क्या झारखंड के अल्पसंख्यक मंत्री हफीजुल हसन की तबीयत बिगड़ी?

सारांश
Key Takeaways
- हफीजुल हसन की तबीयत अचानक बिगड़ी।
- उन्हें पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनका हाल लिया।
- डॉक्टरों ने स्थिति को स्थिर बताया है।
- उम्मीद है कि मंत्री जी जल्द स्वस्थ हो जाएंगे।
रांची, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और मधुपुर के विधायक हफीजुल हसन की तबीयत अचानक गुरुवार को बिगड़ गई। सांस लेने में कठिनाई और बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें तुरंत रांची के पारस अस्पताल में भर्ती किया गया।
चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को अभी स्थिर बताया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं अस्पताल पहुंचे और मंत्री हसन का हाल-चाल लिया। उनके साथ मंत्री इरफान अंसारी, विधायक दीपिका पांडेय, शिल्पी नेहा तिर्की, और संजय यादव सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और परिजनों को आश्वस्त किया कि सरकार पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है।
ज्ञात हो कि मंत्री हफीजुल हसन की पिछले महीने 8 जुलाई को दिल्ली के मेदांता अस्पताल में ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सुबह करीब 10 बजे हफीजुल हसन को सांस लेने में कठिनाई हुई और उन्हें अत्यधिक पसीना आ रहा था। इसके बाद उन्हें तुरंत पारस अस्पताल लाया गया।
डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में हृदय से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं पाई गई है। उनका सीटी स्कैन किया गया, जिसमें फेफड़ों में हल्का संक्रमण और निमोनिया जैसे लक्षण पाए गए हैं। अंसारी ने बताया कि हाल ही में हुए हार्ट ऑपरेशन को देखते हुए डॉक्टरों ने एहतियाती निगरानी में रखा है।
उन्होंने कहा, “स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। यह फूड एलर्जी और फेफड़ों में संक्रमण से संबंधित मामला है। घबराने की कोई बात नहीं है, मंत्री जी खतरे से बाहर हैं और जल्द स्वस्थ हो जाएंगे।” अस्पताल परिसर में हफीजुल हसन के समर्थक और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे हुए हैं। सभी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।