सेंसेक्स 879 अंक उछला, निफ्टी 22,520 पर बंद; आईटी शेयरों ने दो दिन की गिरावट को पलटा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को लगातार दो कारोबारी सत्रों की गिरावट से उबरते हुए मजबूत वापसी की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स 879.09 अंक यानी 1.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 72,472.33 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 288.65 अंक यानी 1.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,520.45 पर स्थिर हुआ। इस रैली की मुख्य वजह आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी और भू-राजनीतिक तनाव में आई कमी रही।
आईटी शेयरों की अगुआई में बाजार की वापसी
निफ्टी आईटी इंडेक्स शुक्रवार का सबसे बड़ा गेनर रहा और 3 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। बाजार जानकारों के अनुसार, दूसरी तिमाही के आय सीजन की मजबूत शुरुआत और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित आय के मौकों पर बढ़ते निवेशक भरोसे ने आईटी सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा पहुँचाया। टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में रहे।
आईटी के अलावा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कमोडिटीज सहित लगभग सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। केवल निफ्टी ऑयल एंड गैस लाल निशान में रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रही चमक
व्यापक बाजार में भी खरीदारी का उत्साह दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 904.80 अंक यानी 1.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 58,787.30 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 103.60 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,153.70 पर स्थिर हुआ। लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप तीनों श्रेणियों में एक साथ खरीदारी आना बाजार की चौतरफा मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
सेंसेक्स पैक के प्रमुख गेनर और लूजर
सेंसेक्स के 30 शेयरों में आईटीसी, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एचयूएल, टाइटन, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, एमएंडएम, इंडिगो, एनटीपीसी, भारती एयरटेल और बजाज फाइनेंस गेनर्स रहे। केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज गिरावट के साथ बंद हुआ।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि हाल की भारी बिकवाली के बाद वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग ने इस राहत रैली को हवा दी। भू-राजनीतिक मोर्चे पर मिले संकेतों ने भी सेंटीमेंट सुधारा — रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई की आशंका कम हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई।
गौरतलब है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निकासी और वैश्विक बॉन्ड यील्ड का ऊँचा स्तर अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' के रुख के बाद निवेशकों की नजर अब सोमवार को जारी होने वाले घरेलू उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) डेटा पर है, जो ब्याज दरों की दिशा के बारे में नए संकेत दे सकता है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरी तिमाही (Q2) के कॉर्पोरेट नतीजों का प्रदर्शन इस रिकवरी के टिकाऊपन को तय करेगा। यदि आय सीजन अनुमान से बेहतर रहता है, तो बाजार में खरीदारी का सिलसिला जारी रह सकता है; अन्यथा FII की बिकवाली और वैश्विक दबाव फिर हावी हो सकते हैं।