सेंसेक्स 358 अंक चढ़ा, आईटी शेयरों में 2% उछाल; मेटल-रियल्टी पर दबाव
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स ने 6 नवंबर 2026 को कमज़ोर वैश्विक संकेतों के बीच उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 358.36 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,668.37 के इंट्रा-डे उच्चतम स्तर को छुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 108.55 अंक चढ़कर 24,645.15 पर पहुँचा। अमेरिकी और एशियाई बाज़ारों में आई तेज़ गिरावट के बावजूद आईटी सेक्टर ने बाज़ार को सँभाले रखा।
बाज़ार का उतार-चढ़ाव
सेंसेक्स अपने पिछले बंद भाव 79,310.01 से 103.65 अंक ऊपर 79,413.66 पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही यह गिरकर 293.95 अंक नीचे 79,016.05 के दिन के निम्नतम स्तर पर पहुँच गया। बाद में बाज़ार ने मज़बूत रिकवरी की और 79,668.37 तक पहुँचा।
इसी तरह निफ्टी 50 अपने पिछले बंद भाव 24,536.60 के मुकाबले 24,538.20 पर फ्लैट खुला और 148.55 अंक गिरकर 24,388.05 के इंट्रा-डे लो तक पहुँचा, लेकिन बाद में 24,645.15 पर वापस आया।
आईटी सेक्टर का दमदार प्रदर्शन
निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत चढ़ा और बाज़ार की धारणा को सँभालने में अहम भूमिका निभाई। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, नैस्डैक में 5.6 प्रतिशत की तेज़ गिरावट डेटा सेंटर निवेश में संभावित मंदी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कारोबार की विकास दर को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण आई। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक तकनीकी शेयरों में आई इस गिरावट का भारतीय बाज़ार को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है, क्योंकि इससे विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी उभरते बाज़ारों की ओर बढ़ सकती है।
दबाव में रहे सेक्टर
व्यापक बाज़ारों में कमज़ोरी स्पष्ट दिखी। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल आधार पर सबसे अधिक दबाव मेटल शेयरों पर रहा और निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.7 प्रतिशत गिरा। निफ्टी रियल्टी में 1.56 प्रतिशत की कमज़ोरी रही, जबकि केमिकल, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में भी 1.34 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
एफआईआई की खरीदारी, डीआईआई बिकवाल
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख भारतीय बाज़ार के लिए सकारात्मक बना हुआ है। पिछले पाँच कारोबारी सत्रों में एफआईआई ने ₹35,781 करोड़ के शेयर खरीदे। गुरुवार को उन्होंने लगातार पाँचवें सत्र में ₹14,974 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने गुरुवार को ₹10,444 करोड़ के शेयर बेचे, जो लगातार बिकवाली का सिलसिला जारी रखते हुए है।
कच्चे तेल में उछाल और आगे की चाल
कमोडिटी बाज़ार में ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 100.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 91.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। विश्लेषकों के अनुसार निकट अवधि में वैश्विक बाज़ारों की अस्थिरता, कच्चे तेल की दिशा और विदेशी निवेशकों की गतिविधियाँ भारतीय शेयर बाज़ार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मज़बूत घरेलू आर्थिक संकेतक और एफआईआई की खरीदारी बाज़ार के लिए सकारात्मक कारक बने रहने की संभावना है।