अमृतसर में हथियार-हेरोइन तस्करी नेटवर्क ध्वस्त: 8 गिरफ्तार, 11 पिस्तौल व 2.29 किलो हेरोइन जब्त
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस ने 30 अक्टूबर 2026 को अमृतसर में एक संगठित हथियार और हेरोइन तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस की इस कार्रवाई में 11 पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और 2.293 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में स्थित अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे। ये हैंडलर्स कथित तौर पर आरोपियों के ज़रिए अवैध हथियारों की आपूर्ति कर उन्हें आपराधिक तत्वों तक पहुँचाने का काम कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध अमृतसर के छेहरटा और ए-डिवीजन थाना क्षेत्रों में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन और पूरे तंत्र का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।
पिछली कार्रवाई से संबंध
यह ऐसे समय में आया है जब मात्र तीन दिन पहले, 27 अक्टूबर 2026 को, काउंटर इंटेलिजेंस (CI) अमृतसर ने एक अलग हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए तीन तस्करों को 10 विदेशी अति-आधुनिक 30 बोर पिस्तौल और मैगजीनों सहित गिरफ्तार किया था। DGP गौरव यादव ने उस कार्रवाई को सीमा पार से अवैध हथियारों की आवक रोकने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा बताया था।
गौरतलब है कि एक सप्ताह के भीतर अमृतसर में दो बड़ी तस्करी कार्रवाइयाँ पंजाब में सीमा-पार तस्करी की बढ़ती चुनौती को रेखांकित करती हैं।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
DGP गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त नेटवर्क को पूरी तरह नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य को सुरक्षित और नशा-मुक्त बनाने के उद्देश्य से ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
आम जनता पर असर
अमृतसर पाकिस्तान सीमा से सटा होने के कारण सीमा-पार तस्करी का एक संवेदनशील केंद्र रहा है। अवैध हथियारों की आपूर्ति आपराधिक गिरोहों को सशक्त बनाती है, जिससे क्षेत्र में आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होती है। हेरोइन की बरामदगी पंजाब में नशे की समस्या से लड़ाई के संदर्भ में भी महत्त्वपूर्ण है।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और उनके विदेशी हैंडलर्स तक पहुँचने के प्रयास जारी हैं। जाँच एजेंसियाँ इस तस्करी मॉड्यूल की पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने में जुटी हैं।