ममता बनर्जी के पास विचारधारा और विजन नहीं: शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने 29 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनके पास न कोई विचारधारा है, न कोई विजन। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए शाइना एनसी ने ममता बनर्जी के 'वोट चोरी' के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया।
ममता के 'वोट चोरी' आरोपों पर पलटवार
शाइना एनसी ने ममता बनर्जी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा, 'ममता बनर्जी को एसआईआर को छोड़ना चाहिए और अपने मतदाताओं पर फोकस करना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग अपना काम कर रहा है और फर्जी मतदाताओं तथा डबल वोटर्स को हटाना एक नियमित प्रक्रिया है। शाइना ने कहा, 'ममता बनर्जी की कोई विचारधारा और कोई विजन प्लान नहीं है, वो ऐसे बेबुनियादी आरोप लगाते रहेंगी।'
आरएसएस प्रमुख के न्यूयॉर्क कार्यक्रम पर गर्व
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क स्थित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम को लेकर शाइना एनसी ने कहा कि अमेरिका में एक लाख से अधिक हिंदू रहते हैं — जिनमें प्रोफेशनल्स, डॉक्टर, वकील, वैज्ञानिक और अन्य वर्ग शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'यह गर्व की बात है कि संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 'वसुधैव कुटुम्बकम' का संदेश वहाँ देंगे।' शाइना ने संघ को 100 वर्ष पुराना सांस्कृतिक संगठन बताते हुए कहा कि इसका एकमात्र लक्ष्य राष्ट्रवाद और सेवा है।
नेपाल त्रासदी पर भारत की भूमिका
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर शाइना एनसी ने कहा कि भारत ने हमेशा नेपाल की मदद की है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास लगातार संवाद में हैं तथा हेल्पलाइन भी सक्रिय की गई है। महाराष्ट्र के नेताओं एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस ने अहिल्यानगर, नासिक, मुंबई और पुणे से गए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए व्यक्तिगत रूप से संवाद किया।
नेपाल के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा
नेपाल के प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर शाइना एनसी ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा के पर्यावरणीय पहलुओं पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचा जा सके।
राजनीतिक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC और केंद्र की सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि ममता बनर्जी हाल के महीनों में चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठाती रही हैं। शिवसेना का यह पलटवार राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता की दरारों को भी उजागर करता है।