सेंसेक्स 414 अंक उछला, 74,729 पर बंद; IT शेयरों की अगुआई में लगातार दूसरे दिन बाज़ार में तेज़ी
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को 413.66 अंक (0.56%) की बढ़त के साथ 74,729.27 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 148.80 अंक (0.65%) की मज़बूती के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ। निफ्टी IT सूचकांक की 3.92% की तूफ़ानी तेज़ी ने भारतीय शेयर बाज़ार को लगातार दूसरे दिन हरे निशान में रखा।
मुख्य घटनाक्रम
कारोबारी सत्र में निफ्टी IT शीर्ष बढ़त वाला सूचकांक रहा। इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज़, निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑटो, निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी कंज़म्प्शन, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी कमोडिटीज़, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी प्राइवेट बैंक बढ़त के साथ बंद हुए।
दूसरी तरफ, निफ्टी कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी FMCG, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी PSE और निफ्टी एनर्जी लाल निशान में बंद हुए।
लार्जकैप बनाम मिडकैप और स्मॉलकैप
लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में कारोबार सपाट रहा। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 67.50 अंक (0.11%) की कमज़ोरी के साथ 59,129.75 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 महज़ 1.90 अंक की मामूली गिरावट के साथ 19,129.80 पर बंद हुआ।
गेनर्स और लूज़र्स
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, TCS, इन्फोसिस, भारती एयरटेल, M&M, बजाज फाइनेंस, HCL Tech, NTPC, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुज़ुकी, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, इटरनल, HUL, ICICI बैंक और SBI प्रमुख गेनर्स रहे।
वहीं इंडिगो, रिलायंस इंडस्ट्रीज़, एशियन पेंट्स, BEL, L&T, ITC, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, HDFC बैंक और सन फार्मा लूज़र्स की श्रेणी में रहे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, IT शेयरों में लगातार खरीदारी इस सुधार की मुख्य वजह रही। मज़बूत तिमाही नतीजों और प्रबंधन की सकारात्मक टिप्पणियों ने IT क्षेत्र के आय-दृष्टिकोण में निवेशकों का भरोसा और गहरा किया है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मज़बूती ने भी बाज़ार की धारणा को सहारा दिया।
गौरतलब है कि FMCG क्षेत्र पर इनपुट लागत में वृद्धि के कारण दूसरी तिमाही में मार्जिन घटने की आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञों ने यह भी चेताया कि वैश्विक मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक जोखिमों के प्रति सावधानी बरतना ज़रूरी है।
आगे की राह
विश्लेषकों का कहना है कि यह तेज़ी तभी टिकाऊ होगी जब IT क्षेत्र से परे व्यापक आय वृद्धि भी दिखाई दे। यह ऐसे समय में आई है जब वैश्विक बाज़ारों में उतार-चढ़ाव जारी है और निवेशक कमाई की स्पष्टता को प्राथमिकता दे रहे हैं।