7 नवंबर 2026
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अरुणाचल के पश्चिम कामेंग में NCB ने 458 एकड़ अवैध गांजे की खेती नष्ट की, 1.37 लाख किलो पौधे ध्वस्त

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अरुणाचल के पश्चिम कामेंग में NCB ने 458 एकड़ अवैध गांजे की खेती नष्ट की, 1.37 लाख किलो पौधे ध्वस्त

सारांश

NCB की ईटानगर यूनिट ने SSB, CRPF और अरुणाचल पुलिस के साथ मिलकर पश्चिम कामेंग में 458 एकड़ अवैध गांजे की खेती ध्वस्त की। 2026 में यह कार्रवाई 2025 के पूरे साल से आठ गुना अधिक — और यह सिर्फ पहला चरण है।

मुख्य बातें

NCB की ईटानगर जोनल यूनिट ने 26 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 के बीच पश्चिम कामेंग, अरुणाचल प्रदेश में 458 एकड़ अवैध गांजे की खेती नष्ट की।
अभियान में 1.37 लाख किलोग्राम से अधिक गांजे के पौधे जड़ से उखाड़े गए।
संयुक्त टीम में SSB, CRPF, अरुणाचल प्रदेश एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जिला प्रशासन सहित कुल 118 कर्मी शामिल थे।
2026 में अब तक की कार्रवाई 2025 के पूरे साल के मुकाबले आठ गुना से अधिक क्षेत्र में हुई।
अगले चरण में लोहित, नामसाई, तिरप, चांगलांग समेत अन्य जिलों में अफीम की खेती पर कार्रवाई की जाएगी।
अवैध नशीली खेती की सूचना टोल-फ्री नंबर 1933 पर दी जा सकती है।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की ईटानगर जोनल यूनिट ने 26 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 के बीच चलाए गए संयुक्त अभियान में अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले के कलाकतांग सब-डिवीजन में लगभग 458 एकड़ क्षेत्र में फैली अवैध गांजे की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में 1.37 लाख किलोग्राम से अधिक गांजे के पौधे जड़ से उखाड़े गए, जो मुख्यतः सामुदायिक भूमि पर उगाए जा रहे थे।

अभियान का विवरण और भाग लेने वाली एजेंसियाँ

इस संयुक्त अभियान में सशस्त्र सीमा बल (SSB), केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF), अरुणाचल प्रदेश एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, पश्चिम कामेंग पुलिस और जिला प्रशासन के कुल 118 कर्मियों ने हिस्सा लिया। यह अभियान का पहला चरण था।

दुर्गम पहाड़ी इलाकों में खेती वाली जगहों तक पहुँचने के लिए पश्चिम कामेंग पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा किए गए जमीनी सर्वे के साथ-साथ NCB द्वारा उपलब्ध कराई गई सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग किया गया। इस तकनीकी सहयोग ने टीमों को उन स्थानों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई जो सामान्यतः दुर्गम माने जाते हैं।

2025 की तुलना में आठ गुना अधिक कार्रवाई

आँकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक अरुणाचल प्रदेश में अवैध गांजे की खेती से मुक्त कराया गया कुल क्षेत्रफल 2025 के पूरे साल के आँकड़ों की तुलना में आठ गुना से भी अधिक हो चुका है। यह आँकड़ा यह संकेत देता है कि राज्य में अवैध नशीली फसलों के विस्तार की रफ्तार पहले की तुलना में कहीं अधिक थी, और इस वर्ष की कार्रवाई की तीव्रता भी असाधारण रही है।

नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026–2029 के तहत व्यापक रणनीति

यह अभियान 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026–2029)' के अंतर्गत चलाया जा रहा है, जिसमें अवैध खेती वाले प्रमुख हॉटस्पॉट्स की मैपिंग और केंद्र, राज्य तथा जिला स्तर की एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की रणनीति अपनाई गई है। आगामी चरणों में लोहित, लोअर दिबांग वैली, नामसाई, अंजाव, तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों में अफीम की खेती वाली जगहों को भी निशाना बनाया जाएगा।

देशव्यापी अभियान: हिमाचल और ओडिशा में भी कार्रवाई

गौरतलब है कि इससे पहले NCB के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित पार्वती घाटी में लगभग 592 एकड़ क्षेत्र को अवैध खेती से मुक्त कराया जा चुका है। वहीं ओडिशा में राज्य सरकार के 'मिशन जीरो कैनबिस कल्टीवेशन' में सहयोग करते हुए कंधमाल और बौध जिलों में कार्रवाई की गई, जिसमें अकेले कंधमाल में लगभग 30 एकड़ अवैध गांजे की फसल नष्ट की गई।

NCB ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध खेती या नशीले पदार्थों की तस्करी की जानकारी टोल-फ्री नंबर 1933 पर पूरी गोपनीयता के साथ दी जा सकती है। पूर्वोत्तर के इन संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में अवैध नशीली फसलों के विरुद्ध यह अभियान आने वाले महीनों में और अधिक व्यापक होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध खेती दशकों से जारी कैसे रही — और सैटेलाइट इमेजरी जैसी तकनीक पहले क्यों नहीं लगाई गई। 2025 की तुलना में आठ गुना अधिक कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि समस्या पहले कम आँकी गई थी, न कि यह कि खेती अचानक बढ़ी। विजन डॉक्यूमेंट 2026–2029 एक संरचित ढाँचा देता है, लेकिन पूर्वोत्तर के इन सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों में केवल फसल नष्ट करने से जड़ें नहीं कटतीं — जब तक वैकल्पिक आजीविका और सामुदायिक जुड़ाव न हो, अगले मौसम में फसल फिर उग सकती है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCB ने अरुणाचल प्रदेश में कितने क्षेत्र में गांजे की खेती नष्ट की?
NCB की ईटानगर जोनल यूनिट ने पश्चिम कामेंग जिले के कलाकतांग सब-डिवीजन में लगभग 458 एकड़ क्षेत्र में अवैध गांजे की खेती नष्ट की। इस दौरान 1.37 लाख किलोग्राम से अधिक गांजे के पौधे जड़ से उखाड़े गए।
यह अभियान कब से कब तक चला और इसमें कौन-सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
यह अभियान 26 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक चला। इसमें NCB, SSB, CRPF, अरुणाचल प्रदेश एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, पश्चिम कामेंग पुलिस और जिला प्रशासन के कुल 118 कर्मियों ने भाग लिया।
2026 में अरुणाचल में हुई यह कार्रवाई 2025 से कितनी अधिक है?
2026 में अब तक अरुणाचल प्रदेश में अवैध गांजे की खेती से मुक्त कराया गया कुल क्षेत्रफल 2025 के पूरे साल के आँकड़ों की तुलना में आठ गुना से भी अधिक है। यह इस वर्ष की कार्रवाई की असाधारण तीव्रता को दर्शाता है।
नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026–2029 क्या है?
यह NCB का एक रणनीतिक दस्तावेज़ है जिसके तहत अवैध नशीली फसलों के प्रमुख हॉटस्पॉट्स की मैपिंग कर केंद्र, राज्य और जिला स्तर की एजेंसियों के समन्वय से व्यापक अभियान चलाए जाते हैं। इसके अंतर्गत अरुणाचल प्रदेश के कई जिलों में अफीम की खेती वाली जगहों पर भी आगामी चरणों में कार्रवाई की जाएगी।
अवैध गांजे या नशीले पदार्थों की जानकारी कैसे दी जा सकती है?
NCB के अनुसार, अवैध खेती या नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचना टोल-फ्री नंबर 1933 पर पूरी गोपनीयता के साथ दी जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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