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सेंसेक्स 466 अंक की गिरावट के बावजूद निफ्टी हरे में, डिफेंस और आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी

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सेंसेक्स 466 अंक की गिरावट के बावजूद निफ्टी हरे में, डिफेंस और आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी

सारांश

शुक्रवार को बाजार में दोहरा रुख रहा — सेंसेक्स 466 अंक दबाव में था, पर निफ्टी हरे में टिका रहा। डिफेंस और आईटी सेक्टर ने बाजार को सहारा दिया, जबकि वैश्विक बॉन्ड यील्ड और घरेलू 7.8% जीडीपी ग्रोथ के बीच निवेशक संतुलन साधते नजर आए।

मुख्य बातें

4 सितंबर को सुबह 9:21 बजे सेंसेक्स 466 अंक (0.61%) गिरकर 76,619 पर और निफ्टी 46 अंक (0.20%) बढ़कर 23,916 पर था।
निफ्टी इंडिया डिफेंस ( 0.89% ) और निफ्टी आईटी ( 0.56% ) शीर्ष लाभ में रहे।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 83 अंक (0.42%) बढ़कर 20,134 पर; मिडकैप लगभग सपाट 63,237 पर।
डाओ जोन्स 1.18% और नैस्डैक 1.40% की बढ़त के साथ बंद; एशियाई बाजार भी हरे में।
विश्लेषकों के अनुसार घरेलू 7.8% जीडीपी ग्रोथ सकारात्मक, लेकिन अमेरिका-यूरोप में बॉन्ड यील्ड बढ़ना नकारात्मक कारक।

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 4 सितंबर को शुरुआती कारोबार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। सुबह 9:21 बजे IST पर बीएसई सेंसेक्स 466 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,619 पर था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 46 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की बढ़त लेकर 23,916 पर कारोबार कर रहा था। मजबूत वैश्विक संकेतों ने बाजार को आंशिक सहारा दिया, हालांकि घरेलू बेंचमार्क में दबाव बना रहा।

मुख्य घटनाक्रम

निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी आईटी शुरुआती सत्र के शीर्ष लाभ पाने वाले सूचकांकों में रहे — डिफेंस इंडेक्स 0.89 प्रतिशत और आईटी इंडेक्स 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में था। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसई भी बढ़त में कारोबार कर रहे थे।

दूसरी ओर, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटीज लाल निशान में थे, जो क्षेत्रीय स्तर पर सतर्कता की ओर संकेत करते हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप का हाल

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 63,237 के स्तर पर लगभग सपाट कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 83 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 20,134 पर था, जो छोटे निवेशकों में सीमित उत्साह का संकेत है।

प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन

सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडिगो, ट्रेंट, इन्फोसिस, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, एमएंडएम, आईटीसी, एसबीआई, एचसीएल टेक, एलएंडटी, पावर ग्रिड और टाटा स्टील लाभ में रहे। वहीं एक्सिस बैंक, इटरनल, भारती एयरटेल और एचयूएल दबाव में रहे।

वैश्विक बाजारों का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक माहौल रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे — डाओ जोन्स 1.18 प्रतिशत और नैस्डैक 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू स्तर पर 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि और निजी निवेश में तेजी जैसे सकारात्मक कारक बाजार को सहारा दे रहे हैं। हालांकि, अमेरिका, यूरोप, यूके और जापान में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना निवेशकों को सतर्क बनाए हुए है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक मंदी की आशंकाएँ अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई हैं और विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख अनिश्चित बना हुआ है। आगे चलकर वैश्विक बॉन्ड बाजार की दिशा और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर डिफेंस और आईटी जैसे चुनिंदा सेक्टर खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं। यह ऐसे समय में है जब 7.8% जीडीपी ग्रोथ जैसे मजबूत घरेलू आंकड़े और वैश्विक बॉन्ड यील्ड का दबाव एक साथ बाजार पर असर डाल रहे हैं। डिफेंस सेक्टर में लगातार खरीदारी सरकारी पूंजीगत व्यय की मजबूत पाइपलाइन को दर्शाती है, जो बाजार में एक संरचनात्मक थीम बन चुकी है। निवेशकों को अल्पकालिक वैश्विक उठापटक से परे इन सेक्टोरल अवसरों पर नजर रखनी होगी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 सितंबर को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ थे?
सुबह 9:21 बजे सेंसेक्स 466 अंक (0.61%) गिरकर 76,619 पर था, जबकि निफ्टी 46 अंक (0.20%) की बढ़त के साथ 23,916 पर कारोबार कर रहा था। दोनों प्रमुख सूचकांकों का विपरीत रुख बाजार में मिले-जुले संकेतों को दर्शाता है।
आज किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा तेजी रही?
निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.89%) और निफ्टी आईटी (0.56%) शुरुआती कारोबार में शीर्ष लाभ में रहे। इसके अलावा रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा, ऑयल एंड गैस और पीएसई भी हरे निशान में थे।
वैश्विक बाजारों का भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर रहा?
अमेरिकी बाजार डाओ जोन्स (1.18%) और नैस्डैक (1.40%) की बढ़त के साथ बंद हुए थे, और एशियाई बाजार — टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल — भी हरे में थे। इन सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार को आंशिक सहारा दिया।
बाजार के लिए मौजूदा नकारात्मक कारक कौन से हैं?
विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका, यूरोप, यूके और जापान में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना वैश्विक बाजारों के लिए प्रमुख नकारात्मक कारक है। इससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं, भले ही घरेलू स्तर पर 7.8% जीडीपी ग्रोथ जैसे आंकड़े मजबूत हों।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 63,237 पर लगभग सपाट रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 83 अंक (0.42%) की बढ़त के साथ 20,134 पर था। स्मॉलकैप में सीमित खरीदारी देखी गई।
राष्ट्र प्रेस
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