत्री की पहल पर प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ जरूरी समन्वय किया गया।'
इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और शहडोल की सांसद हिमाद्री सिंह ने भी तिवारी की सुरक्षित वापसी और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए। बयान के अनुसार, सरकारी व प्रशासनिक स्तर पर हुए इन संयुक्त प्रयासों के फलस्वरूप दुबई से एयर एम्बुलेंस के ज़रिए उनकी वापसी संभव हो सकी।
परिवार की प्रतिक्रिया
ज्ञानेंद्र के रिश्तेदार देवेंद्र तिवारी ने बताया कि पूरा परिवार उनकी वापसी को लेकर बेहद चिंतित था। उन्होंने उन सभी लोगों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में मदद की।
देवेंद्र तिवारी ने परिवार की ओर से केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार, दोनों के साथ-साथ उन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति की स्वदेश वापसी को इतनी जटिल परिस्थिति में संभव बनाया।
AIIMS दिल्ली में उपचार
दुबई से एयर एम्बुलेंस द्वारा भारत लाए जाने के बाद ज्ञानेंद्र तिवारी को सीधे दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है। उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में अधिकृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि विदेश में अचानक गंभीर स्वास्थ्य संकट में फँसे भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी के लिए सरकारी हस्तक्षेप और राजनयिक समन्वय कितना निर्णायक हो सकता है। आने वाले दिनों में उनके स्वास्थ्य सुधार की प्रगति पर सभी की निगाहें टिकी हैं।