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यूसीसी की आवश्यकता और ममता बनर्जी की राजनीति पर शाइना एनसी का विचार

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यूसीसी की आवश्यकता और ममता बनर्जी की राजनीति पर शाइना एनसी का विचार

सारांश

शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने ममता बनर्जी पर यूसीसी को लेकर झूठा नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिला आरक्षण पर भी अपनी बात रखी। जानिए उन्होंने क्या कहा।

मुख्य बातें

यूसीसी की आवश्यकता पर जोर नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्ता महिला आरक्षण पर कांग्रेस की आलोचना पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता औपनिवेशिक मानसिकता पर सवाल

मुंबई, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर झूठा नैरेटिव फैलाना बंद करना चाहिए।

मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में शाइना एनसी ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) आज की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि ममता वोट बैंक की राजनीति क्यों कर रही हैं और छद्म-धर्मनिरपेक्षता का खेल क्यों खेल रही हैं। हम एक समान नागरिक संहिता लाना चाहते हैं, ताकि सभी नागरिकों को समान न्याय मिले और तुष्टीकरण न हो।

महिलाओं के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर उन्होंने कहा कि इस देश की महिलाओं को इस ऐतिहासिक कदम के लिए 27 साल का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक इच्छाशक्ति की प्रशंसा की।

शाइना एनसी ने कहा कि यह बिल लैंगिक समानता सुनिश्चित करते हुए महिलाओं को अपने इतिहास को लिखने का अवसर देगा। उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच केवल एक कठपुतली की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।

शिवसेना नेता ने कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने ही घर में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, तभी वह अंतरराष्ट्रीय मामलों में मध्यस्थता की बात सोच सकता है।

औपनिवेशिक मानसिकता पर सवाल उठाते हुए शाइना एनसी ने कहा कि हम अभी भी औपनिवेशिक मानसिकता क्यों जी रहे हैं। शहरों के नाम बदलने का कदम स्वागत योग्य है। छत्रपति शिवाजी महाराज और अहिल्याबाई होल्कर जैसी महान हस्तियों के नाम पर शहरों का नामकरण एक सकारात्मक दिशा में है। महाराष्ट्र में औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर तथा अहमदनगर का नाम बदलकर अहिल्या नगर करना इसी दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है। उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी नीति का अनुसरण कर रहे हैं।

महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस की बैठक पर उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी, जिसने ‘नारी शक्ति वंदन’ और महिला आरक्षण बिल को सब से लंबे समय तक अटकाए रखा, अब झूठे बहाने बना रही है। 27 साल बाद भी संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व मात्र 13-14 प्रतिशत है। ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम के तहत 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यदि कांग्रेस की सोच वास्तव में प्रगतिशील है, तो उसे भारत की 50 प्रतिशत आबादी यानी महिलाओं के समर्थन में खड़ा होना चाहिए।

पीएम मोदी के घुसपैठ वाले बयान पर उन्होंने कहा कि जो पार्टियां घुसपैठियों को पनाह देती रही हैं और बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों को बढ़ावा देती रही हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि मोदी सरकार और एनडीए भारतीय नागरिकों के हितों के साथ मजबूती से खड़े हैं। हम वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को संरक्षण नहीं देंगे, जो भारत की सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डालते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें नारी सशक्तीकरण और समानता के विचार शामिल हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) क्या है?
यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) सभी नागरिकों के लिए समान कानूनों का एक सेट है, जो व्यक्तिगत मामलों जैसे विवाह, तलाक, और विरासत को नियंत्रित करता है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य क्या है?
यह अधिनियम महिलाओं के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रयास करता है, जिससे उन्हें संसद में अधिक सीटें मिलेंगी।
शाइना एनसी का बयान किस पर केंद्रित था?
उनका बयान ममता बनर्जी के यूसीसी के खिलाफ झूठे नैरेटिव फैलाने पर केंद्रित था।
महिला आरक्षण बिल में कितनी सीटें आरक्षित की गई हैं?
महिला आरक्षण बिल के तहत 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
शिवसेना नेता ने पाकिस्तान के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने घर में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, तभी वह अंतरराष्ट्रीय मामलों में मध्यस्थता की बात कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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