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चित्रकूट में मंदाकिनी का कहर: 1,438 लोग सुरक्षित निकाले, 50+ गाँव जलमग्न, 3 की मौत

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चित्रकूट में मंदाकिनी का कहर: 1,438 लोग सुरक्षित निकाले, 50+ गाँव जलमग्न, 3 की मौत

सारांश

मंदाकिनी नदी के उफान ने चित्रकूट के 50 से अधिक गाँवों को जलमग्न कर दिया। NDRF-SDRF ने 1,438 लोगों को सुरक्षित निकाला, 650 घर क्षतिग्रस्त, 70 ढहे और एक परिवार के तीन सदस्यों की जान गई। मौसम विभाग ने 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मुख्य बातें

चित्रकूट, सतना में मंदाकिनी नदी के उफान से 50 से अधिक गाँव जलमग्न, स्थिति 29 अगस्त 2026 से बनी हुई है।
NDRF ने 1,438 और SDRF ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित निकाला।
बाढ़ से 650 घर क्षतिग्रस्त , 70 घर पूरी तरह ढहे ; बराछी ग्राम पंचायत में घर ढहने से एक परिवार के 3 सदस्यों की मौत ।
मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब 138.52 मीटर दर्ज।
मौसम विभाग ने टीकमगढ़, दमोह के लिए रेड अलर्ट और 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
राज्य में अब तक 714.2 मिमी बारिश — सामान्य से 11% कम , लेकिन स्थानीय अतिवृष्टि ने संकट बढ़ाया।

मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान से उत्पन्न बाढ़ ने 50 से अधिक गाँवों को अपनी चपेट में ले लिया है। 3 सितंबर 2026 तक राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) ने मिलकर कम से कम 1,438 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। 29 अगस्त से जारी इस बाढ़ की स्थिति में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग ने बताया कि बाढ़ से अब तक करीब 650 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 70 घर पूरी तरह ढह गए हैं। कई निचले इलाके जलमग्न हैं, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। NDRF ने 1,438 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि SDRF ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से करीब 100 लोगों को अलग से बचाया है। बचाव दल नावों और अन्य उपकरणों की मदद से फँसे हुए लोगों तक पहुँच रहे हैं।

दर्दनाक हादसा: एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत

जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग ने गुरुवार को बताया कि कोतवाली कर्वी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत बराछी ग्राम पंचायत में भारी बारिश के कारण एक कच्चा घर ढह गया, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। जिला प्रशासन प्रभावित परिवार को सहायता पहुँचाने में जुटा है। यह घटना इस बात की गवाह है कि बाढ़ का खतरा केवल जलभराव तक सीमित नहीं, बल्कि कमज़ोर आवासों के लिए यह और भी घातक साबित होता है।

मंदाकिनी नदी और राहत कार्य

मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब लगभग 138.52 मीटर दर्ज किया गया है, जो प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। निकाले गए परिवारों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और प्रभावित लोगों को ज़रूरी सामग्री वितरित की जा रही है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर रहा है और जोखिम वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम जारी है। गौरतलब है कि मैहर में मुकुंदपुर मार्ग को बंद करना पड़ा, क्योंकि पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा था।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने टीकमगढ़ और दमोह के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, निवाड़ी, पन्ना, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा समेत 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसमी तंत्र 4 सितंबर को आगे बढ़ सकता है और राज्य के कई संभागों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

बारिश के आँकड़े और आगे की स्थिति

राज्य में अब तक 714.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य औसत 799.9 मिमी है — यानी कुल मिलाकर लगभग 11 प्रतिशत की कमी है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर अत्यधिक वर्षा ने चित्रकूट और आसपास के क्षेत्रों में संकट गहरा दिया है। प्रशासन ने कहा है कि और बारिश की संभावना को देखते हुए स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और बचाव दल पूरी तरह सतर्क हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थानीय अतिवृष्टि ने इतना नुकसान किया — यह जल प्रबंधन और आपदा-रोधी आवास नीति पर गंभीर पुनर्विचार की माँग करता है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति कब से बनी हुई है?
सतना जिले के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण 29 अगस्त 2026 से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। भारी बारिश और नदी के उफान ने 50 से अधिक गाँवों को प्रभावित किया है।
चित्रकूट बाढ़ में कितने लोगों को निकाला गया है?
NDRF ने 1,438 लोगों को और SDRF ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित निकाला है। निकाले गए परिवारों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और ज़रूरी सामग्री वितरित की जा रही है।
बराछी में हुई मौतों का क्या कारण है?
जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग के अनुसार, कोतवाली कर्वी पुलिस स्टेशन क्षेत्र की बराछी ग्राम पंचायत में भारी बारिश के बाद एक कच्चा घर ढह गया, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। जिला प्रशासन प्रभावित परिवार को सहायता पहुँचा रहा है।
मध्य प्रदेश में किन जिलों के लिए अलर्ट जारी है?
मौसम विभाग ने टीकमगढ़ और दमोह के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, निवाड़ी, पन्ना, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा समेत 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर कितना है और आगे क्या होगा?
मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब लगभग 138.52 मीटर दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसमी तंत्र 4 सितंबर को आगे बढ़ सकता है, इसलिए प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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