अमृतसर पुलिस ने तीन तस्करी नेटवर्क तोड़े, 12 पिस्तौल-2 ग्रेनेड समेत 11 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को संगठित अपराध, अवैध हथियारों और नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन अलग-अलग आपराधिक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 12 अवैध पिस्तौल, 2 हैंड ग्रेनेड, 310.10 ग्राम हेरोइन और 33 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पंजाब पुलिस के डीजीपी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेशों में बैठे हैंडलरों और गैंगस्टरों के संपर्क में थे। इन विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर ड्रोन के माध्यम से अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप पंजाब में पहुंचाई जाती थी।
बरामद हथियारों और नशे की सप्लाई आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों तक पहुंचाई जाती थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के विदेशी संपर्कों और स्थानीय सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है।
आतंक का तरीका
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अवैध हथियारों का उपयोग लोगों को डराने-धमकाने के लिए करते थे। रंगदारी की मांग को पूरा कराने के लिए लोगों के घरों और दुकानों पर फायरिंग की जाती थी, ताकि इलाके में दहशत का माहौल बनाकर पीड़ितों को झुकने पर मजबूर किया जा सके।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में ड्रोन के जरिए हथियार और नशे की तस्करी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
डीजीपी के अनुसार इस मामले में अमृतसर के तीन थानों — थाना रणजीत एवेन्यू, थाना छेहरटा और थाना सुल्तानविंड — में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास जारी है।
जांच का दायरा
पुलिस जांच का मुख्य उद्देश्य इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, हथियार सप्लायरों, नशा तस्करों और विदेशों में बैठे हैंडलरों की पहचान करना है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितनी खेप ड्रोन के माध्यम से पंजाब में भेजी गई और इनका उपयोग किन आपराधिक वारदातों में हुआ।
आगे क्या होगा
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध, अवैध हथियारों की तस्करी और नशा तस्करी के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि ऐसे आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर पंजाब को सुरक्षित और नशामुक्त बनाने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है। विदेशी हैंडलरों तक पहुंचने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय भी संभव है।