चित्रकूट में मंदाकिनी का कहर: 1,438 लोग सुरक्षित निकाले, 50+ गाँव जलमग्न; दीवार गिरने से 3 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान ने 50 से अधिक गाँवों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसके चलते प्रशासन ने 1,438 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। 29 अगस्त से जारी इस बाढ़ संकट में अब तक 650 घर क्षतिग्रस्त और 70 घर पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। कोतवाली कर्वी थाना क्षेत्र की बराछी ग्राम पंचायत में एक कच्चा घर ढहने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई।
मुख्य घटनाक्रम
जिला मजिस्ट्रेट पुलकित गर्ग ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने 1,438 लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकाला है, जबकि राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) ने करीब 100 लोगों को अलग-अलग इलाकों से बचाया है। बचाव दल नावों और अन्य उपकरणों की सहायता से जलमग्न क्षेत्रों में फँसे लोगों तक पहुँच रहे हैं।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान के करीब है। प्रशासन ने कहा है कि आगे और बारिश की संभावना को देखते हुए स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है।
राहत एवं बचाव कार्य
जिला प्रशासन, NDRF और SDRF की टीमें दिन-रात राहत अभियान में जुटी हैं। निकाले गए परिवारों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और प्रभावित लोगों को आवश्यक सामग्री वितरित की जा रही है। डीएम पुलकित गर्ग ने बताया कि प्रभावित इलाकों का सर्वे जारी है और जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
बराछी ग्राम पंचायत में हुई दुखद घटना के बाद जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सहायता पहुँचाने की पुष्टि की है।
सड़क संपर्क और आसपास के क्षेत्रों पर असर
बाढ़ का असर आसपास के इलाकों तक भी फैला है। मैहर में मुकुंदपुर मार्ग को बंद करना पड़ा, क्योंकि पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा था। इससे सड़क संपर्क बाधित हुआ और कई गाँव मुख्य मार्गों से कट गए।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने टीकमगढ़ और दमोह के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, निवाड़ी, पन्ना, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा समेत 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम प्रणाली 4 सितंबर को आगे बढ़ सकती है और राज्य के कई संभागों पर इसका व्यापक असर पड़ने की आशंका है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में अब तक 714.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य औसत 799.9 मिमी है — यानी कुल मिलाकर लगभग 11 प्रतिशत की कमी है।
आगे क्या
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे नहीं आता, बचाव और राहत अभियान जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में मानसून की तीव्रता बनी हुई है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की चेतावनी दी गई है।