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चित्रकूट में मंदाकिनी का कहर: 1,438 लोग सुरक्षित निकाले, 50+ गाँव जलमग्न; दीवार गिरने से 3 की मौत

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चित्रकूट में मंदाकिनी का कहर: 1,438 लोग सुरक्षित निकाले, 50+ गाँव जलमग्न; दीवार गिरने से 3 की मौत

सारांश

मंदाकिनी के उफान ने चित्रकूट को संकट में डाल दिया है — 50 से अधिक गाँव जलमग्न, 1,438 लोग निकाले गए, 70 घर ढहे और एक परिवार के तीन सदस्यों की जान गई। मौसम विभाग के रेड-ऑरेंज अलर्ट के बीच 4 सितंबर को स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।

मुख्य बातें

मंदाकिनी नदी के उफान से चित्रकूट, सतना में 50 से अधिक गाँव जलमग्न, बाढ़ 29 अगस्त से जारी।
NDRF ने 1,438 और SDRF ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित निकाला।
650 घर क्षतिग्रस्त , 70 घर पूरी तरह ध्वस्त ; बराछी ग्राम पंचायत में कच्चा घर गिरने से एक परिवार के 3 सदस्यों की मौत ।
मंदाकिनी का जलस्तर 138.52 मीटर — खतरे के निशान के करीब।
टीकमगढ़ और दमोह के लिए रेड अलर्ट ; 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी।
राज्य में अब तक 714.2 मिमी बारिश — सामान्य से 11% कम।

मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान ने 50 से अधिक गाँवों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसके चलते प्रशासन ने 1,438 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। 29 अगस्त से जारी इस बाढ़ संकट में अब तक 650 घर क्षतिग्रस्त और 70 घर पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। कोतवाली कर्वी थाना क्षेत्र की बराछी ग्राम पंचायत में एक कच्चा घर ढहने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई।

मुख्य घटनाक्रम

जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने 1,438 लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकाला है, जबकि राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) ने करीब 100 लोगों को अलग-अलग इलाकों से बचाया है। बचाव दल नावों और अन्य उपकरणों की सहायता से जलमग्न क्षेत्रों में फँसे लोगों तक पहुँच रहे हैं।

मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान के करीब है। प्रशासन ने कहा है कि आगे और बारिश की संभावना को देखते हुए स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है।

राहत एवं बचाव कार्य

जिला प्रशासन, NDRF और SDRF की टीमें दिन-रात राहत अभियान में जुटी हैं। निकाले गए परिवारों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और प्रभावित लोगों को आवश्यक सामग्री वितरित की जा रही है। डीएम पुलकित गर्ग ने बताया कि प्रभावित इलाकों का सर्वे जारी है और जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

बराछी ग्राम पंचायत में हुई दुखद घटना के बाद जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सहायता पहुँचाने की पुष्टि की है।

सड़क संपर्क और आसपास के क्षेत्रों पर असर

बाढ़ का असर आसपास के इलाकों तक भी फैला है। मैहर में मुकुंदपुर मार्ग को बंद करना पड़ा, क्योंकि पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा था। इससे सड़क संपर्क बाधित हुआ और कई गाँव मुख्य मार्गों से कट गए।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने टीकमगढ़ और दमोह के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, निवाड़ी, पन्ना, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा समेत 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम प्रणाली 4 सितंबर को आगे बढ़ सकती है और राज्य के कई संभागों पर इसका व्यापक असर पड़ने की आशंका है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में अब तक 714.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य औसत 799.9 मिमी है — यानी कुल मिलाकर लगभग 11 प्रतिशत की कमी है।

आगे क्या

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे नहीं आता, बचाव और राहत अभियान जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में मानसून की तीव्रता बनी हुई है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की चेतावनी दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी कच्चे घर और अपर्याप्त जल-निकासी व्यवस्था जस की तस रहती है। 70 घरों का पूरी तरह ढहना और एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत यह सवाल खड़ा करती है कि बाढ़-पूर्व चेतावनी प्रणाली कमज़ोर इलाकों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुँचती है। राज्य में सामान्य से 11% कम बारिश के बावजूद इतनी तबाही, यह दर्शाती है कि समस्या केवल वर्षा की मात्रा नहीं, बल्कि नदी-प्रबंधन और आपदा-तैयारी का अभाव है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ कब से है और अब तक कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
मंदाकिनी नदी में बाढ़ की स्थिति 29 अगस्त से बनी हुई है और सतना जिले के 50 से अधिक गाँव इससे प्रभावित हैं। अब तक 1,438 लोगों को NDRF और करीब 100 लोगों को SDRF ने सुरक्षित निकाला है।
बराछी ग्राम पंचायत में हुई मौतें किस कारण हुईं?
जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग के अनुसार, कोतवाली कर्वी थाना क्षेत्र की बराछी ग्राम पंचायत में भारी बारिश के बाद एक कच्चा घर ढह गया, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। जिला प्रशासन पीड़ित परिवार को सहायता पहुँचा रहा है।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर अभी कितना है और क्या खतरा बना हुआ है?
मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान के करीब है। प्रशासन ने कहा है कि आगे और बारिश की संभावना को देखते हुए स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है।
मध्य प्रदेश के किन जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है?
मौसम विभाग ने टीकमगढ़ और दमोह के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, निवाड़ी, पन्ना, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा समेत 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है।
क्या 4 सितंबर के बाद स्थिति में सुधार होगा?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम प्रणाली 4 सितंबर को आगे बढ़ सकती है, लेकिन राज्य के कई संभागों पर इसका व्यापक असर पड़ने की आशंका है। राज्य में अब तक 714.2 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य 799.9 मिमी से करीब 11% कम है।
राष्ट्र प्रेस
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