चिक्काबल्लापुर सड़क हादसा: PU छात्रा दीपिका की मौत, दो सहेलियाँ गंभीर; बस चालक फरार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर जिले में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के दिन एक दर्दनाक सड़क हादसे में प्री-यूनिवर्सिटी (PU) प्रथम वर्ष की छात्रा दीपिका (16) की मौत हो गई, जबकि दो अन्य छात्राएँ गंभीर रूप से घायल हैं। चिंतामणि-बेंगलुरु रोड पर कटमाचनाहल्ली गेट के पास हुए इस हादसे में एक तेज़ रफ़्तार निजी बस ने तीनों छात्राओं की टू-व्हीलर को टक्कर मार दी।
हादसे का घटनाक्रम
तीनों छात्राएँ चिंतामणि के एक निजी कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के बाद श्रावण शनिवार के अवसर पर कैवारा मंदिर जा रही थीं। पुलिस के अनुसार, जैसे ही वे कटमाचनाहल्ली गेट के पास यू-टर्न लेने का प्रयास कर रही थीं, पीछे से तेज़ गति से आ रही एक निजी बस ने उनके वाहन को ज़ोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बस के नीचे फँस गई और पूरी तरह चकनाचूर हो गई।
पीड़ित छात्राओं की स्थिति
दीपिका (16), जो कोलार जिले के श्रीनिवासपुर तालुक के आर गोल्लाहल्ली गाँव की निवासी थीं, हादसे में जान गँवा बैठीं। दूसरी छात्रा त्रिपुरा (16) के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें बेहतर उपचार के लिए बेंगलुरु के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) में भर्ती कराया गया है। तीसरी छात्रा स्मिता (16) का पैर टूट गया है और उनका उपचार कोलार के SNR अस्पताल में जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही चिंतामणि रूरल पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है। फरार चालक की तलाश की जा रही है।
झारखंड में भी भीषण हादसा
इसी दिन झारखंड के लातेहार जिले में भी एक अलग सड़क हादसे में करीब सात लोगों की मौत हो गई। चंदवा थाना क्षेत्र में लोहरदगा-चंदवा मुख्य मार्ग पर लुकुईया घाटी के समीप एक तेज़ रफ़्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर पहले एक मोटरसाइकिल से टकराया और फिर यात्रियों से भरे एक सवारी टेंपो के ऊपर पलट गया। कंटेनर के नीचे बाइक और टेंपो के दब जाने से कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया।
आगे की स्थिति
चिक्काबल्लापुर हादसे में फरार बस चालक की गिरफ़्तारी अभी बाकी है। त्रिपुरा की हालत नाज़ुक बताई जा रही है और NIMHANS में उनकी निगरानी जारी है। यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि त्योहारी दिनों पर सड़कों पर लापरवाही किस तरह अनमोल जीवन छीन लेती है।