7 नवंबर 2026
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अयोध्या दीपोत्सव 2026: CM योगी बोले — 'अवधपुरी का कण-कण आह्लादित है, सनातन सत्य का उद्घोष करें'

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अयोध्या दीपोत्सव 2026: CM योगी बोले — 'अवधपुरी का कण-कण आह्लादित है, सनातन सत्य का उद्घोष करें'

सारांश

अयोध्या में आज 10वाँ दिव्य दीपोत्सव है — और CM योगी ने एक्स पर लिखा कि 'अवधपुरी का कण-कण आह्लादित है।' उपराष्ट्रपति और विदेशी राजनयिकों की उपस्थिति इसे महज धार्मिक आयोजन नहीं, सांस्कृतिक कूटनीति का मंच भी बनाती है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 7 नवंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर अयोध्या दीपोत्सव की भव्यता और 'सनातन सत्य के उद्घोष' का आह्वान किया।
इस वर्ष 10वाँ दीपोत्सव आयोजित हो रहा है; पहला आयोजन 2017 में योगी सरकार ने शुरू किया था।
उपराष्ट्रपति , मित्र देशों के राजदूत , उच्चायुक्त और विदेशी राजनयिक इस आयोजन में सम्मिलित हो रहे हैं।
CM योगी ने देशवासियों से अपील की कि श्री राम जन्मभूमि पर दीप जलने के साथ-साथ वे अपने घर-आंगन में भी दीप जलाएँ।
आयोजन मां सरयू के घाटों पर लाखों दीपों की रोशनी से संपन्न होगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 नवंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अयोध्या में आयोजित 'दिव्य दीपोत्सव' को लेकर अपनी भावनाएँ साझा कीं और देशवासियों से 'सनातन सत्य के उद्घोष का उत्सव' मनाने का आह्वान किया। धर्म नगरी अयोध्या आज लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा में नहाने को तैयार है, जहाँ यह 10वाँ दीपोत्सव आयोजित हो रहा है।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर संस्कृत श्लोक — 'राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे, सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने' — के साथ पोस्ट आरंभ किया। उन्होंने लिखा: 'पावन, पुण्यसलिला मां सरयू की गोद में बसी धर्मनगरी श्री अयोध्या धाम अलौकिक उल्लास, गौरव और भक्ति के महाकुंभ 'दिव्य दीपोत्सव' हेतु पूर्ण रूप से सज्जित है।' उन्होंने आगे कहा कि 'अवधपुरी का कण-कण आज आह्लादित है, स्पंदित है।'

एक अन्य पोस्ट में योगी ने लिखा: 'दीपक केवल मिट्टी का एक पात्र नहीं, चेतना का जागरण है। वह युगों से हमें सीख दे रहा है कि अंधकार से लड़ना नहीं होता, केवल एक ज्योति जलानी होती है और अंधकार विदा हो जाता है।'

गणमान्य अतिथियों का स्वागत

मुख्यमंत्री ने आयोजन की गरिमा बढ़ाने के लिए पहुँच रहे उपराष्ट्रपति, विभिन्न मित्र देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों, राजनयिकों तथा देश-विदेश से आए विशिष्ट अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने पूज्य साधु-संतों और रामभक्तों को प्रभु श्री राम की पावन जन्मभूमि पर अभिनंदित किया।

योगी ने अपने संदेश में 'समता, समरसता, सांस्कृतिक एकात्मता और वसुधैव कुटुम्बकम्' के इस पर्व को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाने की कामना भी व्यक्त की।

10वाँ दीपोत्सव: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

गौरतलब है कि योगी सरकार ने 2017 में अयोध्या में दीपोत्सव का यह सिलसिला शुरू किया था। इस वर्ष यह 10वाँ दीपोत्सव है, जो पहले की तुलना में और अधिक भव्य रूप में आयोजित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा: 'वर्षों की प्रतीक्षा और करोड़ों सनातनी आस्थाओं का यह पावन प्रतिफल आज पुनः लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा बनकर अंधकार पर प्रकाश, सत्य और धर्म की शाश्वत विजय का उद्घोष करने जा रहा है।'

यह आयोजन मां सरयू के घाटों पर लाखों दीप प्रज्ज्वलित कर किया जाता है और हर वर्ष रिकॉर्ड स्थापित करने का प्रयास होता है।

देशवासियों से आह्वान

मुख्यमंत्री योगी ने देशवासियों से अपील की कि जब श्री राम जन्मभूमि पर दीप जलें, तो वे अपने-अपने घर-आंगन में भी दीप जलाएँ। उन्होंने कहा: 'आज हम सभी मां सरयू को साक्षी मानकर प्रभु श्री राम की प्राणों से प्रिय नगरी में 10वाँ दीपोत्सव मनाने जा रहे हैं। अयोध्या का दीपोत्सव हमारी आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है।' यह संदेश राष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता की व्यापक भावना को प्रतिबिंबित करता है।

आगे क्या

दीपोत्सव का मुख्य आयोजन 7 नवंबर 2026 की शाम अयोध्या के घाटों पर होगा, जहाँ उपराष्ट्रपति और विदेशी राजनयिक भी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति के दृष्टिकोण से भी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भाषा में भारत की सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन है। 2017 से शुरू हुआ यह सिलसिला 10वें वर्ष में अपनी परिपक्वता की ओर है, लेकिन सवाल यह भी है कि भव्यता और कूटनीतिक दिखावट से परे आम अयोध्यावासी और श्रद्धालु इस उत्सव से किस हद तक जुड़ते हैं। CM योगी का यह संदेश धार्मिक से राजनीतिक और फिर वैश्विक — तीनों आयामों को एक साथ साधने का प्रयास है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या दीपोत्सव 2026 कब और कहाँ हो रहा है?
अयोध्या दीपोत्सव 2026 का आयोजन 7 नवंबर 2026 को अयोध्या के मां सरयू के घाटों पर हो रहा है। यह 2017 से योगी सरकार द्वारा आयोजित किया जाने वाला 10वाँ दीपोत्सव है।
CM योगी ने दीपोत्सव को लेकर एक्स पर क्या लिखा?
CM योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि 'अवधपुरी का कण-कण आज आह्लादित है, स्पंदित है।' उन्होंने देशवासियों से 'सनातन सत्य के उद्घोष का उत्सव' मनाने और घर-आंगन में दीप जलाने का आह्वान किया।
इस वर्ष दीपोत्सव में कौन-कौन से विशिष्ट अतिथि शामिल हो रहे हैं?
इस वर्ष दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति के साथ-साथ विभिन्न मित्र देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और राजनयिक भी सम्मिलित हो रहे हैं। पूज्य साधु-संत और देश-विदेश से रामभक्त भी उपस्थित रहेंगे।
अयोध्या दीपोत्सव का इतिहास क्या है?
अयोध्या दीपोत्सव की शुरुआत 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार ने की थी। तब से हर वर्ष दिवाली के अवसर पर मां सरयू के घाटों पर लाखों दीप जलाए जाते हैं और यह आयोजन क्रमशः अधिक भव्य होता जा रहा है।
CM योगी के अनुसार दीपोत्सव का महत्त्व क्या है?
CM योगी के अनुसार अयोध्या का दीपोत्सव 'आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व' है। उन्होंने इसे 'अंधकार पर प्रकाश, सत्य और धर्म की शाश्वत विजय' का प्रतीक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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