अमृतसर में 10 किलो हेरोइन और 10 अवैध पिस्तौलें बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार; दुबई-अमेरिका कनेक्शन का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 2 अक्टूबर 2026 को अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले दो अलग-अलग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 10 किलो हेरोइन तथा 10 अवैध पिस्तौलें बरामद की गईं। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, कथित तौर पर इन तस्करों के दुबई और अमेरिका में बैठे संचालकों से सीधे संपर्क थे।
मुख्य घटनाक्रम
पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। डीजीपी के बयान के अनुसार, थाना घरिंडा, अमृतसर में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और संपूर्ण नेटवर्क का नक्शा तैयार करने के लिए जाँच जारी है।
इसी सिलसिले में गुरदासपुर पुलिस ने भी एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया। उस अभियान में 4 आरोपी गिरफ्तार हुए और उनके कब्जे से सात पिस्तौलें — जिनमें एक ग्लॉक और छह .30 कैलिबर की पिस्तौलें शामिल हैं — तथा आठ मैगजीन बरामद की गईं। कलानौर पुलिस स्टेशन में संबंधित एफआईआर दर्ज की गई है।
विदेशी कनेक्शन का खुलासा
डीजीपी के बयान के अनुसार, अमृतसर और गुरदासपुर दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपियों के विदेश में बैठे संचालकों से संबंध थे। दुबई में मौजूद एक व्यक्ति से 'बैकवर्ड लिंकेज' और अमेरिका में मौजूद एक व्यक्ति से 'फॉरवर्ड लिंकेज' का खुलासा हुआ है। माना जा रहा है कि इन्हीं विदेशी संपर्कों ने आरोपियों को अवैध हथियार इकट्ठा करने के निर्देश दिए थे।
गौरतलब है कि पंजाब की सीमा पाकिस्तान से सटी है और यह क्षेत्र लंबे समय से ड्रोन-आधारित हथियार तथा नशीले पदार्थों की तस्करी का केंद्र बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें सीमावर्ती जिलों में निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं।
पुलिस की व्यापक रणनीति
पंजाब पुलिस के महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि राज्य को नशामुक्त और हथियार-तस्करी से मुक्त करने की मुहिम जारी रहेगी। सीमा से सटे जिलों — अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, फिरोजपुर — में पुलिस लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। अधिकारियों के अनुसार, हालिया गिरफ्तारियाँ एक व्यापक समन्वित अभियान का हिस्सा हैं।
आगे की जाँच
दोनों मामलों में पूरे नेटवर्क की मैपिंग के लिए जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, विदेशी कनेक्शन की पुष्टि के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचित किया जा सकता है। आगामी सप्ताहों में और गिरफ्तारियाँ संभावित बताई जा रही हैं।