3 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी की तबीयत बिगड़ी, बुखार लौटने के बाद पटना से दिल्ली रवाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी की तबीयत बिगड़ी, बुखार लौटने के बाद पटना से दिल्ली रवाना

सारांश

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी को पटना के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ ही घंटों बाद बुखार लौट आया। 3 सितंबर को उन्हें दिल्ली रवाना किया गया। SC उप-वर्गीकरण पर सक्रिय बहस के बीच उनका यह स्वास्थ्य संकट बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी को 3 सितंबर को आगे के इलाज के लिए पटना से नई दिल्ली ले जाया गया।
पटना के मेदांता अस्पताल से बुधवार को छुट्टी मिलने के कुछ घंटों बाद देर रात बुखार दोबारा आने पर यह निर्णय लिया गया।
दिल्ली में कई चिकित्सीय परीक्षण होने की संभावना; स्वास्थ्य समस्याओं के दोबारा उभरने का कारण अभी अज्ञात।
मांझी हाल के हफ्तों में SC कोटे के उप-वर्गीकरण के मुद्दे पर राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ उप-वर्गीकरण पर सार्वजनिक मतभेद सामने आए हैं।

केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतनराम मांझी को गुरुवार, 3 सितंबर को आगे के इलाज के लिए पटना से नई दिल्ली ले जाया गया, जब बुधवार देर रात उनका बुखार फिर लौट आया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री मांझी की तबीयत का यह दूसरी बार बिगड़ना उनके समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों के लिए चिंता का सबब बन गया है।

स्वास्थ्य संकट का क्रम

मांझी को हाल ही में तबीयत खराब होने के बाद पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत में सुधार के बाद बुधवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालाँकि, उसी रात देर से बुखार दोबारा आने पर चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया गया। परिवार के सदस्य पूरी यात्रा के दौरान उनके साथ रहे।

दिल्ली में जाँच और उपचार

दिल्ली में मांझी के कई चिकित्सीय परीक्षण होने की संभावना है। स्वास्थ्य समस्याओं के दोबारा उभरने का सटीक कारण अभी तक सामने नहीं आया है। उनके परिवार के सदस्य और HAM के नेता परीक्षण परिणामों और डॉक्टरों की अगली सलाह का इंतजार कर रहे हैं।

राजनीतिक सक्रियता के बीच स्वास्थ्य संकट

गौरतलब है कि मांझी हाल के हफ्तों में राजनीतिक रूप से अत्यंत सक्रिय रहे हैं — विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) कोटे के भीतर उप-वर्गीकरण के मुद्दे पर। उन्होंने 2024 के सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का हवाला दिया है जिसमें कहा गया था कि राज्य संवैधानिक सीमाओं के भीतर रहते हुए SC कोटे में उप-वर्गीकरण कर सकते हैं।

मांझी का तर्क है कि कुछ समुदायों को ऐतिहासिक रूप से आरक्षण लाभों का असमान हिस्सा मिलता रहा है, जबकि आर्थिक और शैक्षिक रूप से अधिक वंचित समूह कम प्रतिनिधित्व में रहे हैं। उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए दावा किया है कि उप-वर्गीकरण से विभिन्न समुदायों के बीच आरक्षण लाभों का पुनर्वितरण संभव हुआ है।

चिराग पासवान से मतभेद

मांझी के इस रुख के कारण केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ सार्वजनिक मतभेद सामने आए हैं। जहाँ पासवान ने मौजूदा आरक्षण प्रणाली की किसी भी समीक्षा का विरोध किया है, वहीं मांझी और HAM उप-वर्गीकरण के पक्ष में खड़े हैं। यह मतभेद NDA के भीतर SC राजनीति की जटिलता को रेखांकित करता है।

बिहार में चिंता की लहर

मांझी के स्वास्थ्य की खबर से बिहार के राजनीतिक नेताओं और उनके समर्थकों में चिंता फैल गई है। HAM के नेता स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और डॉक्टरों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उनकी सेहत को लेकर अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संकेत है कि उम्रदराज नेताओं पर राजनीतिक दबाव का स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। SC उप-वर्गीकरण पर उनका रुख NDA के भीतर एक असहज सच्चाई उजागर करता है: दलित राजनीति एकजुट नहीं है। चिराग पासवान से उनका खुला मतभेद इस दरार को और गहरा करता है, जिसे अभी तक गठबंधन की सतह के नीचे दबाया जाता रहा है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीतनराम मांझी को दिल्ली क्यों ले जाया गया?
पटना के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ घंटों बाद बुधवार देर रात बुखार दोबारा आने पर चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें 3 सितंबर को आगे की जाँच और उपचार के लिए दिल्ली ले जाया गया।
जीतनराम मांझी की स्वास्थ्य स्थिति अभी कैसी है?
दिल्ली में उनके कई चिकित्सीय परीक्षण होने की संभावना है। स्वास्थ्य समस्याओं के दोबारा उभरने का सटीक कारण अभी सामने नहीं आया है और परिवार व HAM नेता डॉक्टरों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
जीतनराम मांझी कौन हैं?
जीतनराम मांझी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक हैं। वे केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं और NDA गठबंधन का हिस्सा हैं।
मांझी और चिराग पासवान के बीच विवाद किस मुद्दे पर है?
मांझी SC कोटे के भीतर उप-वर्गीकरण के समर्थक हैं ताकि सबसे वंचित समुदायों तक आरक्षण का लाभ पहुँचे, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान मौजूदा आरक्षण प्रणाली में किसी भी बदलाव के विरोध में हैं। 2024 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देकर मांझी ने इस माँग को और मजबूत किया है।
SC आरक्षण उप-वर्गीकरण पर सर्वोच्च न्यायालय का क्या फैसला है?
2024 में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला दिया कि राज्य संवैधानिक आवश्यकताओं के अधीन रहते हुए अनुसूचित जाति कोटे के भीतर उप-वर्गीकरण कर सकते हैं। मांझी इसी फैसले को आधार बनाकर राज्यों से SC लाभों के वितरण की जाँच की माँग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 12 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले